चरवाहे का बेटा कैसे बना ईरान का सबसे खौफनाक बादशाह, कहानी नादिर शाह की जिसने दिल्ली में कराया नरसंहार

आज जब दुनिया की खबरों में बार-बार ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और टकराव की चर्चा होती है, तब इतिहास का एक दिलचस्प अध्याय भी याद आता है। करीब 300 साल पहले इसी ईरान की धरती से एक ऐसा शासक उभरा था, जिसने अपनी ताकत और युद्ध कौशल से पूरी दुनिया को चौंका दिया।
शासक नादिर शाह (Nadir Shah)
शासक नादिर शाह (Nadir Shah) Ai
Published on
Updated on
4 min read

आज जब दुनिया की खबरों में बार-बार ईरान (Iran) और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States Of America) के बीच बढ़ते तनाव और टकराव की चर्चा होती है, तब इतिहास का एक दिलचस्प अध्याय भी याद आता है। करीब 300 साल पहले इसी ईरान की धरती से एक ऐसा शासक उभरा था, जिसने अपनी ताकत और युद्ध कौशल से पूरी दुनिया को चौंका दिया। क्या आप जानतें हैं कि वह शासक कौन था? हम बात कर रहें है ईरान के शासक नादिर शाह (Nadir Shah) की।

कहा जाता है कि उसके पिता एक साधारण चरवाहे थे और बचपन में उसने गरीबी, संघर्ष और अपमान सब कुछ झेला। लेकिन इन्हीं कठिन परिस्थितियों ने उसे मजबूत और महत्वाकांक्षी बना दिया। धीरे-धीरे उसने अपनी सेना बनाई और अपनी बहादुरी व सैन्य कौशल के दम पर सत्ता की सीढ़ियाँ चढ़ता गया। आखिरकार वही चरवाहे का बेटा आगे चलकर ईरान (Iran) का बादशाह बना। उसकी कहानी सिर्फ एक राजा की नहीं, बल्कि सत्ता, युद्ध, महत्वाकांक्षा और क्रूरता की ऐसी कहानी है जिसने इतिहास की दिशा ही बदल दी। तो चलिए थोड़ा विस्तार से जानते हैं, ईरान के शासक नादिर शाह (Nadir Shah) के बारे में।

चरवाहे का बेटा कैसे बना ईरान का बादशाह

आज दुनिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखकर कई लोग सोचते हैं कि क्या ईरान हमेशा से इतना शक्तिशाली और जुझारू रहा है। अगर इतिहास के पन्ने पलटें तो पता चलता है कि एक समय ऐसा भी था जब ईरान (Iran) कमजोर हो चुका था। उसी दौर में एक गरीब परिवार में जन्म लेने वाला लड़का आगे चलकर पूरी दुनिया के लिए खौफ का नाम बन गया। यह लड़का था नादिर शाह (Nadir Shah) , जिसका जन्म 1688 में ईरान के खुरासान क्षेत्र में हुआ था। उसका असली नाम नादिर क़ुली बेग था। उसके पिता एक साधारण चरवाहे थे और परिवार बहुत गरीब था। बचपन में ही उसके पिता की मृत्यु हो गई और परिवार पर संकट आ गया। कहा जाता है कि एक समय ऐसा भी आया जब नादिर को गुलाम बनाकर बेच दिया गया था, लेकिन बाद में वह किसी तरह भाग निकला।

नादिर शाह (Nadir Shah)
नादिर शाह (Nadir Shah) Wikimedia Commons

गरीबी और संघर्ष से भरे इस बचपन ने नादिर को बेहद कठोर और महत्वाकांक्षी बना दिया। धीरे-धीरे उसने कुछ साथियों को इकट्ठा किया और एक छोटी सेना तैयार कर ली। शुरुआत में वह एक तरह से लुटेरा और योद्धा दोनों था, लेकिन उसके अंदर असाधारण सैन्य प्रतिभा थी। यही प्रतिभा आगे चलकर उसकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

सैनिक से सेनापति बनने तक का सफर

उस समय ईरान (Iran) में सफ़वीद साम्राज्य कमजोर पड़ चुका था और अफगान आक्रमणकारियों ने कई इलाकों पर कब्जा कर लिया था। नादिर ने इसी मौके का फायदा उठाया। उसने ईरान के शासक की मदद करते हुए अफगान सेना को हराया और धीरे-धीरे अपनी ताकत बढ़ा ली। उसकी सेना बेहद अनुशासित और तेज़ थी। उसने न केवल अफगानों को हराया बल्कि ओटोमन साम्राज्य और रूस जैसी शक्तियों को भी चुनौती दी। उसकी लगातार जीत ने उसे ईरान का सबसे शक्तिशाली सैन्य नेता बना दिया।आखिरकार 1736 में उसने सफ़वीद शासक को हटाकर खुद को ईरान का शाह यानी बादशाह घोषित कर दिया। इस तरह एक साधारण चरवाहे का बेटा ईरान का शासक बन गया और एक नए साम्राज्य की स्थापना हुई।

जब नादिर शाह ने किया भारत पर हमला और हुआ दिल्ली का नरसंहार

नादिर शाह (Nadir Shah) की सबसे प्रसिद्ध और डरावनी घटना 1739 में हुई, जब उसने भारत पर हमला किया। उस समय भारत में मुगल साम्राज्य कमजोर हो चुका था और उसके शासक थे मुहम्मद शाह । दिल्ली (Delhi) में एक अफवाह फैल गई कि नादिर शाह की हत्या हो गई है। इसके बाद कुछ लोगों ने ईरानी सैनिकों पर हमला कर दिया। जब नादिर शाह को यह पता चला तो वह गुस्से से पागल हो गया। उसने अपने सैनिकों को दिल्ली में खुला नरसंहार करने का आदेश दे दिया। इतिहासकारों के अनुसार केवल एक दिन में लगभग 20,000 से 30,000 लोगों को मार दिया गया। शहर में लूटपाट मच गई, घर जला दिए गए और हजारों महिलाओं व बच्चों को गुलाम बना लिया गया। इतना ही नहीं, नादिर शाह दिल्ली से मुगलों का प्रसिद्ध मयूर सिंहासन और दुनिया के मशहूर हीरे कोहिनूर को भी लूटकर ईरान ले गया।

ईरान का क्रूर शासक

इतिहास में कई शासकों को उनकी कठोर नीतियों और युद्धों के कारण क्रूर कहा गया है। भारत के मुगल शासक औरंगजेब (Aurangzeb) को भी कई इतिहासकार कठोर शासक मानते हैं। लेकिन नादिर शाह की क्रूरता कई मामलों में उससे भी ज्यादा मानी जाती है। दिल्ली का नरसंहार, लगातार युद्ध और कठोर कर वसूली के कारण उसके शासन में हजारों लोगों की जान गई और ईरान (Iran) की जनता भी परेशान हो गई। कहा जाता है कि जैसे-जैसे नादिर शाह (Nadir Shah) बूढ़ा होता गया, वह और ज्यादा संदेही और निर्दयी बनता गया। उसने अपने ही बेटे की आँखें निकलवा दीं क्योंकि उसे शक था कि वह उसके खिलाफ साजिश कर रहा है।

आखिर में कैसे हुआ अंत?

इतनी ताकत और डर के बावजूद नादिर शाह का अंत भी उतना ही नाटकीय था। उसके अत्याचारों से परेशान होकर उसके ही सैनिकों और सरदारों ने उसके खिलाफ साजिश रच दी।1747 में जब वह एक विद्रोह को दबाने के लिए अभियान पर था, उसी दौरान उसके अपने सैनिकों ने उसकी हत्या कर दी। उसकी मौत के बाद उसका विशाल साम्राज्य जल्दी ही टूट गया और कई छोटे-छोटे राज्यों में बंट गया। [SP/MK]

शासक नादिर शाह (Nadir Shah)
जब महात्मा गांधी पर लगा राजद्रोह का आरोप! 6 साल की जेल, सजा सुनाते वक्त जज भी हुआ भावुक

Related Stories

No stories found.
logo
www.newsgram.in