

भारतीय सिनेमा के इतिहास में अगर किसी गायक की आवाज़ ने पीढ़ियों को एक साथ जोड़ा है, तो वह हैं किशोर कुमार (Kishor Kumar)। उनकी आवाज़ में ऐसा जादू था जो हर भावना को जीवंत कर देता था। 60, 70 और 80 के दशक में उनके गाए गीतों ने बॉलीवुड संगीत को नई पहचान दी। दिलचस्प बात यह है कि किशोर कुमार (Kishor Kumar) सिर्फ गायक ही नहीं थे, बल्कि एक बेहतरीन अभिनेता, संगीतकार और फिल्म निर्माता भी थे। उनकी गायकी में जो सादगी और भावनाएँ थीं, वही उन्हें बाकी गायकों से अलग बनाती थीं। यही वजह है कि समय बदल गया, संगीत के अंदाज़ बदल गए, लेकिन उनके गानों की लोकप्रियता आज भी उतनी ही है। तो आइए आज जानते हैं उनके ऐसे 10 अमर गीतों के बारे में जिसने लोगों के दिलों पर राज़ किया।
1969 में रिलीज़ हुई फिल्म आराधना (Aradhana) का मशहूर गीत “रूप तेरा मस्ताना” हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार रोमांटिक गानों में गिना जाता है। किशोर कुमार की मखमली आवाज़ ने इस गीत को एक खास जादू दिया। इसका संगीत महान संगीतकार एस डी बर्मन (S. D. Burman) ने तैयार किया था। दिलचस्प बात यह है कि यह गाना एक ही शॉट में फिल्माया गया था, जो उस समय एक अनोखा प्रयोग माना गया और इसी वजह से यह गीत और भी खास बन गया।
1969 में आई फिल्म आराधना का सुपरहिट गीत “मेरे सपनों की रानी” आज भी लोगों के दिलों में खास जगह रखता है। किशोर कुमार (Kishor Kumar) की चुलबुली और दिलकश आवाज़ ने इस गाने को बेहद यादगार बना दिया। इसका संगीत महान संगीतकार एस डी बर्मन (S. D. Burman) ने तैयार किया था। फिल्म में यह गीत राजेश कुमार पर फिल्माया गया है, जो ट्रेन में बैठे-बैठे शर्मिला टैगोर को देखते हुए गुनगुनाते नजर आते हैं। पहाड़ों और चलती ट्रेन के बीच फिल्माया गया यह दृश्य इस गाने को और भी यादगार बना देता है।
1973 में रिलीज़ हुई फिल्म ब्लैकमेल का मशहूर गीत “पल पल दिल के पास” हिंदी सिनेमा के सबसे मधुर रोमांटिक गानों में गिना जाता है। किशोर कुमार की भावपूर्ण आवाज़ इस गीत को बेहद खास बना देती है। इस गाने का संगीत मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याण जी(Kalyan ji) - आनंद जी (Anand Ji) ने तैयार किया था। यह गीत धर्मेन्द्र पर फिल्माया गया है, जिसमें प्यार की सादगी और गहराई खूबसूरती से दिखाई देती है। यही वजह है कि यह गीत आज भी प्रेम गीतों की सूची में बेहद खास माना जाता है।
1971 में रिलीज़ हुई फिल्म अंदाज का लोकप्रिय गीत “जिंदगी एक सफर है सुहाना” जीवन को खुलकर जीने का खूबसूरत संदेश देता है। इस गाने को किशोर कुमार ने अपनी जोशीली और मस्ती भरी आवाज़ में गाया जबकि संगीत दिया है मशहूर जोड़ी शंकर - जयकिशन (Shankar - Jaykishan) ने। फिल्म में यह गीत राजेश खन्ना पर फिल्माया गया यह गीत उनकी बेफिक्र अदाएं के संदेश को और भी जीवंत बना देती हैं। आज भी यह गीत लोगों को जिंदगी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।
1972 में आई फिल्म मेरे जीवन साथी का लोकप्रिय गीत “ओ मेरे दिल के चैन” सुनते ही एक मधुर रोमांटिक एहसास जगाता है। किशोर कुमार की दिल को छू लेने वाली आवाज़ ने इस गाने को खास बना दिया। इसका संगीत महान संगीतकार आर. डी. बर्मन (R. D. Burman) ने तैयार किया था। राजेश खन्ना की दिलकश मुस्कान और अदाएं इस गाने की रोमांटिक भावना को और भी गहरा बना देती हैं।
1971 में रिलीज़ हुई फिल्म कटी पतंग का मशहूर गीत “ये शाम मस्तानी” सुनते ही एक सुकून भरा रोमांटिक माहौल बन जाता है। किशोर कुमार की मखमली आवाज़ ने इस गाने को बेहद खास बना दिया, जबकि इसका मधुर संगीत आर. डी. बर्मन (R. D. Burman) ने तैयार किया था। इस फिल्म में राजेश खन्ना का रोमांटिक अंदाज़ इस गाने को और भी खास बना देते हैं। इसलिए यह गीत आज भी पुराने गानों की पसंदीदा सूची में शामिल है।
1972 में रिलीज़ हुई फिल्म अमर प्रेम का भावनात्मक गीत “चिंगारी कोई भड़के” अपने गहरे दर्द और अर्थपूर्ण शब्दों के लिए जाना जाता है। किशोर दा की संवेदनशील आवाज़ इस गाने की भावनाओं को और गहरा बना देती है। वहीं इसका दिल छू लेने वाला संगीत आर. डी. बर्मन (R. D. Burman) ने तैयार किया था। फिल्म में यह गीत राजेश खन्ना पर फिल्माया गया है, जिसकी वजह से यह गाना और भी प्रभावशाली बन जाता है।
1958 में आई फिल्म चलती का नाम गाडी का लोकप्रिय गीत “एक लड़की भीगी भागी सी” अपनी हल्की-फुल्की रोमांटिक मस्ती के लिए जाना जाता है। किशोर कुमार (Kishor Kumar) की चुलबुली आवाज़ इस गाने को बेहद दिलचस्प बना देती है। इसका मधुर संगीत मशहूर संगीतकार एस डी बर्मन (S. D. Burman) ने तैयार किया था। बारिश के बीच फिल्माया गया यह गीत अपने मजेदार अंदाज़ और रोमांटिक माहौल के कारण आज भी दर्शकों के बीच उतना ही पसंद किया जाता है।
1958 में रिलीज़ हुई फिल्म चलती का नाम गाडी का चुलबुला गीत “हाल कैसा है जनाब का” आज भी श्रोताओं को मुस्कुराने पर मजबूर कर देता है। इस गाने को किशोर दा और आशा भोसले ने मिलकर बड़े मजेदार अंदाज़ में गाया था जबकि संगीत प्रसिद्ध संगीतकार S. D. Burman ने तैयार किया था। फिल्म में इस गाने की हल्की-फुल्की नोकझोंक और मस्ती भरा अंदाज़ इसे आज भी उतना ही यादगार बनाता है।
1970 में रिलीज़ हुई फिल्म सफर का मशहूर गीत “ज़िंदगी का सफर” जीवन की सच्चाइयों को बहुत खूबसूरती से बयां करता है। इस गीत को किशोर कुमार ने अपनी गहरी और भावपूर्ण आवाज़ में गाया था। इसका मधुर संगीत कल्याण जी - आनंद जी ने तैयार किया था। फिल्म में यह गीत राजेश खन्ना पर फिल्माया गया है और इसके अर्थपूर्ण बोल आज भी श्रोताओं के दिल को छू लेते हैं। [SP/MK]