कौन हैं 'जेन जी मेडागास्कर' आंदोलन के वो 'चार' अहम किरदार, जिनकी गिरफ्तारी से मचा बवाल

मेडागास्कर एक छोटे से अंतराल के बाद फिर जल रहा है। इसकी वजह हैं वो चार गिरफ्तारियां जो देश के युवाओं को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर गईं।
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मेडागास्कर एक छोटे से अंतराल के बाद फिर जल रहा है। इसकी वजह हैं वो चार गिरफ्तारियां जो देश के युवाओं को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर गईं।

पूर्वी अफ्रीका के इस देश में हालिया गिरफ्तारियों ने जेन जी को उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य कर दिया। पिछले साल हुए बड़े पैमाने के विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता में आई सैन्य सरकार को लेकर अब निराशा बढ़ती दिख रही है।

दरअसल, 12 अप्रैल को चार युवा कार्यकर्ताओं— हेरिजो एंड्रियामैनेंटेना, मियोरा राकोटोमालाला, दीना रैंड्रियानारिसोआ और नोमेना रत्सीहोरीमनाना को गिरफ्तार कर लिया गया। ये सभी 10 अप्रैल को हुए उस प्रदर्शन में शामिल थे, जिसमें सरकार से चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग की गई थी।

इन कार्यकर्ताओं पर “राज्य की सुरक्षा को कमजोर करने” और “आपराधिक साजिश” जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि उनके वकील का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं और इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है।

माइकल रैंड्रियानिरिना अक्टूबर 2025 में तख्तापलट कर सत्ता पर काबिज हुए थे। यह तख्तापलट हफ्तों तक चले युवा-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के बाद हुआ था, जिन्हें “जेन जी मेडागास्कर ” के नाम से जाना गया। उस समय युवाओं को उम्मीद थी कि नई व्यवस्था उन्हें अधिक लोकतांत्रिक और पारदर्शी शासन देगी।

लेकिन अब वही युवा सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता हैरी लॉरेंट राहाजासन ने गिरफ्तारी पर कहा कि देश में “शक्तियों का विभाजन” है और इन मामलों में राष्ट्रपति की कोई सीधी भूमिका नहीं है, क्योंकि ये पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत आते हैं।

इस बीच, गिरफ्तार किए गए चार कार्यकर्ताओं में से दो को रिहा कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वकील के अनुसार, उनकी तबीयत बिगड़ने के कारण यह कदम उठाया गया। वहीं, शुक्रवार तक केवल हेरिजो एंड्रियामैनेंटेना ही हिरासत में थे, जिन्हें इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा माना जाता है।

एल एक्सप्रेस मेडागास्कर की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन गिरफ्तारियों ने युवाओं के बीच असंतोष और अविश्वास को और बढ़ा दिया है। कई कार्यकर्ता अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या नई सैन्य सरकार भी उसी रास्ते पर चल रही है, जिसे बदलने के लिए उन्होंने आंदोलन किया था।

जेन जी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उसके लिए सत्ता परिवर्तन के बाद जो उम्मीदें जगी थीं, वे अब धीरे-धीरे टूटती नजर आ रही हैं। जेनजी के नेतृत्व में शुरू हुआ यह आंदोलन अब एक नए मोड़ पर खड़ा है, जहां लोकतंत्र और अधिकारों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी गिरफ्तार युवकों की तुरंत रिहाई की मांग उठाई है। [SP]

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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