चीन ने प्लाज्मा पर अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान कार्यक्रम शुरू किया

चीनी विज्ञान अकादमी ने सोमवार को आन्ह्वेइ प्रांत के हफेई शहर में दहन प्लाज्मा पर अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान कार्यक्रम शुरू कर दिया और कॉम्पैक्ट फ्यूजन एनर्जी इक्स्पेरमन्ट फसिलिटी (बेस्ट) की वैश्विक अनुसंधान योजना जारी की।
प्लाज्मा
चीन ने प्लाज्मा पर अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान कार्यक्रम शुरूIANS
Author:
Published on: 
Updated on: 
1 min read

फ्रांस (France) और ब्रिटेन (Britain) आदि दस से अधिक देशों के वैज्ञानिकों ने हफेई फ्यूजन घोषणा पत्र संपन्न किया और "कृत्रिम सूर्य" को जलाने के लिए वैश्विक सहयोग का आह्वान किया।

बताया जाता है कि न्यूक्लियर फ्यूजन एनर्जी (Nuclear Fusion Energy) वह एनर्जी है जो सूर्य के फ्यूजन रिएक्शन से निकलने वाली एनर्जी को सिमुलेट करती है। इसे मानव जाति की "परम ऊर्जा" कहा जाता है।

हाल के वर्षों में चीन के न्यूक्लियर फ्यूजन पर अनुसंधान तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते चीन ने कई बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। चीन के अगली पीढ़ी के "कृत्रिम सूर्य" के रूप में बेस्ट डिवाइस "जलाने" का मिशन पूरा करता है।

योजनानुसार वर्ष 2027 के अंत में डिवाइस का निर्माण पूरा होने के बाद इसकी लंबी पल्स स्थिर अवस्था की संचालन क्षमता की पुष्टि करने के लिए कई प्रायोगिक अनुसंधान किए जाएंगे। इसका लक्ष्य 20 से 200 मेगावाट की फ्यूजन पावर हासिल करना है, ताकि ऊर्जा खपत से ज्यादा ऊर्जा उत्पादन हासिल हो सके।

(BA)

प्लाज्मा
ज़मीन पर बैठकर खाना खाने के लिए मजबूर हुई थीं शबाना आज़मी !
logo
www.newsgram.in