

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी राजनीतिक दल और उम्मीदवार प्रचार अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में मानिकतला विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार श्रेया पांडे ने चुनाव को लेकर आईएएनएस से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने आरएएस और अपने समर्पित कार्यकर्ताओं के बजाय टीएमसी से आने वाले नेताओं को टिकट दिया है।
अपने राजनीतिक सफर और आगामी चुनावों को संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर श्रेया पांडे ने कहा, "तृणमूल भारी बहुमत से सत्ता में आ रही है। मैं खुद भी मानिकतला से बहुमत से जीत रही हूं। यह अति आत्मविश्वास नहीं है, यह काम पर आधारित आत्मविश्वास है। मुझे जीतने का विश्वास इसलिए है, क्योंकि पार्टी और मेरे पिता ने बहुत काम किया है। मैं और मेरी मां ने भी इस क्षेत्र में बहुत काम किया है।"
श्रेया पांडे ने कहा, "जब सीपीआई (एम) सरकार सत्ता में थी, तब मेरे पिता ने उपचुनाव जीता था। उसके बाद, वे लगातार छह बार बहुत बड़े अंतर से विधायक बने। यह दर्शाता है कि उनका जनता के साथ कितना मजबूत जुड़ाव था।"
श्रेया पांडे ने कहा, "मैंने अपने पिता से बहुत कुछ सीखा, लेकिन जब मैंने राजनीति में कदम रखा, तब वे अस्वस्थ थे। 2021 का चुनाव मैंने स्वयं संभाला क्योंकि वे अस्पताल में भर्ती थे। उसी वर्ष उनकी हालत बिगड़ गई और वे कोमा में चले गए। इसके बाद, मुझे हस्ताक्षर करने के अलावा उनकी लगभग सभी जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं और उनके द्वारा किए जाने वाले काम को पूरा करना पड़ा। 2021 में विधानसभा चुनाव हुए और उसके बाद लोकसभा चुनाव हुए। मानिकतला में दोनों चुनावों के लिए हस्ताक्षर करने का अधिकार मेरे पास था। चूंकि मेरे पिता अस्वस्थ थे, इसलिए मैंने उनकी जिम्मेदारियां भी संभालीं। मैंने विधायक के रूप में सभी कर्तव्यों का निर्वाह किया।"
तापस रॉय के भाजपा में शामिल होने जाने पर टीएमसी उम्मीदवार ने कहा, "मैं यह नहीं कह सकती कि उनके मन या दिल में क्या चल रहा होगा। ईडी उनके घर पर आई थी, लेकिन मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। अब जब वह भाजपा में शामिल हो गए हैं, तो उनके लिए भी स्थिति अलग होगी।"
आरजी कर हत्याकांड की पीड़िता की मां को भाजपा द्वारा टिकट दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर श्रेया पांडे ने कहा, "पहली गिरफ्तारी किसने की? आरजी कर हत्याकांड में पहली गिरफ्तारी कोलकाता पुलिस ने की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी, इसके बावजूद वे विफल रहे।"
श्रेया पांडे ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि भाजपा कट्टर आरएसएस या भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं को ज्यादा महत्व नहीं देती है। जो लोग तृणमूल से भाजपा में शामिल हुए हैं, उन्हें टिकट दिया है।" (MK)
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)