

पश्चिम बंगाल के हिजोल क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक और उम्मीदवार हुमायूं कबीर ने केंद्र सरकार पर मनमाना फैसला लेने का आरोप लगाया है।
हुमायूं कबीर ने महिला संशोधन बिल के लोकसभा में पारित न होने पर कहा कि पहले भी सोनिया गांधी ने इस दिशा में पहल की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकीं।अब भी इस विषय पर प्रगति सीमित ही रही है और भविष्य में किसी मजबूत बहुमत वाली सरकार के आने पर ही ठोस बदलाव संभव हो सकता है।
हुमायूं कबीर ने मौजूदा केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार मनमाने तरीके से फैसले ले रही है और संविधान में बदलाव कर देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी।
आगामी चुनाव परिणामों को लेकर उन्होंने बड़ा दावा किया। कबीर ने कहा कि 4 मई को जब मतगणना होगी, तब कोई भी पार्टी बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएगी। उनका मानना है कि न तो भाजपा और न ही तृणमूल कांग्रेस स्पष्ट बहुमत हासिल कर सकेगी, जिससे राज्य की राजनीति में नई परिस्थितियां बन सकती हैं।
तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोनों नेता भ्रष्टाचार में पूरी तरह लिप्त हैं और उनके बारे में जितना कम कहा जाए, उतना ही बेहतर है।
इसके अलावा, हुमायूं कबीर ने अपने राजनीतिक गठबंधनों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि उन्होंने दो विधानसभा सीटों पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को समर्थन दिया है और वहां गठबंधन के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान सोलंकी नामक एक नेता ने ओवैसी को उनके बारे में गुमराह किया है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने वादे पर कायम हैं और तृणमूल कांग्रेस को हराने के उद्देश्य से प्रचार कर रहे हैं।
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)