

आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने 'एक हजार करोड़ रुपए की डील' संबंधी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने टीएमसी को चुनौती देते हुए उससे सबूत मांगे हैं।
कथित स्टिंग वीडियो के बाद शुक्रवार को हुमायूं कबीर मीडिया के सामने आए और टीएमसी के आरोपों पर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा, "टीएमसी को सबूत देना चाहिए। टीएमसी में हिम्मत है तो मेरा वीडियो, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया, उसके सबूत दिखाए। मैं बॉबी हकीम (फिरहाद हकीम) को चुनौती देता हूं कि वे उस व्यक्ति को सामने लाएं जो वीडियो में दिख रहा है, वह व्यक्ति जिसके साथ मैं बैठा हुआ और पैसों के बारे में चर्चा करता हुआ नजर आ रहा हूं।"
एजेयूपी के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि मेरा किसी अन्य दल के साथ लेना-देना नहीं है। उन्होंने आगे कहा, "मैं जितने दिन जाऊंगा, अपने समुदाय को साथ लेकर चलूंगा।"
ओवैसी के गठबंधन तोड़ने पर हुमायूं कबीर ने कहा कि इस बारे में एआईएमआईएम के नेताओं से सवाल पूछा जाना चाहिए। 25 मार्च को ओवैसी ने हमारे साथ गठबंधन की घोषणा की थी। अब गठबंधन क्यों तोड़ा, इस बारे में एआईएमआईएम के नेताओं से पूछा जाए।
इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर पर भाजपा के साथ 1,000 करोड़ रुपए की डील करने का आरोप लगाया। पार्टी ने दावा किया, "वीडियो में हुमायूं कबीर खुले तौर पर यह स्वीकार करते हैं कि भाजपा ने उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह करने के लिए 1,000 करोड़ दिए थे। साथ ही, वह यह भी दावा करते हैं कि हिमंत बिस्वा सरमा, मोहन यादव जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेता भी इस 'साजिश' में शामिल थे।"
एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और तृणमूल के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने एक ऑडियो क्लिप भी जारी की, जिसमें कथित तौर पर कबीर को किसी अज्ञात व्यक्ति से इसी तरह की बातें करते हुए सुना गया। हालांकि, आईएएनएस इस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)