विधानसभा में बिजली पर घमासान, स्मार्ट मीटर और निजीकरण को लेकर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को बिजली आपूर्ति, निजीकरण और स्मार्ट मीटर को लेकर जोरदार बहस हुई।
विधानसभा में बैठे हुए स्पीकर जो हाथ से रोकने का इशारा कर रहे हैं और उन्होंने भगवा कुर्ता पहन रखा है
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बिजली आपूर्ति, स्मार्ट मीटर और निजीकरण पर तीखी बहस। सपा ने कटौती, बढ़ती दरों और उपभोक्ता उत्पीड़न का आरोप लगाया। IANS
Author:
Published on
Updated on
2 min read

उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को बिजली आपूर्ति, निजीकरण और स्मार्ट मीटर को लेकर जोरदार बहस हुई। शून्य प्रहर में समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने प्रदेश में पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने, बढ़ती दरों और स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा।

जवाब में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया कि प्रदेश में हर उपभोक्ता को निर्बाध और निरंतर बिजली मिल रही है। सपा सदस्य राम सिंह पटेल ने कहा कि वर्तमान में हो रही बिजली कटौती से अंदेशा है कि भीषण गर्मी में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली आपूर्ति और उत्पादन को लेकर सरकार के पास ठोस तैयारी नहीं है। विभाग की हेल्पलाइन 1912 पर भी शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा है।

फहीम इरफान ने स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं के उत्पीड़न और किलोवाट बढ़ाने में कथित मनमानी का मुद्दा उठाया। पंकज पटेल ने कहा कि बढ़ती दरों से उपभोक्ता भयभीत हैं और सरकार जनसेवा के बजाय राजस्व बढ़ाने पर केंद्रित है। सपा ने बिजली को विलासिता नहीं बल्कि मूलभूत सुविधा बताते हुए इसे सस्ता और सुलभ बनाने की मांग की।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बिजली अब कोई मुद्दा नहीं रह गया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश आज सर्वाधिक बिजली उत्पादन, वितरण और आपूर्ति वाला राज्य है। उनके अनुसार घरेलू बिजली दरें अन्य राज्यों की तुलना में कम हैं, और किसानों को मुफ्त बिजली देने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है।

निजीकरण के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और भविष्य में जो भी फैसला होगा, वह राज्यहित में होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2006 में तत्कालीन सपा सरकार ने निजी क्षेत्र को पावर प्लांट लगाने के लिए आमंत्रित किया था। इससे पहले प्रश्नकाल में कृषि और किसानों के मुद्दे पर सपा सदस्यों ने सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट किया।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है, उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

समाजवादी पार्टी की सदस्य डॉ. रागिनी के प्रश्न पर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने विभागीय कार्यों के साथ विधानसभा अध्यक्ष के क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का उल्लेख किया।

इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पीठ से टिप्पणी करते हुए कहा कि मंत्री अपने कार्यों का उल्लेख करें, उनके या उनके क्षेत्र का नाम लेने की आवश्यकता नहीं है। गुरुवार को सदन में कृषि, जलशक्ति सहित कई विभागों का बजट भी प्रस्तुत किया गया। बिजली और किसानों के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बीच सदन की कार्यवाही जारी रही।

(MK)

विधानसभा में बैठे हुए स्पीकर जो हाथ से रोकने का इशारा कर रहे हैं और उन्होंने भगवा कुर्ता पहन रखा है
Uttar Pradesh के वह खूबसूरत पर्यटक स्थल जो आज भी पहचान के मोहताज हैं

Related Stories

No stories found.
logo
www.newsgram.in