

उत्तर प्रदेश में पवित्र सावन माह के प्रथम दिन शिवभक्तों खास उत्साह देखने को मिला। अयोध्या स्थित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर और वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसरों में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
अयोध्या के नागेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे दिल्ली निवासी श्रद्धालु सुनील पांडे ने बताया कि वह सावन के पहले दिन विशेष रूप से बाबा नागेश्वरनाथ के दर्शन के लिए आए हैं। उन्होंने सरयू में स्नान करने के बाद शिवलिंग पर जल अर्पित किया और अब हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अक्सर अयोध्या आते हैं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। उनका मानना है कि भोलेनाथ अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं और सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा अवश्य फल देती है।
एक अन्य श्रद्धालु गणेश गोस्वामी ने बताया कि सावन के पहले दिन बाबा नागेश्वरनाथ के दर्शन का विशेष महत्व है। इस मंदिर की महिमा पूरे देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में प्रसिद्ध है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां जलाभिषेक करने आते हैं। उन्होंने भी पूजा-अर्चना और दर्शन कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया। गणेश ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है और हर कोई भोलेनाथ के दर्शन के लिए उत्साहित दिखाई दे रहा है।
मंदिर पहुंची एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि सावन का पहला सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक है। उन्होंने बताया कि नागेश्वरनाथ मंदिर में वैसे भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन सावन के दौरान यहां विशेष उत्साह देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि वे नियमित रूप से मंदिर आती हैं और भगवान शिव के दर्शन कर मन को शांति मिलती है।
वहीं, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी सावन के पहले दिन भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पंजाब के अमृतसर से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि उन्हें एक सप्ताह पहले ही बाबा के दर्शन की प्रेरणा मिली और वे पहली बार काशी विश्वनाथ पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें अत्यंत आनंद की अनुभूति हुई और उन्होंने सभी देशवासियों को सावन माह की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंदिर में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं।
एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि सावन माह भगवान भोलेनाथ का प्रिय महीना माना जाता है और आज से पूरे महीने चलने वाले धार्मिक उत्सव की शुरुआत हो गई है। उन्होंने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है, आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था के लिए किए गए इंतजाम संतोषजनक हैं।(VR)
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)