

एनडीआरएफ (National Disaster Response Force) के अनुसार, महाराष्ट्र भिवंडी में एक चार मंजिला इमारत गिर गई (Builiding collapses), जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी दो से तीन लोग फंसे हो सकते हैं और घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है।
इमारत गुरुवार देर रात अचानक (Builiding collapses) से गिर गई। खतरा भांपकर वहां काम कर रहे कई मजदूरों ने इमारत खाली कर दी थी। बताया जा रहा है कि उस समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे माना जा रहा है कि गिरने के समय अंदर लोगों की संख्या कम थी।
घटना में बचे दीपक कुमार यादव ने आईएएनएस को बताया, "पास की एक इमारत के खंभों पर मरम्मत का काम चल रहा था। रात के खाने के बाद हम सो गए थे, तभी अचानक हमें इमारत गिरने की जोरदार आवाज सुनाई दी। जब हम बाहर भागे, तो हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी। अपनी जान बचाने के लिए मैं पहली मंजिल से कूद गया।"
हादसे के बाद अपने पति की तलाश कर रही स्थानीय निवासी नेहा सिंह ने कहा, "वे यह कहकर नीचे गए थे कि उन्हें कुछ चेक करना है। उनके नीचे जाने के ठीक 10 मिनट बाद ही इमारत गिर गई। यह घटना रात करीब 11:30 बजे हुई। वहां कुछ काम चल रहा था। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं ऊपर ही रुकी हुई थी। मेरे पति रंजीत सिंह हादसे के बाद से लापता हैं। उनका फोन बज रहा है, लेकिन वह जवाब नहीं दे रहे हैं।"
एक अन्य पीड़िता संगीता प्रजापति ने कहा, "मैं पार्किंग एरिया में खड़ी थी, तभी मुझे इमारत के चटकने की आवाज सुनाई दी। मैंने भागने की कोशिश की, लेकिन भागते समय ही इमारत गिर गई। इस घटना में मुझे चोटें आईं।"
अभय कुमार यादव ने बताया, "हम रात के खाने के बाद अपने कमरे में थे, तभी हमें जोर की आवाज सुनाई दी। हमने तुरंत बाहर भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर निकलने का कोई साफ रास्ता नहीं था, इसलिए मैं पहली मंजिल से कूद गया। इससे मेरे पैर में फ्रैक्चर हो गया। बाद में कुछ स्थानीय लोग सीढ़ी लेकर आए और बाकी लोग सुरक्षित नीचे उतर पाए। उस समय इमारत के अंदर लगभग 25 से 30 लोग थे। इमारत में करीब 45 कमरे हैं।" (VR)
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)