

6 सितंबर को हुए सत्य निकेतन (Satya Niketan) हादसे में 7 लोगों की मौत के बाद, दिल्ली नगर निगम लगातार राजधानी में PG सर्वे कर रहा है। इस दौरान एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पेइंग गेस्ट (PG) के सेफ्टी सर्वे में सामने आया कि दिल्ली में करीब 2453 PG इमारतों में से केवल 31 PG के पास ही अग्नि-शमन (फायर) विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र है। मतलब 99% PG बिना फायर सेफ्टी या सुरक्षा प्रमाण पत्र के चलाए जा रहे हैं।
वहीं, इस सर्वे में केवल आठ इमारतों के पास स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट मिला, जबकि 30 फीसदी से भी कम इमारतों के पास सही नक्शा है। सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने नगर निगम को फटकार लगाई, साथ ही पूरे शहर में जांच के निर्देश जारी किए।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम (MCD) शहर के 12 जोनों में आने वाले सभी PG का मूल्यांकन करेगी। इस जांच के दौरान नगर निगम PG इमारतों में स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट, दिल्ली के मास्टर प्लान के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, और अन्य जरूरी दस्तावेजों का निरीक्षण करेगी। बता दें, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई बिल्डिंग बिना किसी खतरे के अपने निर्माण और उपयोग के वजन तथा दबाव को सुरक्षित रूप से सह सकती है या नहीं।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सर्वेक्षण में दिल्ली नगर निगम ने शहर के 12 इलाकों में मौजूद PG इमारतों को शामिल किया है। इस सर्वे में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सर्वे में बड़ी चिंताजनक तस्वीर सामने आई कि 2453 पेइंग गेस्ट इमारतों में से सिर्फ 31 PG के पास ही फायर विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र है। वहीं दूसरी ओर, इस सर्वे में 30 फीसदी से भी कम के पास स्वीकृत भवन योजना है। इसके अलावा, सिर्फ 8 इमारतों के पास ही स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट पाया गया। इस सर्वे में 2,453 PG में से सिर्फ 726 के पास मंजूर भवन योजना मिली है।
वहीं, नॉर्थ कैंपस में हुए सर्वे में पाया गया कि सिविल लाइन्स क्षेत्र में 608 पेइंग गेस्ट ऐसे हैं, जिनमें से 364 के पास मंजूर बिल्डिंग नक्शा है, 28 के पास नियमितीकरण मंजूरी है और सबसे बड़ी बात यह है कि किसी भी PG के पास भवन मजबूती प्रमाण पत्र नहीं था।(VR/MK)
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