

बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़े।
NEET छात्रा केस की फॉरेंसिक रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि।
पुलिस कार्रवाई पर परिवार ने सवाल उठाए।
बिहार (Bihar) में अब महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे नज़र आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब लगता है महिलाएं घर के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं। नीतीश कुमार साल 2005 से ही सत्ता में काबिज हैं लेकिन उनके राज में महिलाओं के साथ आपराधिक मामले बढ़ते ही दिखे हैं। 2005 में महिलाओं के खिलाफ कुल दर्ज मामले लगभग 10,000 से 11,000 के बीच थे। 2022-2023 तक यह संख्या बढ़कर 20,000 से अधिक हो गई है।
साथ ही 2018 से 2022 के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 16.3% की बढ़ोतरी हुई है। बलात्कार के मामले 1000 से 1400 के बीच देखे गए हैं। ये आंकड़े साबित करते हैं कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) महिलाओ के खिलाफ होने वाले अत्याचार को रोकने में कहीं ना कहीं ढिलाई बरत रहे हैं। हाल ही में एक ताजा मामला सामने आया है जहाँ पटना (Patna) के एक हॉस्टल के भीतर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत हो जाती है। इसको लेकर पूरे राज्य में नीतीश सरकार के खिलाफ आक्रोश का माहौल है। अब इस केस में एक बड़ा खुलासा हुआ है।
6 जनवरी 2026 को एक रश्मि (बदला हुआ नाम) नामक छात्रा अपने कमरे में बेहोश पाई गई थी और बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना पटना (Patna) के कंकड़बाग स्तिथ शंभू गर्ल्स हॉस्टल (Shambhu Girls Hostel) की है। अब इस केस में नया मोड़ सामने आया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस को फॉरेनसिक ने अपनी बायो लॉजिकल रिपोर्ट सौंप दी है और इस रिपोर्ट में सेक्सुअल हरासमेंट के पुष्टि की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक छात्रा के अंडर गारमेंट्स में मेल स्पर्म मिला है। अब पुलिस इस मामले में उस व्यक्ति के तलाश में जुट गई है, जिसने छात्रा के साथ ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया है।
बता दें कि पुलिस पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि इस मामले की जाँच हर एंगल से होगी लेकिन अब तक इसमें कोई राजनीतिक कनेक्शन सामने नहीं आया है। पुलिस पहले ही यह साफ़ कर चुकी है कि आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर ही होगी।
रश्मि (बदला हुआ नाम) नामक छात्रा जब हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी, तब उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी उम्र 18 साल बताई जाती है। छात्रा की मौत 11 जनवरी 2026 को इलाज के दौरान हो गई। शंभू गर्ल्स हॉस्टल में वो NEET की तैयारी कर रही थीं। हालांकि, एक बार उसका NEET हो चुका था लेकिन अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए वो एक बार फिर प्रयास करना चाहती थी।
छात्रा की मृत्यु के बाद पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही छात्रा के एक चचेरे मामा प्रियांशु कुमार को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये एकतरफा प्रेम प्रसंग का मामला है और वो लड़की के पिता को भी परेशान कर रहा था।
रश्मि (बदला हुआ नाम) की फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की टीम ने अब तक 5 लोगों के DNA सैंपल लिया है। इसमें छात्रा की मां, पिता, मामा और भाई का सैंपल लिया गया है, ताकि DNA से सच पता लगाया जा सके।
साथ ही शंभू गर्ल्स हॉस्टल (Shambhu Girls Hostel) के मालिक मनीष की भी DNA जांच होगी। हालांकि, पिता ने पुलिस के फैसले पर सवाल उठाए हैं कि वे असली आरोपी को पकड़ने के बजाए परिवार को ही शक के दायरे में ला रहे हैं।
बता दें कि 10 जनवरी 2026 को परिवार ने छात्रा के कुछ कपड़े पुलिस को सौंपे थे। वहीं, इस केस में लापरवाही के चलते SSP ने कार्रवाई करते हुए चित्रगुप्त नगर थानेदार रौशनी कुमारी और कदमकुंआ के दारोगा हेमंत झा को निलंबित कर दिया है।
गौरतलब है कि 5 जनवरी को हॉस्टल की तरफ से परिवार को फोन गया कि छात्रा की तबियत ख़राब है, तो उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। परिवार जब अस्पताल गए, तो बेटी से मिलने नहीं दिया गया। 7 जनवरी को छात्रा का कमरा देखने गए तो सब कुछ पहले से साफ़ कर दिया गया था। 8 जनवरी को वो होश में आई थी और इशारों से बताया था कि उसके साथ गलत हुआ है लेकिन अस्पताल वालों ने मोबाइल से रिकॉर्ड करने नहीं दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पोस्टमार्टम में छात्रा के शरीर पर कई चोटें हैं। गर्दन पर कई खरोच के निशान हैं। सूखी खून की पपड़ी मिली। साथ ही बाएं हाथ, घुटने, छाती और पीठ पर चोट के साथ नीला रंग देखने को मिला है। छात्रा के प्राइवेट पार्ट्स के पास भी चोट के निशान मिले हैं, जिससे यह आशंका थी कि छात्रा के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया गया है।
खैर अब देखना होगा कि पुलिस कब तक असली गुनहगार को पकड़ती है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलता है या नहीं?