

पिछले कुछ महीनों से बिहार (Bihar) में छापेमारी तेज हो गई है l कई बड़े अधिकारी इसके चपेट में आ चुके हैं और यह अभियान अभी लगातार चल रहा है l सरकार ने अनेकों विशेष ईकाइयों का गठन कर उन्हें काम पर लगा दिया है l
लगता है बिहार के मुख्यमंत्री नितीश ( CM Nitish Kumar) कुमार उर्फ़ सुशाशन बाबू के राज्य में घूसखोरों की खैर नहीं l जैसे ही पुलिस को सूचना मिल रही है वह तुरंत अपना दलबल ले कर कार्रवाई के लिए पहुँच रही l
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई- एसवीयू (special surveillance unit) और निगरानी और अन्वेषण एजेंसियों (Surveillance and Investigation Agencies) की कार्रवाई ने सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हडकंप मचा दिया है l पिछले 14 महीनों में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Surveillance Investigation Bureau), और आर्थिक अपराध इकाई- ईओयू (Economic Offenses Unit) ने कुल 232 से अधिक मुकदमे दर्ज किए हैं l
इनमें पद का दुरुपयोग, घूसखोरी, और आय से अधिक संपत्ति होने के मामले शामिल हैं। औसतन हर 1-2 दिन में एक नया भ्रष्टाचार मामला सामने आ रहा है, जिससे यह साफ़ होता है कि सरकारी सिस्टम में कितनी गहराई तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है l
कुछ दिनों पहले ही BMSICL के DGM पंकज कुमार (Pankaj Kumar) के बंगले पर छापेमारी की खबर सामने आई थी l टीम के अफसरों को आते देख बौखलाए पंकज कैसे सबूतों से छेड़छाड़ करने लगा ये सब ने देखा ही l पुलिस ने उसे दबोचा और पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई l
एक रिपोर्ट के अनुसार 150 से अधिक मामलों में घूसखोरों की गिरफ्तारी सामने आई है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों के घरों से करोड़ों रुपये की नगद कैश और लाखों-करोड़ों रुपये के आभूषण जब्त हुए। साल 2025 से अब तक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Surveillance Investigation Bureau) ने 152, एसवीयू ने (special surveillance unit) 37 और ईओयू ने (Economic Offenses Unit) 43 मामले दर्ज किए हैं। इनमें आईएएस (IAS) अधिकारियों से लेकर वरिष्ठ इंजीनियर (Sr. Engineer), राजस्व अधिकारी (Revenue Officer) , पुलिस पदाधिकारी (Police Officer) और अंचलाधिकारी (Zonal Officer), डीईओ (District Education Officer) शामिल हैं।
बेतिया डीईओ (District Education Officer) रजनीकांत प्रवीण (Rajnikant Praveen) के घर से 3.55 करोड़ नकद कैश और 2.75 करोड़ की बेनामी संपत्ति के डॉक्यूमेंट,भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (Housing Department Sr. Engineer) तारिणी कुमार दास (Tarini Kumar Das) के घर से 8.57 करोड़ रुपये,नालंदा के जिला परिवहन अधिकारी (District Transport Officer) अनिल कुमार दास (Anil Kumar Das) के घर से 2 करोड़ रुपये बिहार प्रशासनिक सेवा (Bihar Administrative Service) के अधिकारी मुमुक्षु कुमार चौधरी (Mumukshu Kumar Choudhari) के निवास से 2 करोड़ नकद और आभूषण जब्त किया गया l
इसके अलावा बीएमएसआईसीएल के डीजीएम पंकज कुमार (BMSICL DGM Pankaj Kumar) के घर से 32 लाख रुपये और 1.31 करोड़ के गहने, ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद राय (Rural Works Department Supervising Engineer Vinod Rai) से 52 लाख रुपये, मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार (District Agriculture Officer Sudhir Kumar) से 14 लाख नकद और 1.06 करोड़ के गहने, संभागीय वन पदाधिकारी सुबोध कुमार गुप्ता (Divisional Forest Officer Subodh Kumar Gupta) के घर से 1295 डॉलर विदेशी मुद्रा और 22 लाख के आभूषण बरामद हुए।
तिरहुत आरडीडीइ बीरेंद्र नारायण (Birendra Narayan) के घर से 15 लाख नकद और 25 जमीन के दस्तावेज, विद्युत कार्यपालक अभियंता प्रणव कुमार (Electrical Executive Engineer pranav Kumar) के घर से 6 लाख नकद और 23 जमीन के कागजात, भवन निर्माण निदेशक गजाधर मंडल (Gajadhar Mandal) के घर से 3.42 करोड़ की जमीन के कागजात और बेतिया जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय के सहायक अभियंता रौशन कुमार (Roshan Kumar) के घर से 42.50 लाख रुपये डीएसपी मुख्यालय संजीव कुमार (DSP Headquarters Sanjeev Kumar) के परिवार से 11 ट्रक और एक बीघा कॉमर्शियल जमीन, उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद (Anil Kumar Azad) के घर से 60 लाख की ज्वेलरी और 10 जमीन के कागज बरामद हुए।
मामला उजागर होने के बाद कार्रवाई तो हुई, लेकिन यह भी हकीकत है कि सिस्टम की लापरवाही ने ही भ्रष्टाचार को बिहार ने पनपने दिया।
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