

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का जलवा रहा। खासतौर पर महिला मुक्केबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में 5 गोल्ड मेडल डाले। इन महिला मुक्केबाजों में साक्षी चौधरी का भी नाम शुमार रहा, जिन्होंने 51 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीता। हरियाणा के भिवानी स्थित अपने घर पहुंचने पर साक्षी का भव्य स्वागत हुआ।
साक्षी ने पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें काफी खुशी है कि उनके परिजन भारी तादाद में पहुंचकर उनके मेडल जीतने के जश्न मनाने पहुंचे हैं। साक्षी ने कहा कि वह अपना गोल्ड मेडल सभी देशवासियों को समर्पित करना चाहेंगी, क्योंकि वह ग्लासगो में पूरे देश का प्रतिनिधत्व कर रही थीं। साक्षी के अनुसार, उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए रवाना होने से पहले अपने माता-पिता से वादा किया था कि वह गोल्ड जीतकर वापस आएंगी और वह ऐसा करने में सफल रहीं। उन्होंने कहा कि अपना वादा पूरा करने की उन्हें काफी खुशी है।
साक्षी ने ग्लासगो में उनकी वजह से पोडियम पर भारत का राष्ट्रगान चलने को सबसे खास पल बताया। उन्होंने कहा, "सबसे गर्व का पल वह था जब राष्ट्रगान बजाया गया और तिरंगा फहराया गया। अपनी उपलब्धि की वजह से विदेश में राष्ट्रगान सुनना एक सपना सच होने जैसा था। हम अपने देश के लिए बहुत मेहनत करते हैं और भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना बहुत गर्व की बात है।"साक्षी ने बताया कि उन्होंने मुक्केबाजी की शुरुआत विजेंदर सिंह को देखकर की थी। भारतीय महिला मुक्केबाज ने विराट कोहली का भी धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि कोहली ने भी इस यात्रा में उनका काफी साथ दिया है और वह उनके स्पॉन्सर रहे हैं।
भारत का प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार रहा। रेसलिंग, बैडमिंटन, हॉकी और शूटिंग जैसे अहम खेलों की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत 13 गोल्ड समेत कुल 39 मेडल जीतने में सफल रहा। 39 में से 10 मेडल देश को भारतीय मुक्केबाजों ने दिलाए। भारतीय मुक्केबाजी टीम का यह कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रहा।(VR)
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)