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ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर डेविड वॉर्नर (David Warner) इस साल पाकिस्तान सुपर लीग 2026 का हिस्सा थे। वो कराची किंग्स के कप्तान भी थे लेकिन बीच सीजन ही वो टूर्नामेंट छोड़कर अपने देश वापस लौट गए।
अब वो इस टूर्नामेंट में आगे खेलेंगे या नहीं, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। हालांकि, इसी बीच यह जानकारी निकलकर सामने आ रही है कि पाकिस्तान सुपर लीग में उनके साथ एक क्रिकेटर ने शर्मनाक हरकत की है। बताया जा रहा है कि उनके ऊपर इस्लाम धर्म कुबूल करने का दबाव बनाया जा रहा था। क्या है पूरा मामला, आइये समझते हैं।
डेविड वॉर्नर (David Warner) इस सीजन पाकिस्तान सुपर लीग 2026 का टूर्नामेंट खेलने के लिए पाकिस्तान गए थे। वो कराची किंग्स के कप्तान थे लेकिन 4 मैच खेलकर ही वापस ऑस्ट्रेलिया लौट गए। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ट्वीट वायरल हो रहा है, जिसमे यह दावा किया गया कि उनके ऊपर पाकिस्तान सुपर लीग में इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया था।
इस वायरल ट्वीट में यह दावा किया गया है कि पाकिस्तान के क्रिकेटर मोहम्मद रिजवान (Mohammad Rizwan) ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर पर यह दबाव बनाया कि वो मुसलमान बन जाएं। वायरल ट्वीट के मुताबिक यही वजह रही कि बीच PSL ही उन्होंने ब्रेक लेकर लीग छोड़ने का फैसला किया। इसके साथ ही रिज़वान ने वॉर्नर को यह भी लालच दिया था कि वो पाकिस्तान टीम के हेड कोच भी बन सकते हैं। हालांकि, इसका कोई ठोस सबूत तो नहीं है लेकिन अगर यह सच है, तो विश्वसनीयता पर सवाल जरूर उठेंगे।
पाकिस्तान सुपर लीग 2026 में डेविड वॉर्नर के प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने इस सीजन मात्र 4 मुकाबले ही खेले। इस दौरान उनके बल्ले से कुल 93 रन निकले, जिसमे एक अर्धशतक शामिल है। 50 रन उनका सर्वाधिक स्कोर रहा। हालांकि, इसी बीच वॉर्नर के वापस लौटे की खबर भी सामने आई।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि वो चोटिल था, इसी कारण वापस लौटे गए जबकि कुछ रिपोर्ट्स में यह कहा गया कि उन पर सिडनी में 'ड्रिंक-ड्राइविंग' (शराब पीकर गाड़ी चलाने) का आरोप लगा था, जिसके सिलसिले में उन्हें कानूनी कार्यवाही के लिए वहां मौजूद होना जरूरी था।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में ऐसी चीजें नई नहीं हैं। इससे पहले पाकिस्तान के हिंदू क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने करीब 10 साल 2000 से 2010 के बीच पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए बतौर स्पिनर खेला। करियर समाप्त होने के बाद उन्होंने पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी को लेकर एक खुलासा किया कि जब वो पाक टीम में खेलते थे तब अफरीदी ने उनपर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया था। उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करते थे।
कनेरिया का कहना था कि टीम के कई खिलाड़ी उनके हिंदू होने के कारण उनके साथ खाना खाने में भी कतराते थे। पूर्व स्पिनर ने यह भी बताया था कि पाकिस्तान टीम में धार्मिक कट्टरता और भेदभाव की वजह से उनका करियर काफी प्रभावित हुआ। यही कारण रहा कि उन्हें टीम से दरकिनार भी कर दिया गया।