केआईटीजी 2026 : कर्नाटक बना ओवरऑल चैंपियन, नौवें स्थान पर रहा मेजबान छत्तीसगढ़

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण का समापन हो गया। इस प्रतियोगिता में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3,800 खिलाड़ियों ने 9 खेलों में हिस्सा लिया। कर्नाटक ने सबसे अधिक 23 गोल्ड मेडल जीते, जबकि ओडिशा ने सर्वाधिक 57 मेडल अपने नाम किए।
केआईटीजी 2026: कर्नाटक बना ओवरऑल चैंपियन, 9वें स्थान पर रहा मेजबान छत्तीसगढ़
केआईटीजी 2026: कर्नाटक बना ओवरऑल चैंपियन, 9वें स्थान पर रहा मेजबान छत्तीसगढ़
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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (Khelo India Tribal Games) के पहले संस्करण का समापन हो गया। इस प्रतियोगिता में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3,800 खिलाड़ियों ने 9 खेलों में हिस्सा लिया। कर्नाटक ने सबसे अधिक 23 गोल्ड मेडल जीते, जबकि ओडिशा ने सर्वाधिक 57 मेडल अपने नाम किए।

आखिरी दिन झारखंड की तीरंदाज कोमलिका बारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की रिकर्व स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। वहीं, ओडिशा के अर्जुन खारा ने पुरुष वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके बावजूद कोई भी टीम कर्नाटक को ओवरऑल चैंपियन बनने से नहीं रोक पाई।

कर्नाटक (Karnataka) ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया और 23 गोल्ड, 8 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पहला स्थान हासिल किया। ओडिशा 21 गोल्ड, 15 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज मेडल के साथ दूसरे स्थान पर रहा। ओडिशा एकमात्र ऐसी टीम रही, जिसने 50 से अधिक मेडल अपने नाम किए। ओडिशा ने कुल 57 मेडल जीतकर सबसे ज्यादा मेडल हासिल किए। झारखंड 16 गोल्ड, 8 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज मेडल के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

मेजबान छत्तीसगढ़ (Chattisgarh) ने भी आदिवासी समुदाय के बीच मौजूद खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर नौवां स्थान हासिल किया। छत्तीसगढ़ का आखिरी मेडल शनिवार को पुरुष फुटबॉल में आया, जब फाइनल में उन्हें पश्चिम बंगाल के हाथों 0-1 से हार का सामना करना पड़ा।

ओवरऑल चैंपियन कर्नाटक ने पहले दिन से ही मेडल टैली में बढ़त बनाए रखी। उन्होंने तैराकी के इवेंट्स में अपना दबदबा कायम रखते हुए 15 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल जीते। इसके बाद उन्होंने एथलेटिक्स में 5 और कुश्ती में 3 गोल्ड मेडल और जोड़े, जिससे यह पक्का हो गया कि ओडिशा या झारखंड में से कोई भी टीम उनकी बराबरी नहीं कर पाएगी।

कर्नाटक के मणिकांत एल. गेम्स के सबसे सफल खिलाड़ी रहे। उन्होंने 8 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता। वहीं, उनके साथ खिलाड़ी धोनीश एन. ने तैराकी प्रतियोगिता में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए पांच गोल्ड और एक सिल्वर मेडल हासिल किया। महिला प्रतियोगियों में, ओडिशा की तैराक अंजलि मुंडा ने पांच गोल्ड मेडल जीते, जबकि कर्नाटक की मेघंजलि ने चार स्वर्ण और दो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए।

ओडिशा (Odisha) एकमात्र ऐसा राज्य था, जिसने सभी छह खेलों में कम से कम एक गोल्ड मेडल जीता। इनमें एथलेटिक्स में आठ और तैराकी में सात मेडल शामिल थे। दूसरी ओर, झारखंड ने एथलेटिक्स में 9, कुश्ती में 4 और तीरंदाजी में 3 गोल्ड मेडल जीते। इसके साथ ही अन्य तीन विधाओं में भी कम से कम एक मेडल हासिल किया।

कुल 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने मेडल टैली में जगह बनाई, जिनमें से 20 ने कम से कम एक गोल्ड मेडल जीता। यह प्रदर्शन दिखाता है कि देशभर में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। महाराष्ट्र 6 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल के साथ चौथे स्थान पर रहा, जबकि अरुणाचल प्रदेश 6 गोल्ड, 1 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल के साथ शीर्ष पांच में शामिल रहा।

[VT]

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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