

आईपीएल ऑक्शन में जब किसी खिलाड़ी पर करोड़ों रुपये की बोली लगती है तो फैंस को उससे बड़े प्रदर्शन की भी उम्मीद होती है। लेकिन हर सीजन कुछ ऐसे खिलाड़ी भी होते हैं जिन पर फ्रेंचाइजियां मोटा पैसा खर्च करती हैं, फिर भी उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिलता। IPL 2026 में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। मंगेश यादव, मिचेल ओवन, क्वेना मफाका और नमन तिवारी जैसे खिलाड़ियों को टीमों ने बड़े भरोसे के साथ खरीदा, लेकिन पूरे सीजन वे डगआउट में बैठकर अपने मौके का इंतजार ही करते रह गए। आइए जानते हैं आखिर क्यों करोड़ों में बिके ये खिलाड़ी एक भी मैच नहीं खेल पाए।
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा के रहने वाले युवा तेज गेंदबाज मंगेश यादव (Mangesh Yadav) IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में तब बड़ी चर्चा का विषय बने, जब Royal Challengers Bengaluru (RCB) ने उन पर 2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बोली लगाई।
एक ट्रक ड्राइवर के बेटे मंगेश को यह बड़ी कीमत उनके घरेलू क्रिकेट और मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPPL 2025) के असाधारण रिकॉर्ड की वजह से मिली। ग्वालियर चीतास के लिए खेलते हुए उन्होंने टूर्नामेंट के सिर्फ 6 मैचों में 14 विकेट चटकाए थे, जिसमें बुंदेलखंड बुल्स के खिलाफ 4/30 का घातक स्पेल शामिल था। इसके अलावा, उन्होंने महज 12 गेंदों पर नाबाद 28 रनों की आतिशी पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता भी साबित की थी। लगातार 140 किमी/घंटा की रफ्तार और सटीक यॉर्कर फेंकने की इसी काबिलियत ने फ्रेंचाइजियों को प्रभावित किया। हालांकि, IPL 2026 सीजन शुरू होने पर टीम के अनुभवी तेज गेंदबाजों की शानदार फॉर्म और विदेशी ऑलराउंडरों के बेहतरीन संतुलन के कारण उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल सका और वे पूरे सीजन सिर्फ नेट्स में ही मेहनत करते रह गए।
ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक ऑलराउंडर मिचेल ओवन (Mitch Owen) को Punjab Kings (PBKS) ने IPL ऑक्शन में करीब 3 करोड़ रुपये की भारी कीमत पर रीटेन किया था। ओवन को इतनी बड़ी कीमत मिलने की मुख्य वजह ऑस्ट्रेलिया के घरेलू टी20 और बिग बैश लीग (BBL 2024-25) में उनका विस्फोटक प्रदर्शन था। उन्होंने होबार्ट हरिकेंस के लिए खेलते हुए पर्थ स्कॉचर्स के खिलाफ महज 64 गेंदों में 5 छक्कों की मदद से नाबाद 101 रन बनाए थे।
इसके बाद उन्होंने टूर्नामेंट के फाइनल में सिडनी थंडर के खिलाफ सिर्फ 42 गेंदों में 108 रनों की रिकॉर्डतोड़ पारी खेलकर अपनी टीम को चैंपियन बनाया था। लगातार 140 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी और इसी आतिशी बल्लेबाजी के कारण वह फ्रेंचाइजी की बड़ी पसंद बने। हालांकि, IPL 2026 सीजन में पंजाब किंग्स के पास पहले से मौजूद विदेशी सितारों और ऑलराउंडरों के शानदार फॉर्म के चलते वे पूरे सीजन प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए तरसते रह गए। IPL के नियमों के अनुसार केवल चार विदेशी खिलाड़ी ही अंतिम एकादश में खेल सकते हैं और इसी वजह से ओवन लगातार बेंच पर बैठे रहे। पूरे सीजन उन्हें मौका नहीं मिला और करोड़ों की कीमत वाले खिलाड़ी सिर्फ सपोर्टिंग रोल तक सीमित रह गए।
दक्षिण अफ्रीका के युवा बाएं हाथ के तेज गेंदबाज क्वेना मफाका (Kwena Maphaka) को IPL ऑक्शन में Rajasthan Royals (RR) ने 1.50 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। मफाका को इतनी बड़ी कीमत मिलने की मुख्य वजह अंडर-19 विश्व कप 2024 में उनका ऐतिहासिक और घातक प्रदर्शन था, जहां उन्होंने सिर्फ 6 मैचों में रिकॉर्ड तोड़ 21 विकेट चटकाए थे और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बने थे।
इस दौरान उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 21 रन देकर 6 विकेट और जिम्बाब्वे के खिलाफ 34 रन देकर 5 विकेट लेने जैसे जादुई स्पेल फेंके थे, जिसने दुनिया भर की फ्रेंचाइजियों का ध्यान खींचा था। लगातार 140 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार और खतरनाक इन-स्विंगर फेंकने की इसी काबिलियत के कारण उन पर भरोसा जताया गया। हालांकि, IPL 2026 के बड़े मंच पर राजस्थान रॉयल्स के अनुभवी विदेशी तेज गेंदबाजों और मुख्य गेंदबाजों की शानदार लय के चलते टीम संतुलन को प्राथमिकता दी गई। नतीजा यह रहा कि इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में विकल्प रहने के बावजूद उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला और उनका पूरा सीजन डगआउट में ही बीत गया।
भारतीय युवा बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नमन तिवारी (Naman Tiwari) को IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में Lucknow Super Giants (LSG) ने 1 करोड़ रुपये में खरीदा था। उन्हें यह बेस प्राइस से पांच गुना ज्यादा कीमत उनके जूनियर क्रिकेट और अंडर-19 विश्व कप 2024 के शानदार रिकॉर्ड की वजह से मिली थी।
टूर्नामेंट में भारतीय पेस अटैक की अगुवाई करते हुए नमन ने सिर्फ 6 पारियों में 12 विकेट चटकाए थे, जिसमें आयरलैंड और यूएसए के खिलाफ (4/20) लगातार दो मैचों में चार-चार विकेट लेने का घातक कारनामा शामिल था। लगातार 145 किमी/घंटा की रफ्तार से स्विंग कराने की क्षमता और यूपी टी20 लीग में उनके दमदार प्रदर्शन (जैसे कानपुर के खिलाफ 4/22) ने फ्रेंचाइजियों को काफी आकर्षित किया था। हालांकि, आईपीएल के कड़े मंच पर एलएसजी के पास पहले से मौजूद इंटरनेशनल गेंदबाजों की बेहतरीन फॉर्म और टीम कॉम्बिनेशन के चलते उन्हें अंतिम एकादश में डेब्यू का अवसर नहीं मिल पाया। नतीजा यह रहा कि करोड़ों की बोली लगने के बावजूद उनका यह पूरा सीजन डगआउट में ही बीत गया। [SP]