भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के कारण विश्व के लिए आशा की किरण बनकर उभर रहा है: पीएम मोदी
नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बजट के बाद 'स्टेनिंग एंड स्ट्रेंथनिंग इकोनॉमिक ग्रोथ' विषय पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गत सप्ताह बजट वेबिनार सीरीज के पहले वेबिनार का आयोजन हुआ और मुझे ऐसा बताया गया कि वो बहुत सफल रहा। और बजट प्रावधानों के कार्यान्वयन को लेकर हर किसी ने काफी उत्तम सुझाव दिए। मैं सबकी सक्रिय भागीदारी का स्वागत करता हूं।
उन्होंने कहा कि आज इस सीरीज के दूसरे वेबिनार का आयोजन हो रहा है। मुझे बताया गया है कि आज हजारों की संख्या में ढेर सारे विषयों पर अनगिनत लोग अपने सुझाव देने वाले हैं और विषय के जो विशेषज्ञ हैं, वो भी हमसे जुड़ने वाले हैं। इतनी बड़ी तादाद में बजट पर चर्चा, ये भी अपने आप में एक बहुत सफल प्रयोग है। आप सब समय निकालकर इस वेबिनार में जुड़े, मैं आप सभी का अभिनंदन और स्वागत करता हूं।
उन्होंने कहा कि इस वेबिनार की थीम देश के आर्थिक विकास को निरंतर मजबूती देने से जुड़ी हुई है। आज जब भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था से पूरे विश्व की उम्मीद बना हुआ है, आज जब वैश्विक आपूर्ति चेन रीशेप हो रही है, तब अर्थव्यवस्था की तेज प्रगति विकसित भारत का भी बहुत बड़ा आधार है। इस वेबिनार का विषय देश की आर्थिक वृद्धि को सुदृढ़ करना है। भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के कारण विश्व के लिए आशा की किरण बनकर उभर रहा है, और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में परिवर्तन हो रहा है, ऐसे में तीव्र आर्थिक विकास विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने का आधार बन गया है।
उन्होंने कहा कि हमारी दिशा स्पष्ट है, हमारा संकल्प स्पष्ट है। अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, अधिक कनेक्ट करें, और अब अधिक निर्यात की आवश्यकता है। हमारी दिशा स्पष्ट है। हमारा संकल्प स्पष्ट है। अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, अधिक संपर्क स्थापित करें, और अब अधिक निर्यात की आवश्यकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया विश्वसनीय और लचीले विनिर्माण भागीदारों की तलाश में है। भारत के पास यह अवसर है कि वह इसमें भूमिका निभाए। आज दुनिया विश्वसनीय और टिकाऊ विनिर्माण साझेदारों की तलाश में है। भारत के पास इस भूमिका को निभाने का एक मजबूत अवसर है।
उन्होंने कहा कि अब हमें आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं, तो हमारा एक ही मंत्र होना चाहिए- गुणवत्ता, गुणवत्ता, गुणवत्ता। भारत ने बहुत सारे देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। हमारे लिए अवसरों का बहुत बड़ा द्वार खुला है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम गुणवत्ता पर कभी भी समझौता न करें।
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