अजमेर से शुरू हुआ देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान, लाभार्थी छात्राओं ने सुरक्षित, सुकून देने वाला और अविस्मरणीय बताया
अजमेर से शुरू हुआ देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान, लाभार्थी छात्राओं ने सुरक्षित, सुकून देने वाला और अविस्मरणीय बताया

अजमेर से देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण शुरू, छात्राओं ने सुरक्षित, सुकून देने वाला और अविस्मरणीय क्षण बताया

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अजमेर, 2 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अजमेर से 14 वर्षीय लड़कियों के लिए देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की। इसे प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को मजबूत करने और महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में वैक्सीन लगवाने वाली छात्राओं ने इस अनुभव को आईएएनएस से बातचीत के दौरान सुरक्षित, सुकून देने वाला और अविस्मरणीय क्षण बताया।

लाभार्थी पूर्वी अग्रवाल ने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद उन्हें 'बहुत सुरक्षित' महसूस हुआ। उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि सर्वाइकल कैंसर से कई महिलाओं की मौत होती है, इसलिए यह वैक्सीन बहुत जरूरी है।”

पूर्वी ने बताया कि उन्होंने अखबारों में एचपीवी और सर्वाइकल कैंसर के बारे में पढ़ा था और सरकार के मुफ्त टीकाकरण अभियान की जानकारी भी थी। आमतौर पर इस वैक्सीन की कीमत लगभग 4,000 रुपए होती है, ऐसे में इसका मुफ्त उपलब्ध होना परिवारों के लिए बड़ी राहत है।

प्रधानमंत्री मोदी से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए पूर्वी ने कहा, “उन्होंने हमसे पूछा कि हम वैक्सीन क्यों लगवा रहे हैं, क्या कोई दबाव है, और हमारी पढ़ाई के बारे में भी पूछा। उन्होंने बहुत स्नेहपूर्वक बात की। मुझे ऐसा नहीं लगा कि मैं प्रधानमंत्री से बात कर रही हूं। यह अनुभव मैं कभी नहीं भूलूंगी।”

एक अन्य छात्रा चंचल मेघवंशी ने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद वह पूरी तरह सामान्य महसूस कर रही थीं। उन्होंने कहा, “मुझे कोई दर्द या परेशानी नहीं हुई। यह वैक्सीन भविष्य में लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाएगी।”

चंचल ने बताया कि वह 14-15 वर्ष की सभी लड़कियों को यह टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से बातचीत का अनुभव साझा करते हुए कहा, “पीएम ने मेरे परिवार, कक्षा और परीक्षा के बारे में पूछा। उनसे बात करके बहुत अच्छा लगा। ऐसा नहीं लगा कि मैं किसी बड़े व्यक्ति से बात कर रही हूं, बल्कि किसी बेहद सरल इंसान से बातचीत जैसा लगा।”

दोनों छात्राओं ने विश्वास जताया कि यह अभियान देशभर की लड़कियों के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए लाभकारी साबित होगा और महिलाओं को एक रोके जा सकने वाली, लेकिन जानलेवा बीमारी से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

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