गंगोत्री से गंगासागर तक योग यात्रा, काशी में लोगों ने एक साथ किया योगाभ्यास

काशी के पवित्र रविदास घाट पर 'गंगोत्री से गंगा सागर' अभियान के तहत एक योग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
गंगोत्री से गंगासागर तक योग यात्रा, काशी में लोगों ने एक साथ किया योगाभ्यास
गंगोत्री से गंगासागर तक योग यात्रा, काशी में लोगों ने एक साथ किया योगाभ्यासIANS
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काशी के पवित्र रविदास घाट पर 'गंगोत्री से गंगा सागर' अभियान के तहत एक योग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जन-जन तक योग के महत्व को पहुंचाना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना है। गंगा तट पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और योगाभ्यास किया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कहा कि यह यात्रा गंगोत्री से शुरू होकर गंगा सागर तक जाएगी। उन्होंने बताया कि आयुष मंत्रालय, आयुष मिशन और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के संयुक्त प्रयासों से यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व योग दिवस 21 जून के निकट होने के कारण यह एक सप्ताह व्यापी विशेष कार्यक्रम है, जिसके तहत देशभर में योग के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है।

मंत्री ने आगे कहा कि यह अभियान केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि नदी किनारों, गांवों के अमृत सरोवरों, पौराणिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थानों और शहरों के पार्कों तक योग को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना हैं कि समाज के हर वर्ग को योग से जोड़ना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है।

वहीं, आयुष विभाग की महानिदेशक चैत्रवी ने कहा कि यह आयोजन 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। 'गंगोत्री से गंगा सागर' शृंखला की शुरुआत 14 जून को गंगोत्री से की गई थी, जिसका उद्देश्य मां गंगा के उद्गम स्थल से लेकर उसके समुद्र में विलय स्थल तक योग का संदेश फैलाना है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत पहले ऋषिकेश और हरिद्वार में कार्यक्रम आयोजित किए गए, इसके बाद 16 जून को प्रयागराज में भव्य योग आयोजन हुआ। उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए 17 जून को वाराणसी के रवीदास घाट पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर योग का अभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा भी प्रदान करता है।

उन्होंने इस वर्ष की थीम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य है कि लोग उम्र बढ़ने के बावजूद स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकें। साथ ही "करें योग, रहें निरोग" के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। [SP]

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