

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। बताया गया कि वे जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में हुए आंदोलनों के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल से प्रभावित साहिल के मामले में जानकारी लेने और एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस स्टेशन के बाहर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।
राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने दावा किया कि साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे लगे हैं और उसकी आंख में तीन छर्रे लगे हैं। उन्होंने कहा कि एम्स की रिपोर्ट में भी शरीर में बड़ी संख्या में छर्रे होने की बात दर्ज है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार सुबह भी वे एक पुलिस स्टेशन गए थे, जहां से उन्हें दूसरे थाने जाने के लिए कहा गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पक्ष को लगातार परेशान किया जा रहा है।
कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक ने भी इस पूरे मामले को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच अपनी जगह जारी रहेगी लेकिन सबसे पहले यह पता लगना चाहिए कि कथित तौर पर कील लगी लाठियों के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। क्या इस कार्रवाई का आदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था या किसी और ने। अगर इस तरह की कार्रवाई का आदेश गृह मंत्री की ओर से दिया गया था, तो छात्रों पर हुए कथित बर्बर हमले की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने भी इस मुद्दे पर सरकार और दिल्ली पुलिस को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि एक नौजवान की आंख गंभीर रूप से घायल हो गई है और उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में पैलेट गन के छर्रे लगे हैं। जिस युवक के साथ इतना गंभीर घटनाक्रम हुआ, उसके बाद भी न्याय के लिए पीड़ितों और छात्रों को भटकना पड़ रहा है। यदि एफआईआर दर्ज नहीं की गई और राहुल गांधी की मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस मध्य प्रदेश के सभी पुलिस थानों का घेराव करेगी।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने पहुंचने को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि साहिल के वकील की मांग है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। यह कोई सामान्य एफआईआर नहीं है बल्कि पुलिस की कथित गैरकानूनी कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े मामले में विशेष एफआईआर है। कांग्रेस पिछले दो घंटे से एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रही है लेकिन अभी तक उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि बातचीत चल रही है और संभव है कि गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और गृह मंत्री से भी बात की गई होगी लेकिन कांग्रेस को अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इस मामले में राहुल गांधी का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक वे पुलिस स्टेशन से नहीं जाएंगे।(VR)
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)