इंडक्शन कुकटॉप के इस्तेमाल से देश में 13-27 गीगावाट तक बढ़ सकती है बिजली की मांग

ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी के डायरेक्टर जनरल कृष्ण चंद्र पाणिग्रही ने शुक्रवार को कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के कारण पैदा हुई एलपीजी की कमी के चलते इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल बढ़ने से देश में बिजली की मांग में वितरक स्तर पर 13-27 गीगावाट की बढ़ोतरी हो सकती है।
इंडक्शन कुकटॉप के इस्तेमाल से देश में 13-27 गीगावाट तक बढ़ सकती है बिजली की मांग
इंडक्शन कुकटॉप के इस्तेमाल से देश में 13-27 गीगावाट तक बढ़ सकती है बिजली की मांगIANS
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ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (Bureau of energy efficiency) के डायरेक्टर जनरल कृष्ण चंद्र पाणिग्रही ने शुक्रवार को कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के कारण पैदा हुई एलपीजी की कमी के चलते इंडक्शन कुकटॉप (induction cooktop) का इस्तेमाल बढ़ने से देश में बिजली की मांग में वितरक स्तर पर 13-27 गीगावाट की बढ़ोतरी हो सकती है।

पाणिग्रही ने कहा कि मांग के अनुमान की 13-27 गीगावाट की बड़ी रेंज होने की वजह अलग-अलग क्षेत्रों की जलवायु में अंतर होना और सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों में अंतर होना है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाणिग्रही ने बताया कि मांग में बड़ा बदलाव अभी देखा जाना बाकी है।

भारत अपनी एलपीजी (lpg) का लगभग 90 प्रतिशत आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से करता है, जो पश्चिम एशियाई संघर्ष के कारण बाधित है, जिसके चलते बड़ी संख्या में यूजर्स को इलेक्ट्रिक इंडक्शन कुकटॉप की ओर रुख करना पड़ा है।

ऊर्जा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पीयूष सिंह ने कहा था कि भारत को अप्रैल से जून के बीच 22 गीगावाट से अधिक क्षमता जोड़ने की उम्मीद है, जिसमें 3.5 गीगावाट तापीय ऊर्जा, 10 गीगावाट सौर ऊर्जा, 2.5 गीगावाट पवन ऊर्जा, 1.9 गीगावाट बैटरी ऊर्जा भंडारण और 750 मेगावाट जलविद्युत शामिल हैं। इसके अलावा, पंप स्टोरेज और हाइब्रिड परियोजनाओं में अतिरिक्त क्षमताएं देश की आपूर्ति में योगदान देंगी।

पश्चिम एशिया युद्ध (west asia conflict) के कारण गैस आपूर्ति में कमी को देखते हुए, देश की बिजली मांग को पूरा करने के लिए विद्युत मंत्रालय ने 10 गीगावाट क्षमता वाले कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के रखरखाव को तीन महीने के लिए स्थगित कर दिया है।

सिंह ने कहा, “इस अवधि के दौरान संयंत्रों का रखरखाव किया जाता है, लेकिन आवश्यकता और गैस आधारित आपूर्ति में कमी को देखते हुए हमने रखरखाव को स्थगित कर दिया है।”

उन्होंने अनुमान लगाया कि इस वर्ष बिजली की अधिकतम मांग 271 गीगावाट तक पहुंच सकती है।

अधिकारी ने बताया कि गैस आधारित संयंत्रों को अपना एलएनजी आयात करने की अनुमति दी गई है और सरकार क्षमता विस्तार पर ध्यान केंद्रित करते हुए कोयले की आपूर्ति पर नजर रख रही है।

वैश्विक एलएनजी (lng) निर्यात की मात्रा 7 मार्च को समाप्त सप्ताह में घटकर 8.6 मिलियन टन और उसके बाद के सप्ताह में 7.8 मिलियन टन रह गई, जो फरवरी 2026 में लगभग 9.6 मिलियन टन प्रति सप्ताह थी। यह गिरावट मुख्य रूप से कतर के शिपमेंट में 1.7 मिलियन टन से घटकर 0.06 मिलियन टन होने के कारण हुई है।

[VT]

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