हामिद अंसारी ने आतंकवादियों की तुलना मासूम बच्चों से की, ईरान में RAW Agents को मरवाने से लेकर ISI के लिए जासूसी करने तक...पूर्व उपराष्ट्रपति के जीवन के बड़े विवाद जानें l l

हामिद अंसारी ने कथित तौर पर कहा था कि “Terrorists are passionate children, we should try to see the world through their eyes”, इस बयान से भारतीय राजनीति में घमासान छा गया है l
अंसारी पर आरोप लगे हैं कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI यानी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस  (Inter-Services Intelligence) को इनकी पूरी मदद मिलती थी l उसे सब पता लग गया कि कौन से एजेंट किस इलाके में छुपे हैं और उनके पल-पल की खबर ISI के पास रहती थी l
हामिद अंसारी ने कथित तौर पर कहा था कि “Terrorists are passionate children, we should try to see the world through their eyes”, इस बयान से भारतीय राजनीति में घमासान छा गया है l AI Generated
Published on
Updated on
3 min read

भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का पूरा नाम मोहम्मद हामिद अंसारी (Mohammad Hamid Ansari) है l अंसारी इस गौरवशाली पद पर होने से पहले कर्र बड़े और महत्वपूर्ण  पदों पर आसीन थे l वर्ष 1961 में  इंडियन फॉरेन सर्विस (Indian Foreign Service) से जुड़े l अपने 38 साल के कार्यकाल में वो कई देशों में (जैसे ऑस्ट्रेलिया के राजदूत, अफगानिस्तान के राजदूत, ईरान और सऊदी अरबिया के राजदूत) भारत के राजदूत  के तौर पर काम किया है और साल 1993 - 1995 के बीच में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप के काम किया l साल 2007 से 2017 तक वो भारत के उपराष्ट्रपति के पद पर आसीन रहे l वो पहली बार  11 अगस्त 2007  में उपराष्ट्रपति बने और दूसरा कार्यकाल 7 अगस्त 2012  तक रहाl 

7 जनवरी 2026 को कपिल सिबल (Kapil Sibbal) के कार्यक्रम "दिल से" में एक साक्षात्कार के दौरान  हामिद अंसारी ने कथित तौर पर कहा था कि “Terrorists are passionate children, we should try to see the world through their eyes”, इस बयान से भारतीय राजनीति में घमासान छा गया है l कई राजनेता और पूर्व राजनयिक ने  इस मुद्दे को लेकर अपनी राय रखी है l

कई नेताओं ने उन पर गंभीर आरोप लगाया है कि जब वह ईरान में भारत के राजदूत थे तब उन्होंने भारत के खुफिया एजेंसी RAW यानी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग  (Research & Analysis Wing) की ख़ुफ़िया जानकारी को ईरान के साथ साझा किया और जो RAW का  नेटवर्क पहले से ईरान में सक्रिय था वह सब धराशाही हो गया l अंसारी पर यह भी आरोप लगता है कि उन्होंने चुन-चुन कर एजेंट्स और एसेट्स (agents and assets) को अपने रास्ते से साफ़ किया जो भी उस समय उनके काम में हस्तक्षेप करते थे l 

जब पाकिस्तान में कहूटा (Kahuta) के खान रिसर्च लेबोरेटरी (Khan Research Laboratories) में परमाणु परीक्षण (Pakistan Nuclear Program) का काम चल रहा था उस वक्त भी अंसारी पर आरोप लगे हैं कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI यानी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस  (Inter-Services Intelligence) को इनकी पूरी मदद मिलती थी l उसे सब पता लग गया कि कौन से एजेंट किस इलाके में छुपे हैं और उनके पल-पल की खबर ISI के पास रहती थी l उन्होंने एक एक एजेंट का पीछा कर, उनके हर पल की खबर पाकिस्तान आर्मी और इंटेलिजेंस को देते थे और मौका मिलते ही सभी RAW एजेंट्स को बारी-बारी से मरते थे l

फिर भी कुछ भारत के वीर जाम्बाज अपने मंजिल को पाने के लिए हर चुनौती का सामना करते हुए उस परमाणु परीक्षण वाले क्षेत्र में दाखिल हो गए और अपनी जान की बाजी लगाकर पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण का सबूत इकठ्ठा किया और फिर उसे सही सलामत भारत पहुँचाया और आखिरी में भारत फिर एक बार पाकिस्तान का चेहरा दुनिया के आगे बेनकाब कर दिया l भारत ने इस बात को विश्व पटल पर रखा लेकिन उस समय तक काफी देर हो चूका था और पाकिस्तान परमाणु परीक्षण करने में कामयाब हुआ l

एक बार भाजपा के नेताओं ने अंसारी पर बड़े संगीन आरोप लगाते हुए कहा था कि हामिद अंसारी पकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं और अपने देश को धोखा देते हैं l   जब भारत के जांबाज अपने घर-परिवार से दूर रह कर देश की सेवा के लिए उच्च बलिदान दे रहे थे तब अपने ही देश के लोग उनके जान के दुश्मन बने हैं l

[VT]

यह भी पढ़ें:

अंसारी पर आरोप लगे हैं कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI यानी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस  (Inter-Services Intelligence) को इनकी पूरी मदद मिलती थी l उसे सब पता लग गया कि कौन से एजेंट किस इलाके में छुपे हैं और उनके पल-पल की खबर ISI के पास रहती थी l
'पाकिस्तान को आईएमएफ से मिले कर्ज से ज्यादा जम्मू-कश्मीर का विकास बजट', यूएन में भारत ने पाक को दिखाया आईना

Related Stories

No stories found.
logo
www.newsgram.in