

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) (Banaras Hindu University) ने भारत-टास्क फोर्स का गठन किया है। टास्क फोर्स (task force) का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी एवं कृषि में एआई आधारित रिसर्च को बढ़ावा देना है।
इसमें पुरानी परंपराओं और नई तकनीकों को एक साथ मिलाया जाएगा। साथ ही, आयुर्वेद के नियमों और शरीर की बनावट (जीनोम) के डेटा को जोड़कर स्वास्थ्य को समझने की कोशिश की जाएगी। इससे कैंसर व टीबी व अन्य रोगों की प्रारंभिक पहचान संभव हो सकेगी। एआई से फसल के पूर्वानुमान, मौसम आदि पर भी कार्य किया जाएगा।
भारत-टास्क फोर्स, यानी बीएचयू होलिस्टिक एआई-ड्रिवन रिसर्च फॉर एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी एंड हेल्थ (BHU Holistic AI-driven research for Agriculture, Technology and Health) टास्क फोर्स का गठन विश्वविद्यालय को स्वदेशी, नैतिक तथा साक्ष्य-आधारित एआई समाधानों के क्षेत्र में बनाएगा। टास्क फोर्स का एक प्रमुख दायित्व एकीकृत एआई प्रोटोकॉल का विकास है।
विश्वविद्यालय का कहना है कि टास्क फोर्स पूर्वांचल क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स विकसित करेगी। इसके तहत कैंसर एवं क्षय रोग सहित विभिन्न बीमारियों की प्रारंभिक पहचान हेतु एआई उपकरण तैयार किए जाएंगे। साथ ही फसल उत्पादन पूर्वानुमान, कीट प्रबंधन तथा पर्यावरणीय निगरानी जैसे जलवायु-अनुकूल कृषि समाधान पर भी कार्य किया जाएगा।
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी (Ajit Kumar chaturvedi) का कहना है कि भारत-टास्क फोर्स का एक प्रमुख उद्देश्य अंतर्विषयी क्षमता निर्माण है। वैज्ञानिक-समन्वयकों की नई पीढ़ी तैयार की जाएगी। इससे तकनीकी नवाचार और जीवन विज्ञान के बीच की दूरी कम करने में सहायता मिलेगी। भारत-टास्क फोर्स में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रतिष्ठित शिक्षकों एवं विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इनमें चिकित्सा विज्ञान संस्थान, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय, आयुर्वेद संकाय, जैव प्रौद्योगिकी विद्यालय, कंप्यूटर विज्ञान विभाग, कृषि विज्ञान संस्थान, एग्रोनॉमी विभाग, सांख्यिकी विभाग, पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान तथा आईआईटी (बीएचयू) के कंप्यूटर विज्ञान विभागों के विशेषज्ञ शामिल हैं।
दरअसल यह यह पहल भारत सरकार की एसएएचआई (भारत के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति) तथा बोध (स्वास्थ्य एआई हेतु ओपन डेटा प्लेटफॉर्म बेंचमार्किंग) रूपरेखाओं के अनुरूप है। साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है। इसके अलावा यह प्रधानमंत्री मोदी के एआई शिखर सम्मेलन में व्यक्त उनके विजन के अनुरूप भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष तीन एआई महाशक्तियों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)