पत्थर दिल हुई काँग्रेस ! ₹5,000 करोड़ की गांधी प्रतिमा के लिए 450 परिवारों को बेघर कर रही तेलंगाना सरकार

तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार ने महात्मा गांधी के नाम से एक प्रतिमा बनाने का निर्णय किया है। यह प्रतिमा महात्मा गांधी सरोवर परियोजना के तहत मूसी नदी के किनारे बनाया जाएगा।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार ने महात्मा गांधी के नाम से एक प्रतिमा बनाने का निर्णय किया है। यह प्रतिमा महात्मा गांधी सरोवर परियोजना के तहत मूसी नदी के किनारे बनाया जाएगा। X
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Summary
  • तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार ने महात्मा गांधी की एक विशाल प्रतिमा बनाने का फैसला किया है।

  • हैदराबाद की मधु पार्क रिज कॉलोनी के लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे 50–60 वर्षों से वहां रह रहे हैं और प्रतिमा किसी दूसरी खाली सरकारी जमीन पर भी लगाई जा सकती है।

  • सरकार इसे पर्यावरण सुधार और विकास से जोड़कर देख रही है तथा शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय नेताओं को आमंत्रण भेजे गए हैं, जिनमें राजनाथ सिंह भी शामिल हैं।

तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार ने महात्मा गांधी के नाम से एक प्रतिमा बनाने का निर्णय किया है। यह प्रतिमा महात्मा गांधी सरोवर परियोजना के तहत मूसी नदी के किनारे बनाया जाएगा। 

रेवंत रेड्डी के इस परियोजना से आमजन को काफी नुकसान सहना पड़ रहा है। महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की प्रतिमा लगाने के लिए 450 घरों को खाली करने का आदेश दिया गया है। फिलहाल इस मामले को लेकर तेलंगाना सरकार को हैदराबाद के मधु पार्क रिज कॉलोनी के लोगों का विरोध देखना पड़ रहा है। 

क्या है पूरा मामला 

दरससल, तेलंगाना में महात्मा गांधी सरोवर परियोजना के तहत हैदराबाद की मूसी नदी के पुनरुद्धार का कार्य चल रहा है। इस परियोजना के तहत महात्मा गांधी की सबसे ऊंची प्रतिमा राज्य सरकार की तरफ से लगाई जा रही है।

फिलहाल इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 450 घरों को खाली करने के आदेश दे दिया है। इस प्रतिमा के बनाने का विरोध हैदराबाद के मधु पार्क रिज कॉलोनी के लोगों ने करना शुरू किया। राज्य सरकार से उन्होंने मांग किया कि इतने लंबे समय से वे लोग वहाँ पर रह रहे थे। प्रतिमा को किसी दूसरी जगह लगाया जाए। इधर सरकार ने इस मामले पर अपने रुख को स्पष्ट करते हुए स्थानीय लोगों को मुआवजा के रूप में TDR बॉन्ड देना शुरू कर दिया है। 

लोगों का कहना है कि TDR बॉन्ड का बाजार काफी मंद पड़ा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ उनकी शिकायत है कि 50-60 साल से वे लोग रह रहे हैं। उनका कहना है कि वो महात्मा गांधी का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य के अंदर बहुत सारी जमीन खाली पड़ी है, सरकार को वहाँ पर महात्मा गांधी की प्रतिमा बनानी चाहिए। 

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने देश के अलग-अलग पार्टियों के नेताओं को परियोजना के शिलान्यास में निमंत्रण भेजे हैं । इसी क्रम रेवंत रेड्डी ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को भी निमंत्रण भेजा था। रेवंत रेड्डी का कहना है कि पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए, तेलंगाना में एक बेहतर वातावरण प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए विकास के के हर पहलू को स्पर्श करने की कोशिश की जा रही है।

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विकास का मतलब विनाश नहीं हो सकता है

तेलंगाना (Telangana) सरकार के इस परियोजना में जिन लोगों को ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उनके हित प्रभावित हो रहे हैं, उनकी तरफ से यह कहा जा रहा है कि सरकार विकास के नाम पर असल में विनाश की आधारशिला रख रही है। उनका कहना है कि इस मूर्ति को किसी अन्य स्थान पर भी लगाया जा सकता है। 

बता दें कि तेलंगाना (Telangana) पहला राज्य नहीं है, इसके अलावा अन्य बहुत सारे राज्य हैं जहां पर विकास के बदले में विनाश का आरोप लगाया गया है। इसके पहले छत्तीसगढ़ में स्थित हसदेव जंगल को तबाह करने की कोशिश की गई।

आदिवासी (Adivasi) समुदाय द्वारा लगातार हसदेव जंगल को बचाने के लिए सरकार का विरोध किया गया था। सरकार ने आदिवासियों की एक न सुनी और उद्योगपतियों के हाथों हंसदेव जंगल को तबाह करने के लिए छोड़ दिया था। हाल ही में सबसे पुरानी पर्वत शृंखला अरावली के कुछ हिस्सों को खत्म करने के आदेश के खिलाफ राजस्थान में जमकर विरोध किया गया  था। 

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