

देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम-डीएमडीके (Desiya Murpokku Dravida Kazhagam)ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 10 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस सूची में अनुभव, विरासत और नई पीढ़ी के संतुलन को साधने की कोशिश की है।
सूची में सबसे प्रमुख नाम पार्टी की महासचिव प्रेमलता विजयकांत (Premlatha Vijaykant) का है, जिन्हें वृधाचलम सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। यह सीट दिवंगत पार्टी संस्थापक विजयकांत से जुड़ी रही है, जिन्हें “कैप्टन” के नाम से जाना जाता था। इस फैसले को पार्टी की जड़ों और परंपरागत वोट बैंक से जुड़ाव मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है।
पार्टी ने नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के संकेत देते हुए युवा विंग के सचिव वी. विजय प्रभाकरन को विरुधुनगर सीट से मैदान में उतारा है। वह प्रेमलता और विजयकांत के पुत्र हैं। उनकी उम्मीदवारी को पार्टी में निरंतरता और बदलाव के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।
अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में वी. एलंगोवन (धर्मपुरी), पूर्व विधायक आर. मोहनराज (सेलम पश्चिम), ए.आर. एलंगोवन (ओमलूर), एल. वेंकटेशन (मायलम), डी. मुरुगेशन (पल्लावरम), डी. कृष्णमूर्ति (तिरुत्तनी), के.बी. प्रथाब (गुडियाथम) और टी.पी. सरवनन (पोलूर) शामिल हैं।
डीएमडीके इन 10 सीटों पर द्रमुक के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव एलायंस (Secular Progressive Alliance) के तहत चुनाव लड़ रही है, जहां वह सहयोगी दल की भूमिका में है।
पार्टी नेताओं के मुताबिक सभी उम्मीदवार पारंपरिक “मुरासु” (ढोल) चुनाव चिन्ह पर ही मैदान में उतरेंगे, जो पार्टी की पहचान का प्रमुख प्रतीक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवारों के चयन में अनुभवी नेताओं और नए चेहरों का संतुलन बनाते हुए विजयकांत की विरासत का लाभ उठाने की कोशिश की गई है। साथ ही, पार्टी ने सीमित सीटों पर फोकस करते हुए अपनी ताकत वाले क्षेत्रों में पकड़ मजबूत करने की रणनीति अपनाई है।
चुनाव नजदीक आते ही डीएमडीके का यह कदम उसके अभियान की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।
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