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आम आदमी पार्टी राजनीतिक हवाला घोटाले के आरोप में फंस गई है। सूरत में क्राइम ब्रांच ने जांच में अवैध वित्तीय नेटवर्क का खुलासा किया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी को बीजेपी ने घेरना शुरू कर दिया है। पिछले चार महीनों में दिल्ली से सूरत तक अंगड़िया चैनलों के माध्यम से 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का हेरफेर किया गया है।
दरअसल, सूरत में क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में खुलासा किया है। यह गिरोह दिल्ली से गुजरात तक फैला हुआ था। इसके माध्यम से करोड़ों रुपये की हेराफेरी हुई है। पुलिस ने कुछ लोगों के नाम का खुलासा किया है जिनके ऊपर कार्रवाई हुई है। जितने लोगों के नाम का खुलासा हुआ है उसमें से कुछ लोगों के संबंध आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं से हैं। हिमांशु पाहुजा इस मामले में आरोपी हैं और दिल्ली में जनकपुरी के रहने वाले हैं। इनका संबंध आम आदमी पार्टी के नेता सुरेंद्र भारद्वाज से बताया जा रहा है। हिमांशु पाहुजा सुरेंद्र भारद्वाज के बेहद करीबी लोगों में से एक हैं।
इस मामले में आम आदमी पार्टी के सत्येन्द्र जैन का नाम भी सामने आ रहा है। दरअसल, आकाश मिश्रा जो कि इस मामले में आरोपी बताए जा रहे हैं वो दिल्ली के रहने वाले बड़े नेता पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के करीबी हैं। आकाश मिश्रा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के पूर्व में निजी सचिव रह चुके हैं। इसी तरीके से एक अन्य नाम अजय तिवारी का सामने निकलकर आया है जो कि आकाश मिश्रा के दोस्त बताए जा रहे हैं।
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आम आदमी पार्टी के नेता सत्येन्द्र जैन के ऊपर पहले भी आरोप लग चुके हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलकाता में उन्होंने शैल कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर पैसे का हेराफेरी किया। ED और सीबीआई के मुताबिक, सत्येन्द्र जैन ने मंत्री रहते हुए (2015-17) अपनी कंपनियों में बड़े पैमाने पर पैसा निवेश करवाया। उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने कोलकाता के एंट्री ऑपरेटर्स को नगद पैसे दिए और एंट्री ऑपरेटर्स ने कोलकाता की कंपनियों के माध्यम से सत्येन्द्र जैन के कंपनी में निवेश करवाया। यह मामला जब प्रकाश में आया तो आम आदमी पार्टी की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया। केजरीवाल ने सत्येन्द्र जैन का बहुत बचाव किया लेकिन इस मामले से आम आदमी पार्टी की छवि धूमिल हो गई और इसका खामियाजा दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 में आम आदमी पार्टी को भुगतना पड़ा।
भारतीय लिबरल पार्टी के पूर्व अध्यक्ष डॉ मुनीश कुमार रायज़ादा ने जमकर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पर अब गंभीर आरोप लगने लगे हैं। आम जनता के मन में यह सवाल खड़ा होने लगा है कि व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर बनी पार्टी महज कुछ लोगों के कमाने का जरिया कैसे बनकर रह गई। पारदर्शिता के नाम पर बनी पार्टी अब चन्दा का हिसाब देने से भागने लगी है।
ईमानदारी का चोला ओढ़कर भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े योजनाओं को अंजाम दिया जाने लगा। आम आदमी पार्टी पर आरोप लगने वाला यह सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। पंजाब में जबसे सरकार बनी है लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगते जा रहे हैं। भटिंडा ग्रामीण से विधायक अमित रतन कोटफट्टा का मामला हो या हरमीत सिंह पठानमाजरा का महिला से रेप का मामला हो या कापसहेड़ा में आम आदमी पार्टी (AAP) के ऊपर गुंडागर्दी वाला आरोप लगा हो, इन सभी ने आम आदमी पार्टी की छवि को ईमानदारी के कटघरे से निकलकर भ्रष्टाचार का पर्याय बना दिया है।
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