

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए लाखों श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं। व्रत में कई लोग बिना नमक वाला फलाहार ग्रहण करते हैं, तो वहीं कुछ लोग नमक वाले फलाहार का सेवन करते हैं। लेकिन, यह साधारण नमक नहीं होता है, बल्कि सेंधा नमक होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि व्रत में सिर्फ सेंधा नमक (रॉक सॉल्ट) ही क्यों खाया जाता है? इसके पीछे सिर्फ धार्मिक मान्यता ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक कारण भी छिपे हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत का उद्देश्य सिर्फ भूखे रहना नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों को शुद्ध करना होता है। इसी कारण व्रत में ऐसी चीजें खाने की सलाह दी जाती है, जो प्राकृतिक, सात्विक और कम से कम प्रोसेस्ड हों। सेंधा नमक इन्हीं गुणों के कारण व्रत में खाया जाता है।
साधारण नमक फैक्ट्री में कई रासायनिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। इसमें आयोडीन और अन्य तत्व मिलाए जाते हैं, जिससे यह प्रोसेस्ड फूड की श्रेणी में आ जाता है। वहीं, सेंधा नमक प्राकृतिक रूप से चट्टानों से निकाला जाता है। इसे किसी बड़े रासायनिक प्रसंस्करण से नहीं गुजारा जाता, इसलिए इसे अधिक शुद्ध माना जाता है। यही वजह है कि धार्मिक परंपराओं में इसे व्रत के लिए उपयुक्त माना गया है।
अगर वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो भी सेंधा नमक कई मायनों में फायदेमंद माना जाता है। व्रत के दौरान लोग सामान्य भोजन नहीं करते, जिससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। सेंधा नमक शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और थकान या कमजोरी को कम करने में सहायक हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार सेंधा नमक में सामान्य नमक की तुलना में सोडियम अपेक्षाकृत कम और पोटेशियम, मैग्नीशियम जैसे खनिज अधिक होते हैं। यही कारण है कि यह पाचन तंत्र के लिए अपेक्षाकृत हल्का माना जाता है। कई लोग व्रत के दौरान फल, दही, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बने भोजन में सेंधा नमक मिलाकर खाते हैं, ताकि शरीर को जरूरी खनिज भी मिलते रहें।
इसके अलावा सेंधा नमक की तासीर ठंडी मानी जाती है। माना जाता है कि यह शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन को सहज बनाए रखने में मदद करता है। व्रत के दौरान लंबे समय तक भोजन न करने से होने वाली थकान और कमजोरी को कम करने में भी यह उपयोगी माना जाता है। हालांकि, किसी भी नमक का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों या ऐसे लोगों को, जिन्हें लंबे समय तक भूखे रहने में दिक्कत होती है, व्रत के दौरान संतुलित फलाहार और जरूरत के अनुसार सेंधा नमक लेने की सलाह दी जाती है। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)