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हाल ही में महाराष्ट्र में केतन अग्रवाल केस ने भारतीय जनमानस पर गहरी और नकारात्मक छाप छोड़ी है। केतन अग्रवाल के मामले में युवती सिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन बहुत लोगों के मन में ये सवाल आ रहे हैं कि सिया ने इस पूरे घटनाक्रम को कैसे अंजाम दिया। आइए समझते हैं पूरी कहानी।
केतन अग्रवाल मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले थे। उनके पिता विशाल अग्रवाल रियल एस्टेट की एक कंपनी के मालिक थे। अमेरिका के प्रतिष्ठित बाबसन कॉलेज से 'मास्टर ऑफ विज्ञान इन एंटरप्रेन्योरशिप' (Master of Science in Entrepreneurship) की डिग्री हासिल करने वाले केतन अग्रवाल महज 26 साल की उम्र में पुणे के 600 करोड़ रुपये के रियल एस्टेट साम्राज्य सक्सेस ग्रुप के डायरेक्टर और सीएमओ थे। इसी बीच मंगेतर सिया ने ऐसा काम कर दिया जिससे केतन की जान चली गई।
वहीं, सिया गोयल मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे शहर की रहने वाली है। सिया के पिता प्रवीण गोयल 'बी. जी. गोयल एंड कंपनी' (B.G. Goyal & Company) के मालिक हैं। दोनों परिवारों में लगभग सहमति बन चुकी थी। सिया ने बारहवीं की पढ़ाई के बाद एक प्राइवेट कॉलेज में बैचलर ऑफ कॉमर्स में दाखिला लिया था। इसी बीच सिया की शादी केतन अग्रवाल के साथ तय कर दी गई थी।
सिया और केतन की सगाई फरवरी 2026 में ही हुई थी। दोनों की शादी साल 2026 के नवम्बर महीने में सुनिश्चित थी। जानकारी के मुताबिक, सिया के घरवालों का कहना है कि वह शादी के लिए शुरू से तैयार थी। उनका कहना है कि सिया ने कभी भी शादी के मामले में आपत्ति नहीं जताई।
वहीं सिया ने पुलिस के सामने बयान दिया है कि उसे दबाव में रखा गया था और दबाव देकर शादी कराई जा रही थी। सिया ने कहा कि वह शादी के लिए अंदर से तैयार नहीं थी, लेकिन परिवार की इज्जत बचाने के लिए विरोध नहीं कर पाई और केतन को ही रास्ते से हटाने की योजना बना डाली।
केतन को मारने के लिए सिया ने तीन अलग-अलग तरकीबें सोच रखी थीं। सूत्रों के मुताबिक, सिया ने केतन को मारने का पहला प्लान बाली में बनाया था। सिया का मानना था कि बाली में किसी ऊंची जगह से केतन को धकेलकर मार दिया जाएगा। वहीं दूसरा प्लान सिया ने बनाया था कि केतन को लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के बहाने ले जाकर खाई में धकेलकर मार डालेगी। प्लान के मुताबिक सिया ने 14 जून 2026 के दिन केतन को मारने का प्रयास किया लेकिन केतन उस समय झाड़ी का सहारा लेकर बच गए।
18 जून 2026 को सिया और चेतन ने योजना के तहत काम शुरू किया। सिया और केतन जब लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए दोबारा गए तो चेतन भी उनका पीछा कर रहा था। मौका मिलते ही चेतन ने केतन को 400 फीट गहरी खाई में धकेल दिया जिससे केतन की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया का यह प्लान असफल होता तो वह केतन को महाबलेश्वर पहाड़ी में ले जाकर मारने वाली थी।
पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को 23 जून 2026 को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कर रही है। वहीं दूसरी तरफ सिया और चेतन से पूछताछ जारी है। 23 जून 2026 को पुणे के वडगाँव मावल मजिस्ट्रेट कोर्ट (Vadgaon Mawal Court) में दोनों आरोपियों को पेश किया गया। इसके बाद 29 जून 2026 तक के लिए दोनों को पुलिस हिरासत में रखा गया है।
बता दें कि सिया के पिता ने कहा कि अगर बेटी दोषी है तो उसे उसी तरीके से मार दिया जाए जैसे उसने केतन को मारा था। वहीं केतन के घरवालों का कहना है कि अगर सिया को शादी नहीं करनी थी तो वह बता दी होती, हम शादी को रोक देते, इसके लिए किसी की जान लेने की जरूरत नहीं थी। केतन के पिता का कहना है कि सिया के घरवालों को उसके प्रेमी के बारे में जब सबकुछ पता था तो उन लोगों ने इसे दबाने का प्रयास किया। वहीं चेतन के पिता का कहना है कि सिया चेतन को इस पूरे प्रकरण में फंसा रही है। हालांकि कोर्ट का फैसला आना बाकी है कि इस पूरे प्रकरण में कौन-कौन दोषी है।
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