

इंडिया गठबंधन की संसद भवन में जो बैठक हुई, उसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी दल के नेता थे. उसमें तृणमूल कांग्रेस की तरफ से शताब्दी रॉय शामिल हुईं और उन्होंने बैठक में कहा कि बंगाल में जिस ढंग से SIR (Special Intensive Revision) का प्रक्रिया की जा रही है वह बहुत अनुचित है, इसमें चुन-चुन कर तृणमूल कांग्रेस के वोट काटे जा रहे हैं.
चुनाव आयोग (Election Commission) की पूरा टीम पश्चिम बंगाल के दो दिनों के दौरे पर है, जिसका वहां पर तृणमूल कांग्रेस विरोध कर रही है. वहीं संसद में तृणमूल कांग्रेस देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार(Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar) के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी में है. TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने बजट सत्र के पहले भाग में ही कहा था कि उनकी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाएगी l
मगर उसी वक्त कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) लाने का फैसला किया, इस पर भी विपक्ष में दरार दिखी, उस समय सभी विपक्षी दलों के सांसदों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए मगर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने हस्ताक्षर नहीं किए. अब जब बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हुआ तो तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर वह विपक्ष के साथ है और विपक्ष के साथ वोट भी करेगी. जब भी किसी राज्य में चुनाव होते है उस वक्त विपक्ष की नाराजगी साफ़ तौर पर दिखती है और हमेशा से ही इस बात का सत्ताधारी पार्टी को इसका फायदा हुआ है l लेकिन जब किसी प्रस्ताव का विरोध करना हो तब विपक्ष एक-जुट हो जाती है और सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोलती है l
इंडिया गठबंधन की संसद भवन में जो बैठक हुई, उसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी दल के नेता शामिल हुए l उसमें तृणमूल कांग्रेस के तरफ से शताब्दी रॉय शामिल हुईं और उन्होंने बैठक में कहा कि बंगाल में जिस ढंग से SIR का प्रक्रिया की जा रही है वह बहुत अनुचित है, तृणमूल कांग्रेस को जानबूझकर कर निशाना बनाया जा रहा है और इससे चुन-चुन कर तृणमूल कांग्रेस के वोट काटे जा रहे हैं l
अभी तक संसद में किसी भी मुख्य चुनाव आयुक्त या चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग दर्ज नहीं किया गया है. ज्ञानेश कुमार पहले ऐसे मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे जिन पर ये गाज गिरेगी l इतना जरूर हुआ है कि भारत के संसदीय इतिहास में 5 बार हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ महाभियोग लाया गया है और अभी जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ भी महाभियोग लाने की प्रक्रिया चल रही है जिसके लिए 100 से अधिक लोकसभा और 50 से अधिक राज्यसभा सांसद अपने हस्ताक्षर कर चुके हैं.
मुख्य चुनाव आयुक्त पर महाभियोग (Impeachment) चलाने के लिए राज्यसभा में 50 तो लोकसभा में 100 सांसदों के हस्ताक्षर चाहिए. इस पर तृणमूल कांग्रेस को कोई समस्या नहीं होगी. तृणमूल कांग्रेस नेता शताब्दी रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी महाभियोग के प्रस्ताव के ड्राफ्टिंग में जुटी है.
राज्यसभा की संख्या के आधार पर सरकार को कोई दिक्कत नहीं होगी और महाभियोग का विपक्ष का प्रस्ताव गिर जाएगा. 245 की राज्यसभा में एनडीए के पास 134 सांसद हैं जबकि इंडिया गठबंधन के पास 79 सांसद हैं, 30 सांसद ऐसे पार्टियों से हैं जो ना एनडीए में हैं और ना ही इंडिया गठबंधन में. जैसे आम आदमी पार्टी, वाईएसआर कांग्रेस, बीआरएस, बीजेडी आदि जबकि दो सीट खाली पड़ी हैं. मगर तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि सदन में वो अपनी बात कहना चाहती है और अपनी बातों को रिकॉर्ड पर लाना चाहती है.
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