ओड़िसा के सरकारी बाबू साहब का नोट महल! 30 हज़ार के घूस ने खोली 4 करोड़ की पोल, विजिलेंस अधिकारियों ने रंगे हाथ दबोचा

ओड़िसा (Odisha) से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है। एक मामूली कार्रवाई लगने वाली रेड ने अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया।
ओडिशा में विजिलेंस छापे के बाद गिरफ्तार माइन ऑफिसर की तस्वीर और उसके ठिकाने से बरामद नोटों की बड़ी गड्डियों का ढेर फर्श पर बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है।
ओड़िसा के सरकारी बाबू साहब को विजिलेंस अधिकारियों ने 30 हज़ार का घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा। X
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भारत में घूस यानी रिश्वत लेना एक ट्रेंड सा बन गया है। 'सरकारी बाबू साहब' ये शब्द अगर आप सुन लें, तो पहली छवि आपके मन में यही बनेगी कि ये कुर्सी पर बैठा व्यक्ति आपका काम बिना पैसा लिए करेगा ही नहीं। आज़ादी के बाद से लेकर अब तक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2 से 3 लाख के बीच ऐसे केस दर्ज हुए हैं, जिसमें सरकारी बाबू साहेब घूस लेते पकड़े गए हैं।

ये तो दर्ज हुए मामले हैं लेकिन आप सोच सकते हैं कि जो मामले कभी दर्ज ही नहीं हुए हैं, उसको मिला दें, तो आंकड़ा करोड़ों में हो सकता है। ऐसी ही एक खबर ओड़िसा (Odisha) से सामने आई है जहाँ सरकारी बाबू साहब अपने नोट महल से घूस लेते धरा (पकड़ा जाना) गए हैं। क्या है पूरा मामला आइये समझते हैं।

रिश्वत लेते पकड़े गए सरकारी बाबू साहब

ओड़िसा (Odisha) से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है। एक मामूली कार्रवाई लगने वाली रेड ने अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया। विजिलेंस अधिकारी गए तो थे 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते एक माइन ऑफिसर को पकड़ने के लिए लेकिन उसके घर से पूरे 4 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। नोटों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि उसे गिनने के लिए मशीन तक लानी पड़ी।

घूस लेने वाले माइन ऑफिसर का नाम देवब्रत मोहंती है, जो कटक में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं। उन्हें विजलेंस अधिकारियों ने तब गिरफ्तार किया जब वो लाइसेंसधारी कोयला कारोबारी से 30 हजार रुपये घूस ऐंठ रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह रकम कोयला डिपो संचालन को सुचारू बनाने और ट्रांसपोर्ट परमिशन दिलाने के लिए मांगी थी।

4 करोड़ का कैश हुआ बरामद

25 फ़रवरी 2026 को विजिलेंस अधिकारियों ने पहले तो देवब्रत मोहंती को तड़के सुबह रिश्वत लेते दबोचा और फिर इसके बाद भुवनेश्वर के पाटिया इलाके के श्री विहार स्थित उनके फ्लैट समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान अधिकारियों को ट्रॉली बैग और अलमारियों में भरे नोटों की गड्डियां मिलीं। कैश पूरे 4 करोड़ रुपए था, जिसे मौके पर गिनना कठिन हो रहा था। इसके बाद नोट गिनने की मशीन मंगवानी पड़ी।

बता दें कि देवब्रत मोहंती को रंगे हाथ पकड़ने के बाद ओडिशा विजिलेंस के डायरेक्टर यशवंत जेठावा ने बताया कि यह राज्य का सबसे बड़ा कैश सीजर केस है। इसके साथ ही विजिलेंस अधिकारियों को मोहंती के ऑफिस से 1.20 लाख रुपये नकद बरामद हुए। वहीं, भुवनेश्वर के पहाला इलाके में मोहंती का दो मंजिला आलिशान मकान है जहाँ से करीब 130 ग्राम सोना भी जब्त किया गया है।

चौंकाने वाला है पिछले 5 साल का रिपोर्ट

वहीं, अगर आप पिछले 5 साल के रिश्वत लेने का आंकड़ा देखें, तो ये काफी चौंकाने वाले हैं। National Crime Records Bureau (NCRB) की वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ एक साल में भ्रष्टाचार के 4,069 केस सामने आए हैं। इसमें से 2,875 मामले ट्रैप वाले थे यानी अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़े गए।

साथ ही 2018-2023 के बीच बात करें तो सिर्फ CBI ने ही 216 मामले सिविल सेवा अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किये हैं। राज्यों की एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की रिपोर्टों के अनुसार 2023 में ही राज्य पुलिस ने भ्रष्टाचार के मामले में 4,759 लोगों को दबोचा। इन आंकड़ों से यह तो समझ आता है कि सालाना 4,000 से 5,000 अधिकारी और कर्मचारी घूस लेते पकड़े जा रहे हैं।

ओडिशा में विजिलेंस छापे के बाद गिरफ्तार माइन ऑफिसर की तस्वीर और उसके ठिकाने से बरामद नोटों की बड़ी गड्डियों का ढेर फर्श पर बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है।
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