

मुंबई क्राइम ब्रांच की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में आश्रम के बाहर हुए बमबाजी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की। सीआईयू ने इस मामले में मुंबई के बोरीवली से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, यह मामला मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर थाने में दर्ज किया गया था। घटना पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ समय बाद हुई थी, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोकी खान (24) और सहादत सरकार (35) के रूप में हुई है। रोकी खान कंडी होटल पारा का निवासी और पेशे से ड्राइवर है, जबकि सहादत सरकार ग्राम नतुन पुरा का निवासी और मजदूर है।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला माजीहेरपाड़ा पोस्ट ऑफिस क्षेत्र निवासी किराना दुकानदार पशुपतिनाथ साहा की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि अली हुसैन उर्फ लादेन, हसन एसके और उनके तीन अन्य अज्ञात साथी इस घटना में शामिल हैं और अभी फरार हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 12 मई को अज्ञात लोगों ने आश्रम के पास स्थित मां दुर्गा मंदिर के सामने लगे बिजली के खंभे पर लगे फोटो फाड़ दिए थे। इसके बाद 13 मई की रात करीब 10:45 बजे आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर आश्रम के सामने खाली मैदान में सॉकेट बम फेंके, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और शांति भंग हुई। अगली सुबह 14 मई को करीब 10:30 बजे आरोपी मोटरसाइकिल से दुकान के बाहर पहुंचे और शिकायतकर्ता को धमकी दी कि यदि घटना की जानकारी पुलिस को दी गई तो वे दोबारा बमबाजी करेंगे।
इस संबंध में पुलिस ने 15 मई को मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि वांछित आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना घर छोड़कर गीतांजलि एक्सप्रेस से मुंबई भाग गए थे। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच को सूचना दी गई। सूचना के आधार पर सीआईयू की टीम ने बोरीवली रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने अदालत की औपचारिकताएं पूरी की। साथ ही, आरोपियों को पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंपने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)