दिल्ली के सत्य निकेतन में बड़ा हादसा: न इमरजेंसी एग्जिट, दिखती दरारें नज़रअंदाज़, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को दोपहर करीब 1:30 बजे 5 मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत के ढहने की खबर सामने आई। इस दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इमारत के भरभराकर गिरने से 6 मासूम छात्रों ने अपनी जान गंवाई, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत ढह गई।
दिल्ली के सत्य निकेतन में बड़ा हादसा: न इमरजेंसी एग्जिट, दिखती दरारें नज़रअंदाज़, सुरक्षा मानकों पर उठे सवालX
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दिल्ली के सत्य निकेतन (Satya Niketan) इलाके में रविवार को दोपहर करीब 1:30 बजे 5 मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत के ढहने (building collapses) की खबर सामने आई। इस दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इमारत के भरभराकर गिरने से 6 मासूम छात्रों ने अपनी जान गंवाई, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहीं मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। इस भीषण हादसे ने सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

सत्य निकेतन (Satya Niketan) में बड़ा हादसा 

स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था। इस दौरान करीब 1 बजकर 30 मिनट पर 5 मंजिला इमारत भरभराकर (building collapses) गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद से राजधानी के सत्य निकेतन (Satya Niketan) इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है। बता दें, घटना की खबर मिलते ही बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू कर दिया, वहीं यह अभियान लगातार जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस इमारत का निर्माण 1990 के अंत में हुआ था और बाद में इस बिल्डिंग को मल्टी स्टोरी PG में बदल दिया गया।

दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन (Satya Niketan) की यह बिल्डिंग करीब 92 गज के प्लॉट पर बनी थी। इस इलाके में लगभग 200 पीजी हैं, वहीं हादसे वाली इमारत के बेसमेंट में शूज की दुकान थी और ग्राउंड फ्लोर पर एमटी दुकानें चल रही थीं। पुलिस ने आगे बताया कि इस बिल्डिंग में एक साल पहले दो फ्लोर और जोड़े गए थे। वहीं, मेयर प्रवेश वाही ने कहा- इस हादसे में 6 लोगों की मौत हुई और 11 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया, जिसमें से 2 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उन्होंने आगे बताया कि बिल्डिंग के बेसमेंट में जलभराव के कारण इमारत कमजोर पड़ गई थी, जिसके लिए बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इस दौरान वह (building collapses) बिल्डिंग गिर गई। उन्होंने कहा, आगे इस तरह के हादसे न हों इसके लिए रास्ते निकाले जा रहे हैं। आगे नक्शे के बिना अगर कोई मकान बनता हुआ पकड़ा गया, तो उस मकान को तुरंत सील कर दिया जाएगा।

इमारत में दरारों की अनदेखी

स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे से पूर्व लगभग एक सप्ताह पहले इमारत के बेसमेंट में पानी भर गया था, जिसके बाद मरम्मत का काम शुरू कराया गया था। इस दौरान यह इमारत हादसे (building collapses) का शिकार हुई। इसके अलावा बिल्डिंग में सीलन और दरारें भी देखी गई थीं।

भीषण हादसे ने उठाए सवाल 

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एमसीडी (MCD) ने इस इमारत को P-14 के तौर पर मार्क किया हुआ था, जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और ऊपर 4 माले थे। आरोप यह है कि करीब दो साल पहले बिल्डिंग में बिना अनुमति के 2 माले और बनाए गए। अब सवाल यह है कि इतनी आबादी वाले क्षेत्र में बिना परमिशन अवैध तौर पर 2 अतिरिक्त माले कैसे जोड़े गए और इस पर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? वहीं, बिना किसी इंजीनियर से स्ट्रक्चरल असेसमेंट कराए बेसमेंट में मरम्मत का काम कैसे चल रहा था?

बिल्डिंग में न तो इमरजेंसी एग्जिट था और न ही कोई सेफ्टी चेक का रिकॉर्ड, जिसने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत में दरारें साफ नज़र आ रही थीं। वहीं, एमसीडी का बयान सामने आया है कि उनके पास कोई आधिकारिक लिखित शिकायत नहीं मिली थी। सवाल उठता है, क्या जनहानि के बिना सिस्टम को संभावित खतरे दिखाई नहीं देते?

इस तस्वीर में सत्य निकेतन में हुए हादसे वाली इमारत के मालिक हरी राम बंसल हैं.
हरि राम बंसलX

पुलिस द्वारा बारीकी से जांच

पुलिस जांच के अनुसार, यह इमारत गुड़गांव निवासी तीन भाइयों- हरि राम बंसल, आनंद बंसल और आजाद बंसल के नाम पर है, जिन्होंने पिछले वर्ष इसे एक कंपनी को लीज पर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लीज एग्रीमेंट, पीजी चलाने की अनुमति, खंभों में बदलाव और ढांचागत खामियों जैसे तमाम पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।(VR)

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