केजरीवाल पर तानाशाही का आरोप ! सवाल पूछा तो पार्टी से होंगे बाहर, मयंक गांधी का खुलासा

अन्ना आंदोलन के साथी और AAP के संस्थापक सदस्य रहे मयंक गांधी का दावा, केजरीवाल शुरू से ही असहमति बर्दाश्त नहीं करते थे, सिर्फ हां में हां मिलाने वालों को तरजीह देकर पार्टी के मूल आदर्शों से भटक गए।
मयंक गांधी और केजरीवाल
अन्ना आंदोलन के साथी और AAP के संस्थापक सदस्य रहे मयंक गांधी का दावा, केजरीवाल शुरू से ही असहमति बर्दाश्त नहीं करते थे, सिर्फ हां में हां मिलाने वालों को तरजीह देकर पार्टी के मूल आदर्शों से भटक गए। X
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आम आदमी पार्टी में नेताओं का आपसी टकराव बढ़ता जा रहा है। राघव चड्ढा ने आप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों तरफ से सियासी बयान दिए जा रहे हैं। इसी बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल पर मयंक गांधी ने बेहद गंभीर आरोप लगाया है। मयंक गांधी ने अरविन्द केजरीवाल को लेकर एक बयान दिया है जिससे आम आदमी पार्टी के भीतर खलबली मच सकती है। 

केजरीवाल पर बेहद गंभीर आरोप 

आम आदमी पार्टी के अनसुने किस्सों को मयंक गांधी ने उजागर किया है। मयंक गांधी ने केजरीवाल पर यह आरोप लगाया है कि वह शुरू से ही पार्टी के वालन्टियर्स को लेकर गंभीर नहीं थे। मयंक गांधी ने केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए बताया कि एक बार वालन्टियर्स को लेकर उनकी बहस अरविन्द केजरीवाल से हो गई। केजरीवाल ने उस समय यह कहा कि वालन्टियर्स आते जाते रहते हैं। एक वालन्टियर जाएगा तो हजार वालन्टियर आएंगे। मयंक गांधी के अनुसार केजरीवाल ने यह कहा कि आम आदमी पार्टी के भीतर ऐसे लोगों की जरूरत है जो ज्यादा दिमाग नहीं लगाते हों। मयंक गांधी का कहना है, केजरीवाल शुरू से ही पार्टी पर अपनी तानाशाही को स्थापित करना चाहते थे। पार्टी में ऐसे लोगों को रहने दिया गया जो सिर्फ केजरीवाल की बात सुने और वैसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया जो केजरीवाल से आँख मिलाने की हिम्मत करते थे। 

कौन हैं मयंक गांधी ?

मयंक गांधी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। 7 नवंबर 1958 को मुंबई में जन्में मयंक गांधी ने अपनी पढ़ाई लिखाई मुंबई में ही पूरा किया। मयंक गांधी अन्ना हजारे के साथ बहुत सारे आंदोलन में सक्रिय रहे हैं। साल 2011 में अन्ना हजारे के साथ भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की धार तेज करने में मयंक गांधी का बहुत बड़ा योगदान था। अन्ना हजारे के साथ केजरीवाल भी सक्रिय थे। दोनों एक दूसरे को बहुत करीब से जानते हैं। आंदोलन की कोर कमेटी में अरविन्द केजरीवाल और मयंक गांधी दोनों शामिल थे। आम आदमी पार्टी की स्थापना में मयंक गांधी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गांधी अरविन्द केजरीवाल के साथ आम आदमी पार्टी में राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य भी रह चुके हैं। नवंबर 2015 में आम आदमी पार्टी से योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण एवं अन्य को निष्काषित किया गया। मयंक गांधी इस फैसले के सख्त खिलाफ थे। आम आदमी पार्टी में तानाशाही और अराजकता का आरोप लगाते हुए 2015 में पार्टी से इस्तीफा दे दिए। फिलहाल मयंक गांधी ग्लोबल विकास ट्रस्ट के मुख्य न्यासी और संस्थापक हैं। 

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अरविन्द केजरीवाल पर अन्य करीबियों ने किया खुलासा !

अरविन्द केजरीवाल पर उनके ही सहयोगियों द्वारा अलग-अलग समय पर अलग-अलग तरीके से आरोप लगाए जा रहे हैं। कभी वालन्टियर्स वाले विवाद का खुलासा किया जाता है तो कभी अरविन्द केजरीवाल के तानाशाही प्रवृत्ति पर सवाल खड़ा किया जाता है। राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर योगेंद्र यादव ने बहुत पहले ही आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी की स्थापना जिस उद्देश्य से की गई थी वह उस रास्ते से भटक चुकी है। आम आदमी पार्टी में रह चुके डॉ मुनीश कुमार रायज़ादा (पूर्व अध्यक्ष-भारतीय लिबरल पार्टी) ने अरविन्द केजरीवाल के बारे में बहुत बारीकी से एक-एक घटना पर वेब सीरीज बनाई है जिसका नाम ट्रांसपेरेंसी पारदर्शिता वेब सीरीज है। यह कहा जाता है कि वेब सीरीज सच्ची घटना पर आधारित है। मयंक गांधी ने अरविन्द केजरीवाल पर जो आरोप लगाया है उसे पारदर्शिता वेब सीरीज के माध्यम से विस्तारपूर्वक समझा जा सकता है। 

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