IAS बनने के बाद IPS अधिकारी आरफा उस्मानी विवादों में ! EWS प्रमाणपत्र पर उठे सवाल, जानिए पूरा मामला

EWS प्रमाणपत्र के दुरुपयोग के आरोप में 2023 बैच की आईपीएस आरफा उस्मानी घिरीं, 2025 की UPSC परीक्षा में 124वीं रैंक और दोबारा चयन पर उठे सवाल, UPSC की चुप्पी से विवाद और गहराया
आरफा उस्मानी
आईपीएस आरफा उस्मानी पर आरोप है कि उन्होंने 2025 की UPSC परीक्षा में EWS प्रमाणपत्र का उपयोग कर 124वीं रैंक हासिल की, जबकि वे पहले से 2023 बैच की आईपीएस हैं। X
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IAS बनने के लिए बहुत सारे प्रतिभागियों द्वारा फर्जी सर्टिफिकेट तैयार किया जाता है और परीक्षा में सफलता हासिल हो जाती है। एक आईपीएस ने ऐसा ही करामात किया है। महिला अधिकारी की खबर जैसे ही वायरल हुई पूरे समाज में इसकी चर्चा खूब हो रही है।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, मूल रूप से बनारस की रहने वाली आरफा उस्मानी के ऊपर आरोप लग रहे हैं है कि उन्होंने अच्छा रैंक लाने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया। बता दें आरफा यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि संघ लोक सेवा आयोग ने अभी तक कोई बात सामने आकर नहीं बोला है। अमित नाम के सोशल मीडिया एक्टिविस्ट ने यह बताया है कि आरफा उस्मानी ने साल 2023 में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की और सामान्य श्रेणी (General Category) से 111वीं रैंक लाकर आईपीएस बनी। इसके बाद साल 2025 में आरफा उस्मानी ने फिर परीक्षा दिया और 124 वीं रैंक मिली। साल 2025 के परीक्षा में आरफा उस्मानी ने EWS प्रमाणपत्र लगाया था। यही प्रमाणपत्र वाला मामला चर्चे में है कि जब वो पहले से आईपीएस थीं तो इस प्रमाणपत्र की आवश्यकता क्यों पड़ी।

बता दें आरफा उस्मानी ने 2013-2018 आईआईटी-बीएचयू (IIT-BHU) से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने आईपीएस बनने के लिए तैयारी शुरू की। साल 2023 में पहली सफलता बिना कोचिंग के मिली। इसके बाद उन्होंने साल 2025 के UPSC-CSE में फिर से सफलता हासिल कर लिया और इस बार उन्हें 124 वीं रैंक मिली है जिससे वो आईएएस बन गई हैं।

UPSC ने अभी तक कोई प्रमाणित बयान नहीं दिया है। वहीं सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रहे वीडियो की पुष्टि NewsGram नहीं करता है।

फर्जी प्रमाण पत्र के अन्य मामले भी रहे हैं !

फर्जी प्रमाण पत्र के अन्य मामले भी सामने आ चुके हैं। साल 2022 बैच की इस ट्रेनी IAS अधिकारी के ऊपर आरोप लग चुके हैं कि उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र इस्तेमाल करके रैंक हासिल किया है। आसिफ के. यूसुफ के ऊपर आरोप लगे कि उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र (OBC-नॉन क्रिमिलेयर) बनवाया था।

2025 में पंजाब में 31 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उनके ऊपर आरोप सही साबित हुए थे कि उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी में प्रवेश लिया था। इसी तरीके से साल 2011 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह (Abhishek Singh) के ऊपर आरोप लगे कि उन्होंने फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनवाया और आईएएस बने। बाद उन्होंने इस्तीफा नौकरी छोड़ दी और एक्टर बन गए।

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