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IAS रिंकू सिंह राही और बीजेपी नेता व ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन के बीच हुई झड़प का मामला अब कानूनी दरवाजे तक पहुँच चुका है। दोनों के बीच धक्का-मुक्की का यह मामला उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का है। जानकारी के मुताबिक, ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही से अभद्र तरीके से पेश आने की कोशिश की थी।
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही (Rinku Singh Rahi) 23 जून को मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, नलकूप विभाग और उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ 'बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज' के निरीक्षण पर पहुँचे थे। यहाँ पर उनकी मुलाकात ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन (BJP leader Ramraja Niranjan) से हुई।
इस मुलाकात के दौरान रिंकू सिंह राही और रामराजा निरंजन (BJP leader Ramraja Niranjan) के बीच जमकर विवाद हुआ। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि रिंकू सिंह राही से बात करते हुए रामराजा निरंजन (BJP leader Ramraja Niranjan) उनके बिल्कुल पास पहुँच जाते हैं। इसके बाद रिंकू राही ने रामराजा (BJP leader Ramraja Niranjan) को अपने हाथ से पीछे की तरफ धक्का दिया, जिसके बाद वहाँ भारी बवाल खड़ा हो गया।
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बता दें कि 20 मई 1982 को जन्मे रिंकू सिंह राही (Rinku Singh Rahi) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले (डोरी नगर) के रहने वाले हैं। उनके पिता सौदान सिंह राही एक आटा चक्की चलाते थे। घर की तंगहाली और गरीबी को लांघकर रिंकू सिंह राही ने साल 2002 में NIT जमशेदपुर से बी.टेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की तैयारी शुरू की।
महज 2 साल की तैयारी में ही, यानी साल 2004 में उन्हें UPPSC परीक्षा में सफलता मिल गई। बता दें कि साल 2009 में जब वे मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात थे, तब उन्होंने लगभग 83 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश किया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की सजा उन्हें बेहद खौफनाक रूप में मिली।
उस समय उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उन्हें सात गोलियां लगीं। इस हमले में उनका चेहरा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, एक आंख की रोशनी चली गई और सुनने की क्षमता भी प्रभावित हुई। इस भयावह हादसे और शारीरिक दिक्कतों के बावजूद उन्होंने कभी घुटने नहीं टेके।
राज्य सेवा में लंबा समय देने के बाद, उन्होंने साल 2022 में संघ लोक सेवा आयोग की UPSC-CSE परीक्षा भी पास की। हाल ही में, 26 मार्च 2026 को वह अचानक तब देश भर में चर्चा का विषय बन गए, जब उन्होंने राष्ट्रपति को अपना सात पन्नों का इस्तीफा पत्र भेज दिया।
उनका कहना था कि, “बिना जनता की सेवा किए केवल सरकारी खजाने से सैलरी लेना भी एक तरह का भ्रष्टाचार है,” और इसी वजह से वह इस्तीफा दे रहे हैं।
दरअसल, रिंकू सिंह राही (Rinku Singh Rahi) को लंबे समय तक लखनऊ राजस्व परिषद में संबद्ध (अटैच) रखा गया था, जिसे लेकर उनके मन में गहरी नाराजगी थी। हालांकि, बाद में शासन की तरफ से समझाए जाने पर उन्होंने 29 अप्रैल 2026 को अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
इस्तीफा वापसी के बाद उनकी तैनाती उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में हुई। फिलहाल वह जालौन में एसडीएम (SDM - Sub-Divisional Magistrate) के पद पर तैनात हैं, जहाँ भाजपा नेता रामराजा निरंजन (BJP leader Ramraja Niranjan) के साथ हुई उनकी बहस इस समय सुर्खियों में बनी हुई है।
29 जून 2026 को रामराजा सिंह ने एक लिखित ज्ञापन जालौन के जिलाधिकारी (DM) राजेश कुमार पांडेय को सौंप दिया है। जिलाधिकारी ने पूरी घटना की जांच हेतू पाँच सदस्यी कमेटी गठित कर दी है। इस पूरे मामले की जांच अपर जिलाधिकारी (ADM) राजीव राय को सौंपी गई है।
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