

जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए क्रूर आतंकी हमले की पहली बरसी पर पूरे देश में शोक और संकल्प का माहौल है। इस बीच केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को आतंकी हमले की निंदा की और भारत के बढ़ते सामर्थ्य का जिक्र किया।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हमले की बरसी पर कहा, "लगभग एक साल पहले पहलगाम में एक क्रूर आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें बेकसूर पर्यटकों को निशाना बनाया गया। उन्हें उनके धर्म और पहचान के आधार पर अलग करके मार डाला गया था। इस घटना से पूरे भारत में गहरा आक्रोश फैल गया था।"
मंत्री ने आगे कहा, "जब हम पहलगाम को याद करते हैं, तो हमें यह भी याद आता है कि भारत ने दोषियों को कितनी सख्ती से सजा दी। उनके ठिकानों को तबाह कर दिया गया और पूरी दुनिया को एक साफ संदेश दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट ऐलान कर दिया था कि भारत के खिलाफ होने वाली किसी भी गतिविधि को, चाहे वह देश के भीतर से हो या बाहर से, अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
शेखावत ने जोर देकर कहा, "यही है नया भारत—एक ऐसा भारत जो निर्णायक तरीके से पलटवार करता है।" उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए बताया कि भारत ने आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिससे आतंकवादियों और उनके आकाओं को मजबूत संदेश गया।
मंत्री ने हमले के बाद पर्यटन क्षेत्र पर पड़े प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "इस घटना का कश्मीर के पर्यटन पर बड़ा बुरा असर पड़ा था, न सिर्फ पहलगाम पर बल्कि पूरे क्षेत्र पर। लेकिन उसके बाद जम्मू-कश्मीर सरकार और भारत के पर्यटन मंत्रालय ने मिलकर लोगों का भरोसा फिर से कायम करने और पर्यटन को दोबारा पटरी पर लाने के लिए काम किया।"
शेखावत ने खुशी जताते हुए बताया, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पर्यटन ने जोरदार वापसी की है। मंत्रालयों ने वहां बैठकें कीं, लोगों का भरोसा जीतने के लिए कई कदम उठाए गए और शांति की प्रक्रियाओं को और मजबूत किया गया। आज कश्मीर में कुल मिलाकर पर्यटन का स्तर न सिर्फ पहलगाम हमले से पहले के स्तर पर पहुंच गया है, बल्कि उससे भी आगे निकल गया है। यहां तक कि खुद पहलगाम में भी गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं और लोगों का भरोसा कायम हो गया है।"
उन्होंने कहा, "एक साल पहले पहलगाम में जिस तरह की क्रूर आतंकवादी घटना हुई थी—वहां बेकसूर पर्यटकों को उनके धार्मिक विश्वास और आस्था के आधार पर पहचान करके एक-एक करके गोली मार दी गई थी। निश्चित रूप से इसी वजह से भारत में इस घटना और आतंकवादियों के खिलाफ भारी गुस्सा पैदा हो गया था।"
इससे पहले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा था, "जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले वर्ष 22 अप्रैल को हुआ कायरतापूर्ण आतंकी हमला मानवता पर गहरा आघात था, जिससे पूरा विश्व स्तब्ध और दुखी हुआ था। इस हमले का दंश झेलने वाले शोकाकुल परिवारों के साथ पूरा देश आज भी खड़ा है। हमारी संस्कृति में दृढ़ता, एकता के साथ फौलादी शक्ति से जवाब देने के भी संस्कार हैं। भारत ने आतंकियों और उन्हें पनाह देने वालों को ‘लकीर खींचकर’ बता दिया है कि हमारे नागरिकों को आंख उठाकर भी देखा तो बहुत बुरा अंजाम भुगतना होगा।"
शेखावत ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई 'आतंकवादी' वाली टिप्पणी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरा मानना है कि राहुल गांधी द्वारा नफरत फैलाने की राजनीति और उन्होंने जिस तरह की राजनीतिक परंपरा शुरू की है, देश में फूट डालना, लोगों को इस तरह बांटना और झूठे नैरेटिव गढ़ना, उसका असर अब उनकी पार्टी के निचले स्तर के सदस्यों पर भी दिखाई दे रहा है। यह कांग्रेस पार्टी के आचरण, चरित्र और असली चेहरे को जनता के सामने बेनकाब कर रहा है।"
मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की यह राजनीति देश की एकता और अखंडता के खिलाफ है। जबकि मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है और कश्मीर में शांति व विकास का नया अध्याय लिख रही है।
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