

लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसके बिना सेहत की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती है। लिवर खाए गए भोजन को संसाधित करता है। पौष्टिक व संतुलित भोजन से इसे पोषण मिलता है, वहीं शराब के साथ कुछ अन्य खाद्य पदार्थ लिवर के लिए खतरनाक व जहर के समान हैं।
19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हुए बताते हैं कि शराब के साथ-साथ अधिक चीनी, तेल और फास्ट फूड का सेवन भी लिवर के लिए जहर की तरह काम कर सकता है। लिहाजा गलत खान-पान की आदतें लिवर को धीरे-धीरे कमजोर कर रही हैं। ऐसे में कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
वास्तव में लिवर शरीर के वेयरहाउस की तरह काम करता है। जब हम ज्यादा कैलोरी वाले भोजन जैसे मीठे पेय, फास्ट फूड, तला-भुना खाना, और ज्यादा तेल वाले व्यंजन का सेवन करते हैं, तो लिवर में वसा जमा होने लगती है। इससे फैटी लीवर रोग हो जाता है, जो आगे चलकर कई गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, शराब से होने वाले लिवर रोग तो सब जानते हैं, लेकिन अब गैर-अल्कोहल फैटी लीवर रोग की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ज्यादा चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा लिवर के ऊतकों में वसा की बूंदें जमा करती हैं, जिससे सूजन होती है और लिवर को नुकसान पहुंचता है। यह स्थिति शराब वाले लिवर रोग जितनी ही खतरनाक हो सकती है और अंत में लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर चार में से एक वयस्क या तो मोटापे से ग्रस्त है या अधिक वजन वाला है। एक अध्ययन के अनुसार, देश में 38 प्रतिशत से ज्यादा वयस्कों को फैटी लीवर है। यह समस्या बच्चों में भी बढ़ रही है, लगभग 35 प्रतिशत बच्चों को यह रोग प्रभावित कर रहा है। फास्ट फूड की बढ़ती खपत, फल-सब्जियों की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली इस समस्या को और बढ़ा रही है।
खतरनाक बात है कि ये समस्या चुपके से बढ़ रही है। शुरुआती चरण में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। व्यक्ति सामान्य महसूस करता रहता है, लेकिन अंदर ही अंदर लिवर में वसा जमा होती जाती है। समय के साथ यह फाइब्रोसिस, सिरोसिस और गंभीर जटिलताओं में बदल सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मीठे पेय, कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयों और ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें। फास्ट फूड, तला-भुना और ज्यादा तेल वाला खाना कम करें। रोजाना ताजी सब्जियां, फल और साबुत अनाज का सेवन बढ़ाएं। नियमित व्यायाम करें और सक्रिय रहें, वजन को नियंत्रित रखें। अगर मोटापा, डायबिटीज या परिवार में लिवर रोग का इतिहास है तो नियमित लिवर जांच करवाएं। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)