

West Bengal Assembly Elections 2026: कुछ दिनों में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाला है, पहला चरण का मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. ठीक उसके पहले प्रवर्तन निर्देशालय एक-एक करके ममता बनर्जी के करीबियों पर शिकंजा कस रहा है l कुछ महीनों पहले जनवरी 8-9 को I-PAC (Indian Political Action Committee) के दफ्तर पर छापामारी हुई थी और उसमे भी ममता के करीबी रहे प्रतीक जैन को निशाना बनाया गया था. और अब की बार एक महशूर रियल स्टेट डेवलपर “पप्पू सोना” पर गाज गिरी है.
कोलकाता में ममता बनर्जी के नजदीकी और रियल स्टेट डेवलपर सोना पप्पू (real estate developer Sona Pappu) से सम्बंधित 8 ठिकानों पर एक साथ प्रवर्तन निर्देशालय (Enforcement Directorate) द्वारा छापेमारी (raid) बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ लाया है. TMC के नेताओं का कहना है कि BJP अपने हार के डर से बौखला कर केंद्रीय एजेंसी जैसे ED (Enforcement Directorate) ,CBI (Central Bureau of Investigation) आदि का दुरुपयोग कर रही है.
ED का कहना है कि सोना पप्पू की कंपनी अवैध तरीके से बिल्डिंग का निर्माण करती हैं और अपने ग्राहकों से दुगना पैसा वसूलती है. फ्लैट देने के नाम पर ग्राहकों से मिले पैसों के हेरा-फेरी का मामला सामने आया है. पैसे लेने के बावजूद ग्राहकों की शिकायत है कि उन्हें अब तक अपना घर नहीं मिला है. ED के छापे में नकद 1.2 करोड़ कैश का भण्डार मिला है. सोना पप्पू के साथ-साथ बाकि अन्य कम्पनियों पर भी ED की नजर है. सोना पप्पू के करीबी जय कामदार के घर और दफ्तर पर ED ने रेड किया है और कुछ कागजात इकट्ठे किए हैं. ED के मुताबिक इस रेड का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से मिले पैसे के स्त्रोत का पता लगाना और संदिग्ध वित्तीय मामले के साथ-साथ ग्राहकों के पैसे का खुद के लिए इस्तेमाल करना, यही सब इस रेड का वजह है. ED अब इन पैसों और कंपनी से जुड़े बैंक खातों का गहराई से जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि आखिर पैसा गया तो कहाँ गया.
TMC के मंत्रियों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है और कहा कि बंगाल की जनता यह सब देख रही है और इसका जवाब अब TMC पार्टी नहीं बल्कि राज्य की जनता ही चुनाव में देगी. बंगाल की जनता शुरू से ही ममता दीदी के साथ खड़ी थी, है और ऐसे आगे भी मजबूती से खड़ी रहेगी. भाजपा बहुत अच्छे से जानती है कि वह बंगाल में कभी सत्ता में नहीं आ सकती इसलिए हमारे पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं को केंद्रीय एजेंसी के दुरुपयोग से सताया जा रहा है.
एक तरफ TMC भाजपा पर आरोप लगा रही कि भाजपा हमारे कार्यकर्ता, नेता को परेशान कर रही है तो वहीं ED का कहना है कि TMC इन पैसों से चुनाव में गड़बड़ी कर सकती है, हमें आशंका है की इस पैसे से TMC जनता के वोट खरीद सकती है और चुनाव में उलट-फेर हो सकता है. इन पैसों को सांसदों द्वारा अपने सम्बंधित क्षेत्र में पैसे बांटने के लिए इसका उपयोग हो सकता है.
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