शालीमार बाग : रोड चौड़ीकरण से दशकों पुराने घर जमींदोज, बेघर परिवारों ने मुआवज़ा‑पुनर्वास और CM रेखा गुप्ता से जवाबदेही की उठाई मांग

शालीमार बाग में रोड नंबर 320 के चौड़ीकरण से दर्जनों परिवार बेघर, स्थानीयों का आरोप– बिना पुनर्वास घर तोड़े, जनप्रतिनिधि सुनवाई तक को तैयार नहीं
शालीमार बाग की स्थानीय महिला
शालीमार बाग में रह रहे स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके घरों को 31 मई 2026 को तोड़कर गिरा दिया गया और उनकी सुनवाई भी नहीं हो रही है। files
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दिल्ली के शालीमार बाग में रोड चौड़ीकरण के कारण कई परिवारों को बेघर होना पड़ा है। कई सालों से शालीमार बाग में रह रहे स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके घरों को 31 मई 2026 को तोड़कर गिरा दिया गया और उनकी सुनवाई भी नहीं हो रही है।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, दिल्ली के शालीमार बाग (Shalimar Bagh) में रोड नंबर 320 का चौड़ीकरण हो रहा है। इसके लिए सरकार ने उन घरों को निशाना बनाया जो सड़क के किनारे बने हुए थे। न्यूज़ग्राम की तरफ से मामले की जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि सड़क के किनारे 30 से 40 साल लगातार मेहनत करके सड़क के किनारे दो-दो, तीन-तीन मंजिला मकान बनाया गया। जिनके घरों को तोड़ा गया है, उनका कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) से कई बार मिलनी की कोशिश की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वोट मांगने के लिए रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) शालीमार बाग (Shalimar Bagh) के इन्हीं गलियों में चक्कर लगाती रहती थीं, चुनाव जीतने के बाद उन्होंने एक बार भी शालीमार बाघ के पीड़ित लोगों से मिलना मुनासिब नहीं समझा।

अजय  मण्डल
320 रोड पर सड़क चौड़ीकरण के दरमियान जो नया नाला बना है, उस बड़े नाले में 5 साल का बच्चा गिर पड़ा लेकिन बच्चे को सही सलामत निकाल लिया गया। बच्चे के दादा अजय मंडल का कहना है कि ये नाला स्थानीय लोगों के लिए एक खतरा बना हुआ है। सरकार इस नाले के खतरे को संज्ञान में ले और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिनिश्चित करे। X

नाले में गिरा बच्चा, लेकिन बच गई जान!

रोड नंबर 320 पर सड़क चौड़ीकरण के दरमियान जो नया नाला बना है, उस बड़े नाले में 5 साल का बच्चा गिर पड़ा लेकिन बच्चे को सही सलामत निकाल लिया गया। बच्चे के दादा अजय मंडल का कहना है कि ये नाला स्थानीय लोगों के लिए एक खतरा बना हुआ है। सरकार इस नाले के खतरे को संज्ञान में ले और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिनिश्चित करे।

वहीं, अंदर गलियों में जाने पर पूछताछ करने पर लोगों ने बयान दिए कि सीवर का पानी पास होने के लिए बनाए गए छोटे-छोटे नाले से पानी जल्दी पास नहीं होता है। छोटी नालियां पूरी तरीके से जाम हैं, जिसकी वजह से 15 से 20 मिनट की बारिश अगर हो जाए तो घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि सड़क पर पानी जमा हो जाता है।

NewsGram से बातचीत के दरमियान एक दुकानदार ने कहा कि इस इलाके में नाली साफ़ करने के लिए यदा-कदा ही कोई आता है। जब नाली की समस्या बहुत बढ़ जाती है, तो फोन करने पर ही सफाईकर्मी आते हैं लेकिन नाले की सफाई नियमित तौर पर नहीं हो पाती है, जिसकी वजह से मच्छरों का जमावड़ा बना रहता है। यही वजह है कि इस इलाके में रहने वाले लोगों को तमाम तरीके की बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

आगे बढ़ने पर कोचिंग संचालक महिला ने बताया कि रोड का पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिसकी वजह से बच्चों का आना जाना, बहुत कठिन हो जाता है। पीने के पानी की समस्या को लेकर पूछे जाने पर स्थानीय लोगों ने बताया कि पीने का पानी साफ़ नहीं आता है। यह समस्या कई सालों से लगातार बनी हुई है। इसकी वजह से स्थानीय लोगों में बीमारियों का भय बना रहता है, और बहुत सारे लोग बीमार भी पड़ते हैं।

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