दिल्ली पुलिस ने नशीले पदार्थों के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन तस्कर गिरफ्तार

नशीले पदार्थों पर 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' के तहत दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पूर्वी जिले की एंटी नारकोटिक्स टीम ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है।
नशीले पदार्थों पर 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' के तहत दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पूर्वी जिले की एंटी नारकोटिक्स टीम ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है।
नशीले पदार्थों पर 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' के तहत दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पूर्वी जिले की एंटी नारकोटिक्स टीम ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। IANS
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नशीले पदार्थों पर 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' के तहत दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पूर्वी जिले की एंटी नारकोटिक्स टीम ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कुल 195.56 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 25 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों में से एक मुख्य आपूर्तिकर्ता बरेली उत्तर प्रदेश का रहने वाला अबरार है। बाकी दो आरोपी दिल्ली से जुड़े हैं। इनके पास से हेरोइन के अलावा नशीले पदार्थों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाली एक यामाहा स्कूटी भी जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार, 14 और 15 मई की दरमियानी रात को गाजियाबाद डंपिंग यार्ड के पास गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने जाल बिछाया। टीम ने सर्वेश नाम के व्यक्ति को पकड़ा, जो 22 साल का है और उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का रहने वाला है। उसकी तलाशी में 73.11 ग्राम हेरोइन मिली।

पूछताछ में सर्वेश ने खुलासा किया कि वह हेरोइन अबरार नाम के व्यक्ति से लेता था और इसे साहिल नाम के व्यक्ति को दिल्ली में सप्लाई करता था। पुलिस टीम ने सर्वेश की निशानदेही पर दिल्ली के जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास साहिल को भी गिरफ्तार कर लिया। साहिल 24 साल का है और भलस्वा डेयरी इलाके का रहने वाला है। उसके पास से 92.45 ग्राम हेरोइन और एक स्कूटी बरामद हुई।

इसके बाद टीम ने मुख्य स्रोत अबरार तक पहुंच बनाई। अबरार 40 साल का है और बरेली जिले के भमोरा गांव का निवासी है। पुलिस ने बरेली में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया और उसके पास से 30 ग्राम हेरोइन भी बरामद हुई। इस तरह पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो गया।

पूछताछ में पता चला कि साहिल खुद नशे का आदी था। इसी वजह से वह सर्वेश के संपर्क में आया। वह शुरू में छोटी मात्रा में नशीले पदार्थ खरीदकर बेचता था और बाद में थोक में खरीदने लगा। तीनों ही आरोपी पैसे कमाने के लालच में इस गैरकानूनी धंधे में लगे हुए थे। वे दिल्ली-एनसीआर के नशे की लत वाले लोगों की कमजोरी का फायदा उठाकर मुनाफा कमा रहे थे।

दिल्ली पुलिस पूर्वी जिले की एंटी नारकोटिक्स टीम ने इस पूरे अभियान को बहुत सावधानी से अंजाम दिया। टीम ने स्थानीय सूत्रों और खुफिया जानकारी के आधार पर काम किया। इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में टीम ने दिन-रात मेहनत की। इस मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस अन्य संभावित लिंक की भी तलाश कर रही है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। समाज को नशे के खतरे से मुक्त करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे गिरोहों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें जड़ से खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

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नशीले पदार्थों पर 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' के तहत दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पूर्वी जिले की एंटी नारकोटिक्स टीम ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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