'500 में मेरे पति के साथ सो जाओ..', दिल्ली में नॉर्थईस्ट की लड़कियों के साथ बदसलूकी, जानें कब-कब पूर्वोत्तर के लोगों के साथ हुई अभद्रता

ये पहली बार नहीं है, जब देश में नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ बदसलूकी हुई है। भारत के इतिहास में 3 ऐसे मामले रहे, जिसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर देश की मानसिकता कहाँ जा रही है।
डरे और हैरान दिख रहे पांच युवा, जिनके चेहरे पर सदमे और भय का भाव है, पास में दीवार पर एक परछाईं नजर आ रही है।
भारत में कई बार नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ बदसलूकी हुई है।X & AI generated
Summary
  • मालवीय नगर में अरुणाचल की तीन लड़कियों के साथ पड़ोसियों ने आपत्तिजनक और नस्लीय टिप्पणियाँ कीं, मामूली विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।

  • देहरादून में नस्लीय टिप्पणी का विरोध करने पर MBA छात्र की बेरहमी से पिटाई, 17 दिन बाद मौत, मुख्य आरोपी फरार।

  • दिल्ली और बेंगलुरु में पूर्वोत्तर के युवाओं पर नस्लीय हमले, मारपीट और अपमान; अदालतों में कार्रवाई के बावजूद मानसिकता पर सवाल कायम।

'क्या तुम धंधा करने वाली सेक्स वर्कर हो, घर पर मसाज पार्लर खोल रखा है क्या? मेरे पति के साथ 500 रुपए में सो जाओगी' ये वाहियात शब्द दिल्ली के एक दंपति के हैं जिन्होंने नॉर्थईस्ट की लड़कियों से कही है। घटना 20 फ़रवरी की है जब दिल्ली के मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) की तीन लड़कियों के साथ उनके ही पड़ोसियों ने बदसलूकी की।

कहा जा रहा है कि उन्हें मोमोज कहकर भी चिढ़ाया गया। सरेआम भद्दी भाषा का प्रयोग किया और बेइज्जती भी की। मामला बस इतना सा था कि अरुणाचल की रहने वाली तीन लड़कियों के फ्लैट में ड्रिलिंग का काम चल रहा है, जिसके धूल पड़ोसियों के घर में जा रहे थे, बस इसी बात को लेकर पूरा रायता फ़ैल गया। दंपति ने नॉर्थईस्ट की लड़कियों के खिलाफ नस्ली एवं अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

हालांकि, ये पहली बार नहीं है, जब देश में नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ बदसलूकी हुई है। भारत के इतिहास में 3 ऐसे मामले रहे, जिसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर देश की मानसिकता कहाँ जा रही है। आज हम आपको ऐसे ही 3 बड़े मामलों से रुबरु करवाएंगे।

1. अंजेल चकमा की निर्मम हत्या (2025)

सिलेटी रंग का टीशर्ट पहने लड़का, जो पोज दे रहा है।
उत्तराखंड में अंजेल चकमा नामक व्यक्ति की हत्या हुई थी X

यह मामला दिसंबर 2025 का है जहाँ पूर्वोत्तर (North-East) के एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। घटना उत्तराखंड की है जब अंजेल चकमा (Anjel Chakma) नमक व्यक्ति की हत्या हो गई थी। चकमा त्रिपुरा का रहने वाला था जो देहरादून की जिज्ञासा यूनिवर्सिटी (Jigyasa University) से MBA की पढ़ाई कर रहा था। 9 दिसंबर 2025 को वो अपने भाई माइकल चकमा (Michael Chakma) के साथ सेलाकुई (Selakui) इलाके के बाजार में गया था। वहां कुछ लोग नशे में धुत्त थे, जो अंजेल पर नस्लीय टिप्पणियाँ कसने लगे। उसे मोमो, चाइनीज तक कह दिया गया।

अंजेल ने इसका विरोध किया और कहा कि मैं भारतीय हूँ, चाइनीज नहीं लेकिन उन लोगों ने एक ना सुनी और दोनों भाइयों पर चाकू और रॉड से धावा बोल दिया। इस हमले में अंजेल चकमा (Anjel Chakma) बुरी तरह घायल हुआ। उसके गर्दन, रीढ़ की हड्डी और सिर पर गहरी चोट लगी थी। करीब 17 दिन वो अस्पताल में ज़िंदगी से जंग लगता रहा है लेकिन अंत में हार गया।

26 दिसंबर 2025 को उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने पूरे देश को झकझोड़ कर रख दिया। त्रिपुरा में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुआ। पुलिस ने इस मामले को लेकर 6 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की, 5 गिरफ्तार हुए लेकिन मुख्य आरोपी नेपाल भाग चुका है। उसकी तलाश जारी है। बता दें कि अंजेल चकमा (Anjel Chakma) के पिता का नाम तरुण प्रसाद चकमा है, जो BSF में हेड कॉन्स्टेबल हैं।

2. नीदो तानियाम हत्याकांड (2014)

फोटो फ्रेम में एक लड़के की तस्वीर जिसपर Justice For Nido Taniam लिखा है।
अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन कांग्रेस विधायक नीदो पवित्रा के बेटे नीदो तानियाम की हत्या हुई थी। X

यह घटना 2014 की है, जब नीदो तानियाम (Nido Taniam) नामक व्यक्ति की हत्या हुई थी। यह व्यक्ति अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन कांग्रेस विधायक नीदो पवित्रा (Nido Pavitra) का पुत्र था। 29 जनवरी 2014 को दिल्ली के लाजपत नगर के मार्केट में 20 वर्षीय छात्र नीदो एक पता खोज रहा था।

मार्केट में मौजूद कुछ कुछ दुकानदारों ने उसके बालों के रंग और शरीर की बनावट को देखकर भद्दी टिप्पणी करनी शुरू कर दी, जिसके बाद नीदो और दुकानदारों के बीच झड़प हुई। विवाद इतना बढ़ा कि वहां के दुकानदारों ने छात्र को रॉड और डंडों से बेरहमी से पीटा। अगली सुबह नीदो अपनी बिस्तर पर मृत पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगी थी।

साल 2019 में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 4 वयस्कों को गैर-इरादतन हत्या (धारा 304 IPC) का दोषी ठहराया। मुख्य आरोपी फरमान को 10 साल, जबकि पवन और सुंदर सिंह को 7-7 साल और सन्नी उप्पल को 3 साल की जेल हुई। 3 नाबालिगों को जुवेनाइल बोर्ड भेजा गया था। वर्तंमान समय में स्तिथि यह है की दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्य आरोपी फरमान को अंतरिम जमानत दे दी थी, क्योंकि वो 7 साल की जेल काट चुका था। वहीं, अन्य दोषियों का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है।

3. हिगियो गुंगटे केस (2017)

तीन लोग जिनमें से दो माता पिता हैं और एक उनका बच्चा
बेंगलुरु में अरुणाचल प्रदेश के छात्र हिगियो गुंगटे को मकान मालिक ने बेरहमी से पीटा। X

यह मामला 6 मार्च 2017 का है, जब बेंगलुरु के क्राइस्ट यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अरुणाचल प्रदेश के छात्र हिगियो गुंगटे (Higio Gungtey) को उसके ही मकान मालिक ने बेरहमी से पीटा। मकान मालिक का नाम हेमंत कुमार है, जो पेशे से वकील था। विवाद का मुख्य कारण पानी का इस्तेमाल ज्यादा करना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी हेमंत कुमार ने हिगियो को पीटने के साथ नस्लीय गालियां भी दीं। जब इससे भी उसका मन नहीं भरा, तो उसे अपने जूते चाटने पर भी मजबूर किया। हिगियो के अनुसार, हमलावर ने उन्हें "गंदा ट्राइबल" कहा और शहर छोड़ने की धमकी दी।

शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती लेकिन जब विरोध बढ़ा, तो आरोपी के खिलाफ SC/ST एक्ट, हमला (Assault), और नस्लीय टिप्पणी करने के तहत मामला दर्ज किया। साल 2018 में आरोपी हेमंत ने जमानत के लिए अर्जी दी थी, जिसे कर्नाटक हाई कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था। हालांकि, बाद में आरोपी को जमानत मिली लेकिन क़ानूनी प्रक्रिया जारी है।

तो ये थे वो 3 चर्चित मामले जब भारत में अपने ही लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और वो भी इसलिए कि वो आम लोगों से बिल्कुल अलग दिखते हैं।

डरे और हैरान दिख रहे पांच युवा, जिनके चेहरे पर सदमे और भय का भाव है, पास में दीवार पर एक परछाईं नजर आ रही है।
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