

मधु किश्वर और सुब्रमण्यम स्वामी के हवाले से यह दावा किया गया है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और कुछ महिला नेताओं के बीच के संबंध पेशेवर नहीं बल्कि व्यक्तिगत और संदेहास्पद रहे हैं।
मधु किश्वर ने मानसी सोनी के मामले और अन्य प्रशासनिक नियुक्तियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है कि गुजरात के समय से ही निजी हितों के लिए सरकारी तंत्र और जासूसी का दुरुपयोग किया गया।
मधु किश्वर ने पूरे देश को एक सीआईए एजेंट के चंगुल में फंसा हुआ बताया है। उनका दावा है कि शीर्ष नेतृत्व को पहले दिन से ही ब्लैकमेल किया जा रहा है।
मोदी के संबंध महिलाओं से अनैतिक रूप से जुड़े रहे हैं। ये सारे संबंध आज के नहीं बल्कि काफी पुराने संबंध हैं। सांसद और मंत्री बनाने के लिए महिलाओं को मोदी के घर में बिस्तर तक ले जाया जाता था। ये सारी बातें भाजपा के ही एक बड़े नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दिया है। उनके इस बयान के बाद चर्चित हस्तियों में गिनी जाने वाली मधु किश्वर ने भी मोदी के बारे में हैरान कर देने वाली बात बताई है
मधु किश्वर ने सुब्रह्मण्यम स्वामी की बात पर अपनी तरफ से विस्तार देते हुए बताया कि उनको मोदी पर बहुत पहले से संदेह था। उन्होंने कहा है कि साल 2014 में नरेंद्र मोदी और उनकी टीम के असलियत को जानकर वह डिप्रेसन में चली गई थी। सुब्रमण्यम ने कुछ महिलाओं के संबंध नरेंद्र मोदी के साथ बताया है।
मधु किश्वर ने बताया है कि जिन महिलाओं को नरेंद्र मोदी के नजदीकी होने की वजह से सांसद, मंत्री बनाया गया था, साल 2014 में संघी गलियारों अर्थात आरएसएस की शाखाओं में उनकी चर्चा चल रही थी। यही कारण था कि पुस्तक भेंट करने में मधू कीश्वर को नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं हो रहा था और उन्होंने बिना हस्ताक्षर किए पुस्तक को भरतलाल के माध्यम से भिजवा दिया। भरतलाल नरेंद्र मोदी के विश्वसनीय अफसरों में से एक थे।
हरदीप सिंह पुरी के बारे में मधु किश्वर बताती हैं कि नरेंद्र मोदी से उनके संबंध बहुत पुराने हैं। नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे उस समय हरदीप सिंह पुरी ने उनको विशेष सेवा दी थी। लोगों के बीच पहले से दोनों के संबंध को संदेह था और जब हरदीप सिंह पुरी को मंत्री बनाया गया तो इस पर मुहर भी लग गई। स्मृति ईरानी को मंत्री बनाए जाने को भी मधु किश्वर संदेह की नजरों से देखती हैं। वो कहती हैं कि स्मृति ईरानी के मंत्री बनने से बहुत सारे घोटालों को बल मिला जो जनता की नजरों से ओझल थे।
मानसी सोनी के मामले को याद करते हुए मधु किश्वर बताती हैं कि उनके पास सुप्रीम कोर्ट में जमा हुए सारे दस्तावेज किसी ने उनको दिए हैं। ये सारे दस्तावेज जिस अफसर द्वारा तैयार किया गया था वह स्वयं मानसी के साथ रंगरेलियां मना रहा था। बता दें कि मानसी का मामला साल 2013-14 में प्रकाश में आया था। विपक्ष का आरोप था कि 2009 में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने एक व्यक्ति के निजी जीवन में हस्तक्षेप किया और पूरा प्रशासनिक तंत्र उसकी जासूसी में लगा दिया गया था।
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इसके अलावा मधु किश्वर ने कहा है कि गुजरात में नरेंद्र मोदी के करीबी लोगों से उनकी मुलाकात हुई। नरेंद्र मोदी ने गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए औरतों के साथ जो किया था वो सब कुछ उनसे समझने को मिला। ये सारी बात सुनने के बाद मधु किश्वर डिप्रेसन में जाने लगी, उन्होंने वहाँ जाना बंद कर दिया जहां नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम रहता था।
इसी बीच मधु किश्वर की मुलाकात आरएसएस के एक बड़े पदाधिकारी से होती है। उन्होंने मोदी के बारे में जब सारी बात बताई तो आरएसएस में विद्वान माने जाने वाले उस शख्स ने कहा कि ये सारी बाते नरेंद्र मोदी के निजी जीवन से जुड़ी हैं। उन्होंने मधु किश्वर को इस मामले में चिंता न करने की सलाह दी और निकल गए। मधू बताती हैं कि बीजेपी के सोशल मीडिया का इंचार्ज अमित मालवीय को बनाया गया। यह शख्स घिनौनी करतूतों में बादशाहत हासिल कर चुका था। इससे पता चलता है कि उस समय बीजेपी के टॉप लीडरशिप के बीच क्या चल रहा था।
मधु किश्वर ने अपनी किताब The Girl From Kathua, A Sacrificial Victim of GhazwaE Hind का जिक्र करते हुए बताया कि कठुआ कांड में नरेंद्र मोदी ने अपनी असली चेहरे का परिचय दिया। इन सारी बातों के अलावा मधु किश्वर ने यह भी कहा है कि उस समय उनको यह एहसास हो गया था कि एक अमेरिकी सीआईए एजेंट के चंगुल में पूरा मुल्क फंस चुका है और वह एजेंट सत्ता पर काबिज हो चुका है। वह आगे बताती हैं कि जल्दी ही सबूत के साथ सामने आएंगी कि कैसे नरेंद्र मोदी को पहले दिन से ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही है।
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