

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने आम आदमी पार्टी के भविष्य पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर अरविंद केजरीवाल की हरकतें इसी तरह जारी रहीं तो पार्टी लंबे समय तक नहीं टिकेगी।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में संदीप दीक्षित (Sandeep Dixit) ने राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सदस्यों के आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर कहा कि कोई बहुत आश्चर्य की बात नहीं है। राघव चड्ढा तो कुछ दिनों से ही उल्टी भाषा बोल रहे थे और शायद महत्वाकांक्षी भी हो गए थे। पंजाब में केजरीवाल और राघव चड्ढा के बीच मनमुटाव की खबरें आई थीं।
शुरू में पंजाब में आप की जीत के बाद बैंक कलेक्शन का जिम्मा राघव चड्ढा (Raghav Chaddha) को सौंपा गया था, लेकिन बाद में केजरीवाल ने खुद यह काम संभाल लिया, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ा।
उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद तो हो भी नहीं सकता, क्योंकि पार्टी में विचार ही नहीं है। संदीप पाठक जैसे अच्छे इंसान भी केजरीवाल की हरकतों से परेशान हो गए। समय बताएगा कि और कितने लोग टूटेंगे। अगर पार्टी इसी तरह चली तो लंबा नहीं चलेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 73 राज्यसभा सदस्यों के रुख को लेकर संदीप दीक्षित ने कहा कि यह तो अपेक्षित था। पिछली बार केवल स्पेलिंग का बहाना बनाया गया था। अब दो विपक्षी सांसद लगातार नोटिस देते रहेंगे, जब तक इस पर चर्चा और वोटिंग नहीं हो जाती।
केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के नए सरकारी बंगले में महंगे फर्नीचर लगाए जाने के आरोप पर संदीप दीक्षित ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है। मुख्यमंत्री रहते हुए भी इन्होंने बंगला बनवाने पर बदनामी झेली थी, मुझे लगा था कि अब अक्ल आ जाएगी, लेकिन केजरीवाल को सत्ता सुख का बहुत लगाव है। यह पता करना चाहिए कि इतना महंगा फर्नीचर किसने खरीदा और इसका खर्च किसने वहन किया।
सांसद के रूप में भी सीपीडब्ल्यूडी की सीमित राशि ही खर्च की जा सकती है। पार्टी अध्यक्ष के रूप में मिले आवास में या तो अपना फर्नीचर रखना चाहिए या सीपीडब्यूडी वाला इस्तेमाल करना चाहिए। इतना महंगा फर्नीचर कहां से आया, इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जांच होगी तो कई और राज खुल सकते हैं।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)