मेघालय के मुख्यमंत्री दिल्ली और असम की कठपुतली: अभिषेक बनर्जी (IANS)

मेघालय के मुख्यमंत्री दिल्ली और असम की कठपुतली: अभिषेक बनर्जी (IANS)

मेघालय के मुख्यमंत्री दिल्ली और असम की कठपुतली: अभिषेक बनर्जी

मेघालय के मुख्यमंत्री दिल्ली और असम की कठपुतली: अभिषेक बनर्जी

तृणमूल नेता ने असम-मेघालय सीमा से सटे मुखरो गांव में हुई एक घटना को लेकर भी कोनराड संगमा पर हमला किया, जहां असम पुलिस द्वारा गोलियां चलाने के बाद पांच नागरिक मारे गए थे।
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न्यूजग्राम हिंदी: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने बुधवार को राज्य के तुरा इलाके में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते हुए मेघालय (Meghalaya) में सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी पर तीखा हमला किया। बनर्जी ने भाजपा नेतृत्व का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा (Conrad Sangma) दिल्ली और असम (Assam) की कठपुतली बन गए हैं।

दक्षिण तुरा की एक जनसभा में उन्होंने कहा, "मेघालय को असम और दिल्ली के सामने क्यों झुकना चाहिए।"

बनर्जी के अनुसार, मेघालय को पूर्वी भारत का हिस्सा माना जाना चाहिए और देश का विकास यहीं से शुरू होना चाहिए, क्योंकि सूर्य पूर्व से उगता है।

<div class="paragraphs"><p>मेघालय के मुख्यमंत्री दिल्ली और असम की कठपुतली: अभिषेक बनर्जी (IANS)</p></div>
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तृणमूल नेता ने असम-मेघालय सीमा से सटे मुखरो गांव में हुई एक घटना को लेकर भी कोनराड संगमा पर हमला किया, जहां असम पुलिस द्वारा गोलियां चलाने के बाद पांच नागरिक मारे गए थे।

उन्होंने सवाल किया, "जब राज्य के निर्दोष लोग मारे जा रहे थे, तो क्या उचित कदम उठाना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी नहीं थी।"

बनर्जी ने कहा कि घटना के बाद संगमा को मुख्यमंत्री पद से हट जाना चाहिए था।

उन्होंने पश्चिम बंगाल (West Bengal) का उदाहरण भी दिया, जो असम, ओडिशा और झारखंड के साथ सीमा साझा करता है।

उन्होंने दावा किया, "किसी में हमारे लोगों को गोली मारने की हिम्मत नहीं है, क्योंकि मुख्यमंत्री का नाम ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) है।"

<div class="paragraphs"><p>ममता बनर्जी</p></div>

ममता बनर्जी

IANS

तृणमूल नेता ने संगमा पर विभिन्न अवैध कारोबार में शामिल होने का भी आरोप लगाया।

बनर्जी ने कहा, "गोलीबारी की घटना के बाद संगमा असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कह सके, क्योंकि वह जानते हैं कि अगर उन्होंने कुछ कहा होता तो ईडी या सीबीआई ने उन्हें नोटिस भेजा होता।"

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपने 'अवैध कारोबार' को बचाने के लिए मेघालय के मुख्यमंत्री राज्य के लोगों के हितों की बलि दे रहे हैं।

मेघालय की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 27 फरवरी को होंगे, जबकि नतीजे दो मार्च को घोषित किए जाएंगे।

--आईएएनएस/PT

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