

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 मार्च 2026 को कई राज्यों के राज्यपालों में फेरबदल करते हुए सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया। उन्होंने आरिफ मोहम्मद खान की जगह ली है।
सैयद अता हसनैन भारतीय थल सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) हैं। उन्होंने 2010–2012 के बीच XV Corps (Chinar Corps) की कमान संभालते हुए कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों में हर्ट्स एण्ड माइंड रणनीति लागू की।
2013 में सेना से रिटायर होने के बाद वे 2018 में कश्मीर केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति बने। उनकी सेवा के लिए उन्हें VSM (2003), Sena Medal (2005), AVSM (2009), UYSM (2012) और PVSM (2013) जैसे सैन्य अलंकरण मिले।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 मार्च 2026 की रात को 7 राज्यों के राज्यपालों और दो केंद्रशासित प्रदेशों में एलजी और उपराज्यपाल की नियुक्तियों में फेरबदल किया। यह अपने आप में एक बहुत बड़ा फैसला है जब पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में कुछ ही समय में चुनाव होने वाले हैं।
दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू को बनाया गया है और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि को बनाया गया है। इसी क्रम में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को भी हटाकर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को नया राज्यपाल बनाया गया है।
बिहार की सियासत एक तरफ नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से गरमाई हुई है, इसी बीच नए राज्यपाल के रूप में सैयद अता हसनैन की नियुक्ति हुई है।
बिहार के नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन पूर्व में भारतीय सेना में उच्च स्तर के अधिकारी रहे हैं। इनका जन्म साल 1953 में हुआ। इनके परिवार में पिता सैयद महदी हसनैन पहले से सेना में मेजर जनरल थे। इसी कारण अलग-अलग शहरों में इनका पालन पोषण होता रहा। सैयद अता हसनैन ने नैनीताल के शेरवुड कॉलेज में अध्ययन करने के पश्चात साल 1972 में दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) से इतिहास विषय से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद इन्होंने लंदन विश्वविद्यालय के किंग्स कॉलेज में भी अध्ययन किया। सैयद अता हसनैन ने जून 1974 को आईएमए देहरादून से पास होकर भारतीय सेना में कदम रखा।
इसके बाद वो साल 2009-10 में भारतीय थलसेना के 21वीं कोर की कमान संभाल चुके थे। साल 2010 के अंत तक इनको कश्मीर भेज दिया गया। इन्होंने कश्मीर में भारतीय सेना के 15वीं कोर कमान का नेतृत्व करते हुए 2010-2012 में कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान के तहत हर्ट्स एण्ड माइंड (Hearts and Minds) नीति लागू किया। इसके माध्यम से इन्होंने स्थानीय जनता से सेना के जुड़ाव को संभव बनाया और सेना व स्थानीय जनता के बीच संवाद बढ़ाकर आतंकवाद के प्रभाव को कम करने की कोशिश को सफल बनाया।
30 जून 2013 को भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद इन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र में काफी योगदान दिया। साल 2018 में इनको कश्मीर केन्द्रीय विश्वविद्यालय (Central University of Kashmir) का कुलपति नियुक्त किया गया। भारत सरकार की तरफ से इनको विशिष्ट सेवा मेडल (2003), सेना मेडल (2005), अति विशिष्ट सेवा मेडल (2009), उत्तम विशिष्ट सेवा मेडल (2012), परम विशिष्ट सेवा मेडल (2013) प्रदान किया जा चुका है।
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बिहार (Bihar) के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की जगह सैयद अता हसनैन को नियुक्त किया गया है। एक तरफ जहां बिहार में नीतीश कुमार सहित भाजपा जदयू (JDU) के बीच अंदरूनी कलह चल रही है, तो दूसरी तरफ बिहार के नए राज्यपाल के नियुक्ति की घोषणा की गई। बता दें कि बिहार में पिछले 10 साल में सात राज्यपाल बदले जा चुके हैं।
आरिफ मोहम्मद खान के पहले राजेन्द्र विश्वनाथ आरलेकर (Rajendra Vishwanath Arlekar) 17 फरवरी 2023 से 1 जनवरी 2025 बिहार के राज्यपाल थे। उनके पहले फागू चौहान ने बिहार में राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था। फागू चौहान लगभग तीन साल छह महीने राज्यपाल रहे, लेकिन पिछले दस साल में सात राज्यपालों के कार्यकाल का औसत निकाला जाए तो लगभग डेढ़ साल में एक राज्यपाल को बदल दिया गया है।