प्राण जाए पर खैनी ना जाए! बिहार में तंबाकू थूकने के चक्कर में ट्रेन से टकराया युवक, मौके पर हुई मौत

बिहार में पटना सिटी के दानापुर रेलवे मंडल में एक छोटा स्टेशन है और इसका नाम बाढ़ है l एक विडियो इन्टरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमे एक व्यक्ति को प्लेटफार्म पर थूकते देखा जा सकता है l
जैसे ही वह खैनी थूकने के लिए आगे बढ़ता है वह सीधे ट्रेन की तेज रफ़्तार के चपेट में आ जाता है और बुरी तरह जख्मी हो जाता है l
बिहार में पटना सिटी के दानापुर रेलवे मंडल में एक छोटा स्टेशन है और इसका नाम बाढ़ है l एक विडियो इन्टरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमे एक व्यक्ति को प्लेटफार्म पर थूकते देखा जा सकता है l AI Generated
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बिहार (Bihar) में पटना सिटी के दानापुर रेलवे मंडल (Danapur Railway Division) में एक छोटा स्टेशन है और इसका नाम बाढ़ (Barh) है l एक विडियो इन्टरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमे एक व्यक्ति को प्लेटफार्म पर थूकते देखा जा सकता है l

यह घटना 25 मार्च यानी बुधवार का है l कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह विडियो पटना सिटी (Patna city) के दानापुर मंडल के अंतर्गत आने वाले एक छोटे से रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है l एक व्यक्ति प्लेटफार्म नं 2 पर खैनी (गुटखा) थूकने के लिए जैसे ही आगे बढ़ता है ठीक उसी समय एक तेज रफ़्तार से रेलगाड़ी गुजरती है l ट्रेन संख्या 22348 पटना-हावड़ा वन्देभारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस (Patna-Howrah Superfast Express) का ड्राईवर दूर से ही हॉर्न देते आ रहा है लेकिन उस व्यक्ति को साफ़ तौर पर सुनाई नहीं देता और कुछ लोग उसे रोकने की भी कोशिश करते हैं लेकिन ट्रेन की तेज आवाज़ से वो लोगों को सुन नहीं पाता l

जैसे ही वह खैनी थूकने के लिए आगे बढ़ता है वह सीधे ट्रेन की तेज रफ़्तार के चपेट में आ जाता है और बुरी तरह जख्मी हो जाता है l सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी उसे तुरंत नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराते हैं लेकिन अस्पताल के डॉक्टर कहते हैं कि इनकी हालत नाजुक है और इन्हें तुरंत पटना सदर अस्पताल भेजना होगा l जैसे ही मरीज को एम्बुलेंस में शिफ्ट किया जाता है वह अस्पताल पहुँचने से पहले उसकी मौत हो जाती है l

यह खबर तेजी से सनसनी की तरह फ़ैल जाती है और ख़ास तौर पर सोशल मीडिया पर जब सब कुछ लाइक, शेयर पर होता है, और ठीक इसी माध्यम से मृतक के परिजन को इसकी सूचना मिली l मृतक के परिवारजन का कहना था कि हमें भी सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली और किसी ने हमें यह रील भेजा तब हमें पता चला कि ऐसी घटना घट गई है l अगले दिन सुबह सुबह परिवार के लोग स्थानीय GRP के पास पहुँचते हैं और लाश को अपने घर ले आते हैं l

मृतक की पहचान संजय राउत (Sanjay Raut) के रूप में हुई है जो नालंदा (Nalanda) जिले के शाहाबाद (Shahabad) का रहने वाला था l संजय के परिवार वालों का कहना है कि संजय जन्मजात मूक-बधिर था l मंगलवार कि सुबह वह अपने ससुराल सकसोहरा (Saksohara) जाने के लिए घर से निकला था लेकिन कोई ट्रेन में बैठकर किसी तरह बाढ़ स्टेशन पहुँच गया लेकिन अपने ससुराल नहीं पहुंचा l

हमारे देश में खैनी (गुटखा) (Tobacco) और रेलवे का पुराना सम्बन्ध है l

भारतीय रेल चाहे जितना ही साफ़-सुथरी ट्रेन की व्यवस्था दे, आज कल जो चमचमाती हुई ट्रेनें निकलती है वह केवल मात्र कुछ दिनों में ही गन्दी और मैली हो जाती हैं l एक तो इतनी रफ़्तार से चलती हैं और बचा-कुचा कसर ट्रेन में यात्रीगण पूरी कर देते हैं l ट्रेन के भीतर से ले कर (वाश बेसिन, बाथरूम यहाँ तक की कुछ महान लोग अपने सीट के आस-पास ही थूक देते हैं, और कुछ लोग बाहर की ओर खिड़की से थूकते हैं तो कुछ लोग ट्रेन के दरवाजे पर खड़े हो कर थूकते हैं l ट्रेन की रफ़्तार तेज होने के वजह से थूक के छींटे ट्रेन पर इधर-उधार फ़ैल जाते हैं l यह समस्या केवल ट्रेन तक सीमित नहीं है जो लोग प्लेटफार्म पर हैं वो लोग भी अपनी जिम्मेदारी खूब अच्छे से निभाते हैं और प्लेटफार्म को भी गन्दा कर देते हैं l एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारतीय रेल सालाना 1200 करोड़ रुपये से अधिक केवल ट्रेन और प्लेटफार्म पर गुटखे के छींटे साफ़ करने के लिए खर्च करती है l

[VT]

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