बिहार के शिक्षा विभाग में बड़ा खेल? सिर्फ एक साल में करोड़पति बनने की तैयारी कर रहा था इंजिनियर, घर से 42 लाख कैश बरामद

बिहार में अभी तक लोग केवल नेताओं की रणनीति पर ही ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। इसी बीच बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले रोशन कुमार ने भ्रष्टाचार के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया और बिहार की सियासत में चर्चाओं के बीच खुद के नाम सुर्खियां बटोर ली हैं।
नीतीश कुमार
बिहार में अभी तक लोग केवल नेताओं की रणनीति पर ही ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। इसी बीच बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले रोशन कुमार ने भ्रष्टाचार के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित कियाX
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Summary
  • बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में शिक्षा विभाग के सहायक अभियंता रोशन कुमार के घर से छापेमारी के दौरान 42 लाख 500 रुपये बरामद हुए।

  • शिकायत मिलने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने जांच शुरू की और छापेमारी कर धन बरामद किया। अभियुक्त रोशन कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

  • इस घटना के बाद राज्य में भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में गोपालगंज में निर्माणाधीन पुल गिरने और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मामलों ने भी बिहार की व्यवस्था पर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, बिहार में अभी तक लोग केवल नेताओं की रणनीति पर ही ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। इसी बीच बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले रोशन कुमार ने भ्रष्टाचार के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया और बिहार की सियासत में चर्चाओं के बीच, खुद के नाम सुर्खियां बटोर ली हैं।

रोशन कुमार बिहार के शिक्षा विभाग में सहायक अभियंता हैं। उनके घर, बेतिया से 42 लाख 500 रुपए जांच में बरामद हुए हैं। हैरानी की बात ये है कि रोशन के घर पर ये पैसे छज्जे में छिपाकर रखे गए थे। स्पेशल विजिलेंस यूनिट के मुताबिक रोशन स्कूलों के निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों से 10-15 प्रतिशत कमीशन वसूलता था। जब मामले की शिकायत मिली तो स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने तहकीकात करनी शुरू की। अभियुक्त को हिरासत में लिया जा चुका है, फिलहाल पूछताछ जारी है।

यह पहला मामला नहीं है बिहार में 

बिहार, भारत में एक ऐसा राज्य है जहां भ्रष्टाचार (Corruption) की जड़ें काफी मजबूती हैं। एक तरफ देशभर में यही कहा जाता है कि बिहार में बहार है, नीतिशे कुमार हैं, तो दूसरी तरफ इस तरीके के घूसखोरी के मामले इतने लंबे कार्यकाल पर एक धब्बा लगाते हैं। हाल ही में बिहार के गोपालगंज में निर्माणाधीन सरकारी पुल गिर गया था। शिकायत मिलने पर तैनात दो इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया। गोपालगंज में घोघरी नदी पर बन रहे इस पुल की लागत 2.89 करोड़ रुपये बताई गई है।

घुटने टेक चुका है बिहार की सुरक्षा व्यवस्था

केवल भ्रष्टाचार के मामले में ही नहीं, प्रदेश की कानून व्यवस्था भी पूरी तरीके से ध्वस्त है। साल 2023 के एनसीईआरबी (NCERB) के आंकड़ों (जो साल 2025 में प्रकाशित हुआ) के मुताबिक , बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध की संख्या 22952 दर्ज पाई गई। इन दर्ज मामलों में से बलात्कार के 902 और अपहरण के 14371 मामले सामने आए। ये दिखाता है कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरीके से चरमरा चुकी है।

11 जनवरी 2026 को पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने अंत में बिहार की ध्वस्त कानून व्यवस्था के सामने दम तोड़ दिया और उसकी मौत हो गई। पूरे देश में माहौल बनाया गया, उसको न्याय दिलाने के लिए विपक्षी नेताओं सहित अन्य अराजनैतिक संगठनों ने सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की। लेकिन वह सिर्फ पहली घटना नहीं थी, बिहार में लूट, हत्या, बलात्कार जैसे शब्द आज के समय में लोगों के लिए सुनना आदत बन गया है।

यह दिखाता है कि बिहार (Bihar) में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरीके से गुंडों, बदमाशों, भ्रष्टाचारियों के सामने घुटने टेक चुका है। बिहार को केवल सियासत की परिभाषा तक सीमित कर दिया गया है, विकास की आंधी का हजारवाँ हिस्सा भी बिहार को अब तक स्पर्श नहीं कर सका है।

नीतीश कुमार
Bihar Election 2025: "जातिवाद या रोज़गार... क्या है अहम मुद्दा?

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