

नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का नाम प्रस्तावित किया। करीब 21 साल तक बिहार के सीएम रहे नीतीश कुमार अब राज्यसभा सदस्य बन चुके हैं। नए मुख्यमंत्री को लेकर बहुत दिनों से चर्चा बना हुआ था। 14 अप्रैल 2026 को नीतीश कुमार ने इस्तीफा दिया और सम्राट के नाम का प्रस्ताव किया।
15 अप्रैल 2026 को बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन (Lt Gen Syed Ata Hasnain) के सामने सम्राट चौधरी ने शपथ ली। मैं सम्राट चौधरी ईश्वर की शपथ लेता हूँ कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूँगा.....। इस शपथ के साथ बिहार एनडीए में नई राजनीतिक पीढ़ी का शंखनाद हुआ। यह शपथ बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया। सम्राट चौधरी बिहार के दिग्गज नेता शकुनी चौधरी के सुपुत्र हैं। उनके सीएम बनने पर बहुत लोगों ने खुशी जाहिर किया तो कुछ लोगों ने उनके विवादित राजनीतिक सफर को याद कर कटाक्ष किया।
सम्राट चौधरी ने लालू यादव की पाठशाला से राजनीतिक शरुआत की थी। सबसे पहली बार 2000 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से परबत्ता सीट से विधायक बने। इसके पहले साल 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में सम्राट को मंत्री बनाया गया था। उस समय उनकी उम्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। बहुत लंबे समय बाद साल 2014 में उन्होंने आरजेडी से बगावत कर दिया। लगभग 14 विधायकों को आरजेडी से तोड़कर नीतीश कुमार को समर्थन दे दिया। कुछ ही समय बाद सम्राट जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए लेकिन नीतीश कुमार की पार्टी में ज्यादा दिन नहीं रह सके और साल 2017 में बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद सम्राट की पहचान बिहार बीजेपी में बड़े चेहरे के रूप में होने लगी। सम्राट और अमित शाह का बहुत करीबी नाता बताया जाता है, यही कारण है कि बिहार बीजेपी में सम्राट के लिए ज्यादा चुनौती कोई नहीं बन सका। लालू यादव की पाठशाला से निकला शख्स आज बीजेपी से सीएम बन गया।
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सम्राट चौधरी के ऊपर बहुत सारे गंभीर आरोप हैं। बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के समय राजनीतिक रणनीतिकार कहे जाने वाले प्रशांत किशोर ने उनके ऊपर लगे आरोपों को उजागर किया। उनके अनुसार एक मामला साल 1995 का है जब बिहार के तारापुर में नरसंहार हुआ था। सम्राट चौधरी भी इस मामले में सम्मिलित थे। उन्होंने इस मामले में अपने आपको नाबालिग साबित करने के लिए एक हलफ़नामा दिया और उस समय उनकी उम्र लगभग 15 साल बताई गई। इसके बाद सम्राट ने साल 2020 के विधान परिषद चुनावी हलफनामे में अपना उम्र लगभग 56 वर्ष बताया था। चुनावी हलफनामे के हिसाब से साल 1995 के नरसंहार के समय उनकी आयु लगभग 26 साल होनी चाहिए। यह गड़बड़ी साल 2025 के विधानसभा चुनाव में उजागर हुई थी। इसके अलावा सम्राट चौधरी पर शिल्पी हत्याकांड का आरोप है। साल 1999 में पटना में शिल्पी गौतम हत्याकांड में नाम आ चुका है।
प्रशांत किशोर ने यह आरोप भी लगाया है कि सम्राट चौधरी ने मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी से PFC (Pre-Foundation Course) किया है। उनके अनुसार प्रायः यह कोर्स वही छात्र करते हैं जिन्हें तमिल भाषा का ज्ञान हो। सम्राट के ऊपर पीके ने आरोप लगाया है कि सम्राट को तमिल भाषा का कितना ज्ञान है कि उन्होंने इस कोर्स में दाखिला लिया। इसके अलावा सम्राट ने कैलिफोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी से D.Litt (डॉक्टर ऑफ लेटर्स) की डिग्री हासिल किया है कैलिफोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी पर बहुत बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा हो चुका है।
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