
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या का राम मंदिर इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर ट्रस्ट के फंड और ज़मीन के लेन-देन से जुड़े उन वास्तविक मामलों पर, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान खींचा है। आज हम बात कर रहे हैं बाग बिजेसी ज़मीन विवाद की, जिसमें प्रॉपर्टी डीलर सुल्तान अंसारी, रवि मोहन तिवारी और स्थानीय नेताओं के नाम सामने आए थे, जहाँ चंद मिनटों में ज़मीन की कीमत ₹2 करोड़ से ₹18.5 करोड़ हो गई थी। इसके साथ ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। आज के इस लाइव में हम इन ज़मीनी सौदों के दस्तावेज़ों, कोर्ट के रुख और ट्रस्ट के ऑडिट की असलियत पर बात करेंगे।
अगर हम इस पूरे मामले के मुख्य किरदारों की बात करें, तो इसमें सबसे पहला नाम आता है हरीश पाठक और कुसुम पाठक का, जो इस विवादित ज़मीन के मूल मालिक थे। इसके बाद एंट्री होती है दो प्रॉपर्टी डीलर्स की, सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी। इन दोनों ने पाठक परिवार से वह ज़मीन महज ₹2 करोड़ में तय की और आश्चर्यजनक रूप से, कुछ ही मिनटों के भीतर उसी ज़मीन को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ₹18.5 करोड़ में बेच दिया। इस ₹16.5 करोड़ के भारी मुनाफे ने सबको चौंका दिया। इस पूरे सौदे में गवाह के तौर पर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और अयोध्या के तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के नाम सामने आए, जिसके कारण यह मामला सीधे जांच के दायरे में आ गया।
7 दिन पहले ही 'चढ़ावा घोटाले' और वित्तीय गड़बड़ी को लेकर एसआईटी की टीम गठित हो गई थी लेकिन अभी तक प्रारंभिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में हम आपको इस लाइव में पल-पल की अपडेट देते रहेंगे। हमारे साथ बने रहें।