अयोध्या राम मंदिर की तस्वीर
LIVE: अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे की चोरी का सच क्या? पल-पल की लाइव कवरेज X

LIVE: टॉयलेट में मिले कैश से खुला राम मंदिर में चोरी हुए ₹81 लाख का राज़

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या का राम मंदिर इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर ट्रस्ट के फंड और ज़मीन के लेन-देन से जुड़े उन वास्तविक मामलों पर, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान खींचा है।

राम मंदिर में ₹81 लाख की चोरी: टॉयलेट से खुला राज़

अयोध्या राम मंदिर में जून-जुलाई 2026 में ₹81.19 लाख की चोरी का सनसनीखेज खुलासा हुआ। मंदिर के टॉयलेट में लावारिस कैश मिलने पर जांच शुरू हुई। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि पैसे गिनने वाले कर्मचारियों ने 40 दिनों में 70 बार चोरी की। वे सुरक्षा चूक का फायदा उठाकर नोट कपड़ों में छिपाते थे। मामले में 8 आरोपी जेल गए। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया। अब स्टाफ के लिए बिना जेब वाली यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी गई है।

महंत धर्मदास का ट्रस्ट पर गंभीर आरोप: "मंदिर नहीं, बनिया की दुकान चला रहे हैं चंपत राय"

हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर राम मंदिर निर्माण के चंदे और जमीन सौदों में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और पदाधिकारियों पर रामधन के गबन का आरोप लगाते हुए इसे 'बनिया की दुकान' बताया है। महंत ने इस पूरी व्यवस्था को साधु-संतों को सौंपने की मांग की है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित SIT जांच पर भरोसा जताया है, ताकि गबन और जमीन घोटाले के आरोपों की सत्यता सामने आ सके। आप इस मामले में और अधिक जानकारी के लिए, समाचार माध्यमों पर नजर रख सकते हैं।

चंपत राय के लिए मौत की सजा भी कम: संत करपात्री महाराज

चंपत राय के लिए मौत की सजा भी कम: संत करपात्री महाराज
चंपत राय के लिए मौत की सजा भी कम: संत करपात्री महाराजians

यह मामला अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में धन के कथित गबन से जुड़ा है। संत करपात्री महाराज ने पूर्व महासचिव चंपत राय पर तीखा हमला करते हुए कहा कि रामधन की चोरी के लिए 'मौत की सजा' भी कम है और उन्हें आजीवन कारावास मिलना चाहिए। उन्होंने कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी की भूमिका की जांच की भी मांग की। विवाद के बाद चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है और ट्रस्ट अब नई पारदर्शी दान व्यवस्था लागू कर रहा है।

कौन बनेगा राम मंदिर ट्रस्ट का महासचिव?

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावे के गबन और वित्तीय अनियमितताओं के विवाद के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया है। वर्तमान में कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव हैं। अब ट्रस्ट के नए स्थायी महासचिव के लिए विश्व हिंदू परिषद के बजरंग लाल बागड़ा का नाम सबसे आगे है, जबकि वित्तीय पारदर्शिता के लिए सीईओ का नया पद बनाकर नृपेंद्र मिश्रा को सौंपने की चर्चा है।

चंदा देने वालों से ऐंठा जाता था पैसा

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT ने बड़ा खुलासा किया है। मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और उसकी टीम ने 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के नाम की फर्जी रसीद बुक छपवा रखी थी। वे मंदिर आए श्रद्धालुओं को असली जैसी दिखने वाली रसीदें देकर चंदे का पैसा सीधे अपनी जेब में रख लेते थे। पुलिस ने फर्जी रसीदें बरामद कर मुख्य आरोपी सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच जारी, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा : सूर्य प्रताप शाही

श्री राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा गबन के आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि मामले की जांच के लिए सीएम योगी ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को जिम्मेदारी सौंपी है। जांच प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जो लोग शामिल पाए गए हैं, उनके खिलाफ कदम उठाए जा चुके हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भी बैठक की गई है, जिसमें मामले से जुड़ी कई जानकारियों को स्पष्ट किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार और ट्रस्ट दोनों ही इस विषय को गंभीरता से ले रहे हैं। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे उसकी पहचान या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में पूरी पारदर्शिता रखी जाए और तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए। मंदिर से जुड़े मामलों में लोगों की आस्था को देखते हुए सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगी।

सपा नेता पवन पांडेय को मिली धमकी

सपा नेता पवन पांडेय को मिली धमकी
सपा नेता पवन पांडेय को मिली धमकी X

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को उठाने वाले सपा नेता पवन पांडेय को विदेशी नंबर से जान से मारने की धमकी मिली है। कॉलर ने उन्हें इस मुद्दे पर चुप रहने की चेतावनी दी है, ऐसा न करने पर उनके बच्चों और परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कही है। इस गंभीर मामले के बाद पवन पांडेय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।क्या आपको गौतम गंभीर की कोचिंग में मजा आ रहा है?

SIT की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

अयोध्या राम मंदिर गबन मामले में आई SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच करीब 40 दिनों में 70 बार चोरी के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं। जांच के दौरान आरोपियों से 78.94 लाख रुपये और शौचालय से 2.25 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। गंभीर सुरक्षा विफलता के बावजूद, 2020-2021 की 263 किलो चांदी का रिकॉर्ड सुरक्षित है। सरकार ने 15 जुलाई 2026 तक अंतिम रिपोर्ट मांगी है।

कृष्ण मोहन बने कार्यवाहक महासचिव

कौन हैं कृष्ण मोहन, जिन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में मिली चंपत राय की जगह जिम्मेदारी
कौन हैं कृष्ण मोहन, जिन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में मिली चंपत राय की जगह जिम्मेदारीIANS

रामलला मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद ट्रस्ट ने वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है।

पदभार संभालते ही कृष्ण मोहन ने स्पष्ट किया कि चोरी के मामले में दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाना और ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में सुधार कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

चंपत राय के बाद इन्हें बनाया जा सकता है महासचिव

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंदा घोटाले और चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है। नए महासचिव की नियुक्ति के लिए आज 6 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक बुलाई गई है। इस पद की रेस में वीएचपी के बजरंग बागड़, बजरंग दल के नीरज दौनेरिया और सेवानिवृत्त आईएफएस कृष्ण मोहन के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ₹2 करोड़ की जमीन खरीदने की थी तैयारी

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले का मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्र दान के पैसों से ₹2 करोड़ में 20 बीघा जमीन खरीदने की फिराक में था। उसने हाईवे के पास सौदा तय कर लिया था। आउटसोर्सिंग कर्मचारी अनुकल्प ने सीसीटीवी छुपाकर करोड़ों की चोरी की। पुलिस ने उसे और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर बेनामी संपत्तियां और लाखों की नकदी बरामद की है।

चंपत राय को संरक्षण प्राप्त है: संतोष दुबे

चंपत राय को संरक्षण प्राप्त है: संतोष दुबे
चंपत राय को संरक्षण प्राप्त है: संतोष दुबे

राम मंदिर आंदोलन से जुड़े पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। दुबे का दावा है कि चंपत राय को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने अयोध्या पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर मंदिर की दानपेटियों से 200 करोड़ रुपये के नकद व सोने-चांदी के आभूषण तथा 1989 के आंदोलन की 1250 ऐतिहासिक राम शिलाएं गायब करने का आरोप लगाया है।

1 किलो सोने की रामायण का कोई रसीद नहीं

1 किलो सोने की रामायण का कोई रसीद नहीं
1 किलो सोने की रामायण का कोई रसीद नहीं X

पूर्व गृह सचिव एस. लक्ष्मी नारायण ने दावा किया है कि राम मंदिर में भेंट की गई 1 किलो सोने की रामायण का कोई रसीद या रिकॉर्ड नहीं दिया गया। उन्होंने चंपत राय पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए यह बयान दिया। यह विवाद मंदिर में चढ़ावे की चोरी की SIT जांच के बीच सामने आया है, जिसमें अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

चंपत राय को देना होगा जवाब

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा और दान चोरी घोटाले के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र ने इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के नियमों के अनुसार, पूर्ण रूप से पद छोड़ने के लिए एक महीने का नोटिस देना अनिवार्य है। इस बीच, 6 जुलाई की अहम बैठक में दोनों को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा और उनके इस्तीफे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

140 संदिग्धों की सूची तैयार हुई

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पिछले 24 घंटों में पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को रिमांड पर लेकर प्रतापगढ़ में छापेमारी की. जांच के दौरान 140 संदिग्धों की सूची तैयार कर चंपत राय के बयान दर्ज किए गए हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों को सख्त सजा की मांग की है. वहीं, सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब नोटों की गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है ताकि चोरी रोकी जा सके.

SIT ने मुख्य आरोपी से ₹20 लाख कैश और कार बरामद की

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की चोरी और हेराफेरी के मामले में एक नई अपडेट आई है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला ने अपने साथियों के साथ मिलकर दानपेटियों से लाखों रुपये और विदेशी मुद्रा गायब की थी। पुलिस रिमांड के दौरान SIT ने अविनाश से पूछताछ कर चोरी के पैसों से खरीदी गई ब्रेजा कार और ₹20 लाख कैश बरामद किया। अब SIT आरोपियों और ट्रस्टियों की संपत्तियों के कागजात खंगालकर अवैध प्रॉपर्टी का पता लगा रही है।

जेल जाएंगे चंपत राय!

जेल जाएंगे चंपत राय
जेल जाएंगे चंपत राय IANS

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार का बड़ा बयान आया है। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों का गबन हुआ है, जिस पर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आधी रात को फोन पर सीधी बात हुई है।

कटियार के अनुसार, इस वित्तीय हेर-फेर के जिम्मेदार ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव हैं, जो आने वाले दिनों में जेल जा सकते हैं। विवाद बढ़ने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है और फिलहाल विशेष जांच दल इस पूरे घोटाले की जांच कर रही है।

मुफ्त पास के नाम पर श्रद्धालुओं से लाखों की ठगी

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी टिन्नू यादव पर वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली नेटवर्क चलाने का खुलासा हुआ है। ट्रस्ट के मुफ्त पासों का फायदा उठाकर उसका गैंग बाहरी श्रद्धालुओं से लाखों रुपये वसूलता था। स्थानीय होटलों और होम-स्टे के सिंडिकेट से जुड़ा यह नेटवर्क रोज अवैध कमाई आपस में बांटता था।

स्वामी करपात्री महाराज ने कहा, ''मंदिर के अंदर हैं टोटी चोर"

स्वामी करपात्री महाराज ने कहा, ''मंदिर के अंदर हैं टोटी चोर"
स्वामी करपात्री महाराज ने कहा, ''मंदिर के अंदर हैं टोटी चोर"

राम मंदिर दान और चांदी की टोटियां चोरी के मामले में स्वामी करपात्री महाराज ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने दावा किया कि "राम मंदिर के अंदर ही बड़े-बड़े टोटी चोर बैठे हुए हैं"। उन्होंने आरोप लगाया कि चोरी के समय सीसीटीवी जानबूझकर बंद किए जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय को किसी भी कीमत पर अभी अयोध्या से बाहर नहीं जाने देना चाहिए।

चंदा चोरी मामले में दोषी मिलने पर चंपत राय पर भी होगी कार्रवाई: VHP

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ा रुख अपनाया है। VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने साफ किया कि मामले की पूरी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। उन्होंने संकेत दिए कि दोषी पाए जाने पर संगठन चंपत राय के खिलाफ भी सख्त कदम उठा सकता है। VHP का मानना है कि अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

चंपत राय का एकांतवास और कलंक मिटाने का लिया संकल्प

चंपत राय की तस्वीर
चंपत राय का एकांतवास और कलंक मिटाने का लिया संकल्पX

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद चंपत राय कारसेवकपुरम में एकांतवास में हैं। उन्होंने करीबियों से कहा कि वह कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाएंगे और समय आने पर सब बताएंगे। उन्होंने पूर्व ड्राइवर पर धोखे का आरोप लगाया है। चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है और अब उन्हें SIT की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है।

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अब ED की एंट्री

राम मंदिर चंदे में हुई करोड़ों की चोरी के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। पुलिस की जांच में आरोपियों के पास से लाखों की नकदी और अवैध रूप से खरीदी गई जमीनों के दस्तावेज मिले हैं। इस भारी वित्तीय हेराफेरी, बेनामी संपत्तियों और मनी ट्रेल (पैसों के अवैध लेनदेन) की गहराई से जांच करने के लिए ईडी अब मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई करेगी।

₹12,000 की सैलरी और पत्नी के नाम आलीशान 3 मंजिला मकान का निर्माण

₹12,000 की सैलरी और पत्नी के नाम आलीशान 3 मंजिला मकान का निर्माण
₹12,000 की सैलरी और पत्नी के नाम आलीशान 3 मंजिला मकान का निर्माणX

राम मंदिर दान चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की ₹25 लाख की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है। महज ₹12,000 की मासिक सैलरी पाने वाले लवकुश ने अपनी पत्नी सुप्रिया के नाम पर अयोध्या-लखनऊ हाईवे के पास जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर वह एक आलीशान तीन मंजिला मकान बनवा रहा था, जिसकी अनुमानित कीमत ₹25 लाख से अधिक आंकी गई है।

चंदा चोरी में चंपत राय ने टिन्नू यादव पर फोड़ा ठीकरा

चंपत राय की तस्वीर
चंदा चोरी में चंपत राय ने टिन्नू यादव पर फोड़ा ठीकराX

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से करीब 3 घंटे पूछताछ की। चंपत राय ने चोरी में अपनी भूमिका से साफ इनकार करते हुए सारा ठीकरा अपने पूर्व ड्राइवर टिन्नू यादव पर फोड़ दिया। चंपत राय ने कहा कि इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और बैंक अधिकारी समेत 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

8 आरोपी 13 जुलाई तक जेल में, 80 लाख बरामद

अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्रस्ट के कर्मचारियों और सुपरवाइजर सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इन आरोपियों से करीब 80 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। इस गंभीर मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आठों आरोपियों की पेशी

अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी के मामले में आठ आरोपियों की जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हो रही है। सुरक्षा और वकीलों द्वारा केस न लड़ने के फैसले के कारण यह कदम उठाया गया। SIT ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ₹79.85 लाख बरामद किए हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा को 3 दिन में अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम

चंपत राय की तस्वीर
चंपत राय और अनिल मिश्रा को 3 दिन में अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटमX

अयोध्या के वकीलों ने राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के आरोपी चंपत राय और अनिल मिश्रा को तीन दिन में अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर पूरी रामनगरी जाम की जाएगी। साथ ही, स्थानीय वकीलों पर इनका केस लड़ने की रोक लगाते हुए पांच लाख रुपये जुर्माने का फैसला किया है।

संतोष दुबे का खुलासा: राम मंदिर चंदे में ₹200 करोड़ की हेराफेरी और नार्को टेस्ट की मांग

संतोष दुबे का खुलासा: राम मंदिर चंदे में ₹200 करोड़ की हेराफेरी और नार्को टेस्ट की मांग
संतोष दुबे का खुलासा: राम मंदिर चंदे में ₹200 करोड़ की हेराफेरी और नार्को टेस्ट की मांगX

धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा को "गैंगस्टर" बताते हुए उनका नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। दुबे का आरोप है कि ट्रस्ट के कुछ लोगों ने अयोध्या को "अय्याशी का अड्डा" बना दिया है। उन्होंने सोने-चांदी की ऐतिहासिक ईंटें गायब करने और करीब 200 करोड़ रुपये के गबन का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट का तुरंत सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी की सीबीआई या एसआईटी जांच की याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। जस्टिस एम. एम. सुंदरेश की पीठ ने कहा कि इसमें इतनी जल्दबाजी की जरूरत नहीं है और मामले को छुट्टियों के बाद सूचीबद्ध किया। याचिका में करोड़ों भक्तों की आस्था और वित्तीय अनियमितताओं का हवाला देकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।

क्या मंदिर ट्रस्ट को कथित हेरा फेरी के बारे में जानकारी थी?

राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद में नई जानकारी सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि मामला सार्वजनिक होने से पहले ही 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' को कथित हेराफेरी के बारे में पता था। 'इंडिया टुडे' के अनुसार, 5 जून 2026 को ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय के आदेश पर ट्रस्ट के कुछ सदस्य आरोपियों में से एक, अविनाश शुक्ला के घर गए थे। यह मामला 7 जून 2026 को सार्वजनिक हुआ।

सूत्रों का दावा है कि इस दौरे के दौरान शुक्ला के घर पर कैश मिला था, लेकिन इसे लेकर पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। इस घटना से जुड़ी एक कथित CCTV क्लिप भी सामने आई है, लेकिन इसकी सच्चाई की पुष्टि नहीं हुई है।

राम मंदिर ट्रस्ट घोटाला: बड़े इस्तीफे और नए CEO की तैयारी

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में ₹7 करोड़ के चढ़ावे की चोरी और वित्तीय कुप्रबंधन के मामले में SIT ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹79.85 लाख बरामद किए हैं। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफे दे दिए हैं। अब 11 जुलाई की बैठक में पारदर्शिता के लिए रिटायर्ड IAS को नया CEO बनाने पर फैसला होगा।

राम मंदिर चंदा विवाद पर सियासत: आरोप-प्रत्यारोप और जांच की मांग

राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। एक तरफ विपक्षी दल और शिवसेना (यूबीटी) जैसे संगठन ट्रस्ट को तुरंत भंग करने, वित्तीय अनियमितताओं की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और व्यापक सुधारों की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि भूमि खरीद के बाद अब चढ़ावे की चोरी के आरोपों से श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंची है। दूसरी ओर, भाजपा और ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इन आरोपों का खंडन किया है। ट्रस्ट सदस्य दिनेन्द्र दास ने कहा कि आय-व्यय का नियमित लेखा-जोखा रखा जाता है और इस्तीफे की खबरें पूरी तरह झूठी हैं। भाजपा नेता रोहन गुप्ता और जितेंद्र नारायण सिंह ने विपक्ष पर बिना किसी योगदान के केवल राजनीतिक लाभ लेने और मंदिर को बदनाम करने का आरोप लगाया है। सरकार की ओर से गठित एसआईटी ने तीन दिनों में जांच रिपोर्ट सौंप दी है, और नेताओं का दावा है कि राम भक्तों की आस्था से जुड़े एक-एक पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

चंपत राय की तस्वीर
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफाX

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी विवाद में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि एफआईआर (FIR) में उनका नाम नहीं है, लेकिन विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट और चंपत राय के ड्राइवर सहित 8 लोगों पर कार्रवाई के बाद प्रशासनिक स्तर पर भारी दबाव था। जांच में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया।

केजरीवाल पर भड़के साधु संत, वापस जाओ’ के लगाए नारे

अयोध्या : ‘केजरीवाल वापस जाओ’ के लगे नारे, भड़के साधु-संत बोले- वो यहां राजनीतिक महत्वाकांक्षा के साथ आ रहे
अयोध्या : ‘केजरीवाल वापस जाओ’ के लगे नारे, भड़के साधु-संत बोले- वो यहां राजनीतिक महत्वाकांक्षा के साथ आ रहे

अरविंद केजरीवाल के अयोध्या जाने पर साधु-संतों ने रोष जाहिर किया। आक्रोशित संतों ने केजरीवाल ‘वापस जाओ’ के नारे भी लगाए और उनका पुतला भी फूंका। साधु-संतों का कहना है कि हम सिर्फ राजनीति चमकाने के मकसद से यहां पर आने वाले किसी भी राजनेता को स्वीकार नहीं कर सकते हैं। इस दौरान कई साधु-संतों ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में केजरीवाल के अयोध्या आगमन पर रोष जाहिर किया।

तीर्थ पुरोहित राजेश महाराज ने भी अरविंद केजरीवाल के अयोध्या आगमन पर रोष जाहिर किया। उनके मुताबिक, ये वही अरविंद केजरीवाल हैं, जो कहा करते थे कि अयोध्या में राम मंदिर की जगह पर अस्पताल का निर्माण करवा दिया जाए, ताकि वहां सभी धर्मों के लोगों का उपचार हो सके। इतना ही नहीं, ये वही केजरीवाल हैं, जो कहा करते थे कि भगवान राम किसी मंदिर में नहीं, बल्कि हमारे हदय में विराजमान हैं। अब अगर भगवान राम उनके दिल में विराजमान हैं, तो उन्हें मंदिर दर्शन करने की क्या जरूरत है। उन्हें यहां पर आने की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि इन्हीं सब स्थितियों को देखते हुए हम अरविंद केजरीवाल का विरोध कर रहे हैं। हमने उनका पुतला फूंका है और अब प्रशासन की तरफ से हमें गिरफ्तार किया जा रहा है।

सनातन संरक्षक दल के महासचिव मुकल माधव त्रिपाठी ने भी अरविंद केजरीवाल के अयोध्या आगमन पर रोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने केजरीवाल को काला झंडा दिखाने से रोक दिया। सनातन संरक्षक दल ने पहले ही ऐलान किया था कि हम अरविंद केजरीवाल के अयोध्या आगमन का विरोध करेंगे, क्योंकि वो राजनीतिक महत्वाकांक्षा के साथ यहां पर आ रहे हैं। रामलला में उन्हें कोई आस्था नहीं है। आरोप लगाया कि कजरीवाल पहले ही यह कह चुके थे कि भगवान राम को मंदिर की जरूरत नहीं है, वो तो हमारे हदय में रहते हैं। ऐसे सनातन विरोधी व्यक्ति को अयोध्या आने की कोई जरूरत नहीं है।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी की जांच सही नहीं

राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी की जांच सही नहीं, सीएम योगी कराएं निष्पक्ष कार्रवाई: करपात्री महाराज
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी की जांच सही नहीं, सीएम योगी कराएं निष्पक्ष कार्रवाई: करपात्री महाराजians

राम मंदिर चढ़ावा मामले में कथित हेराफेरी के मामले में दर्ज एफआईआर और एसआईटी जांच को लेकर धार्मिक नेता एवं आध्यात्मिक वक्ता करपात्री महाराज ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह अब तक की जांच से संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि उनके अनुसार मामले के मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है जबकि केवल छोटे स्तर के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

धार्मिक नेता करपात्री महाराज ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि जब विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष को संगठन के भीतर "कैंसर जैसी समस्या" की जानकारी मिली, तब उसे समाप्त करने के उद्देश्य से एफआईआर दर्ज कराई गई। हालांकि, उनका कहना है कि एफआईआर का उद्देश्य तभी पूरा माना जाएगा जब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और वास्तविक दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी की जांच में उन लोगों को बचाने की कोशिश की गई है जो कथित रूप से बड़ी गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं। यदि केवल छोटे कर्मचारियों या पदाधिकारियों पर कार्रवाई होगी और प्रभावशाली लोगों को छोड़ दिया जाएगा, तो मामले की सच्चाई कभी सामने नहीं आ पाएगी।

करपात्री महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना किसी दबाव या पक्षपात के सभी आरोपियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर गंभीर आरोप हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक संबंधित पदों से तत्काल हटाया जाना चाहिए। साथ ही, उनके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

करपात्री महाराज ने कहा कि यदि सरकार पूरे मामले का निष्पक्ष खुलासा करना चाहती है तो किसी भी आरोपी का नाम दबाए बिना कार्रवाई करनी होगी। उनका मानना है कि तभी राम मंदिर चढ़ावा मामले में जनता का विश्वास बहाल हो सकेगा और दोषियों को उचित सजा मिल सकेगी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में दर्ज हुई पहली एफआईआर

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में 8 नामजद व अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सीएम योगी द्वारा गठित एसआईटी के प्रारम्भिक प्रतिवेदन में कठोर संस्तुतियां की गई हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

गुरुवार देर रात तक गिरफ्तारी की नहीं हुई है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया है।

आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने गत मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ शासन को प्रारंभिक प्रतिवेदन सौंपा था, जिसमें कठोर संस्तुतियां हैं।

इसके बाद ही गुरुवार को एफआईआर दर्ज किए जाने की कार्रवाई अंजाम दी गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के भेंट/चढ़ावा में चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए ट्रस्ट का गठन हुआ था।

सचिन पायलट
राम मंदिर चंदा विवाद पर भी सचिन पायलट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के चंदे के नाम पर चोरी या गड़बड़ी से बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता। सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, चाहे आरोप किसी भी दल के व्यक्ति पर लगे हों। यदि राजनीतिक दल भगवान के नाम पर वोट मांगने में संकोच नहीं करते, तो भगवान के नाम पर हुए कथित चंदा घोटाले या धन के दुरुपयोग की जांच कराने में भी कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। X

सीएम मोहन यादव पर सचिन पायलट ने साधा निशाना, राम मंदिर चंदा प्रकरण पर केंद्र को घेरा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा उज्जैन में बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने के कथित खुलासे पर सचिन पायलट ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है।

सचिन पायलट ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब बात नैतिकता, भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की आती है, तब भाजपा दोहरे मापदंड क्यों अपनाती है। उन्होंने कहा कि अखबारों में सामने आए इस कथित खुलासे पर अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के पुराने नारे "न खाऊंगा, न खाने दूंगा" का जिक्र करते हुए कहा कि लगाए गए आरोपों को देखकर अब स्थिति इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।

राम मंदिर चंदा विवाद पर भी सचिन पायलट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के चंदे के नाम पर चोरी या गड़बड़ी से बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता। सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, चाहे आरोप किसी भी दल के व्यक्ति पर लगे हों। यदि राजनीतिक दल भगवान के नाम पर वोट मांगने में संकोच नहीं करते, तो भगवान के नाम पर हुए कथित चंदा घोटाले या धन के दुरुपयोग की जांच कराने में भी कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि अब तक न तो राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार ने इस मामले में कोई जांच कराई है।

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के फंड से जुड़े मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट।
सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के फंड से जुड़े मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार X

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और गबन की जांच वाली जनहित याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है।

वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर इस याचिका में एफआईआर, सीबीआई के तहत एसआईटी जांच और बैंक खातों, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट व सीसीटीवी फुटेज जैसे सबूत सुरक्षित रखने की मांग की गई है। कोर्ट ने कहा कि रजिस्ट्री इसे लिस्ट करेगी और याचिकाकर्ता सोमवार को वेकेशन बेंच के सामने इसे दोबारा मेंशन कर सकते हैं।

वहीं, लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय एसआईटी ने राज्य सरकार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंप दी है और विस्तृत जांच फिलहाल जारी है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: VHP की एंट्री और तुरंत FIR की मांग

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: VHP की एंट्री और तुरंत FIR की मांग
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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी के मामले पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि इससे पूरे हिंदू समाज को लज्जा महसूस हुई है। विहिप ने मांग की है कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में रोजाना सुनवाई कर सख्त सजा दी जाए।

चंपत राय ने जानकारी देने से किया इनकार

चंपत राय की तस्वीर
चंपत राय ने जानकारी देने से किया इनकार X

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित हेराफेरी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेता की शिकायत पर पीएमओ के निर्देश के बाद जब अयोध्या जिला प्रशासन ने ट्रस्ट से वित्तीय ब्योरा मांगा, तो महासचिव चंपत राय ने जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि मंदिर में करोड़ों रुपये की चोरी और गबन के मामले की जांच एसआईटी (SIT) कर रही है। चंपत राय के अनुसार, जांच के दौरान ये गोपनीय वित्तीय दस्तावेज प्रशासन को नहीं दिए जा सकते।

रत्नेश और गगनदीप ने कैसे उड़ाए करोड़ों रुपए ?

अयोध्या राम मंदिर के दान घोटाले में एक बड़ा मोड़ आ गया है! 22 जून 2026 को SIT ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी 15 पन्नों की शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंप दी है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच में ये पता चला है कि 22 जनवरी 2024 को हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से मंदिर के कई सेवादारों और कर्मचारियों की संपत्ति अचानक तेजी से बढ़ी. मुख्य संदिग्धों में TCS के दो कर्मचारी रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप सिंह हैं, जिन्होंने ट्रस्ट के कर्मचारी तिन्नू यादव के साथ मिलकर करोड़ों का खेल किया.

नोटों की गिनती के दौरान ये लोग 10 के बजाय 12 से 13 बंडल एक साथ पैक कर देते थे. शाम को जब बैंक वाउचर बनता, तो कागज़ों पर केवल 10 बंडलों की ही कम एंट्री दिखाई जाती थी. इस फर्जी वाउचर पर तिन्नू यादव साइन करता और अतिरिक्त लाखों रुपये ये सब आपस में बांट लेते थे.

SIT ने अपनी रिपोर्ट में 17 से 25 लोगों पर FIR की सिफारिश की है. दानपात्रों की चाबियां भी तिन्नू यादव के पास से बरामद हुई हैं. इस मामले में करीब 150 से अधिक लोग जांच के दायरे में हैं.

राम मंदिर जमीन घोटाले के 4 सबूत !

राम मंदिर जमीन घोटाले के 4 सबूत !
राम मंदिर जमीन घोटाले के 4 सबूत !IANS

राम भक्तों की आस्था और दान के पैसे का एक खेल सामने आया है। अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे ज़मीन घोटाले के इन चार सुबूतों को देखिए जो सीधे बड़े भ्रष्टाचार की गवाही दे रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहला खेल हुआ 18 मार्च 2021 को, जब बाग बिजैसी में ₹2 करोड़ की ज़मीन सुल्तान अंसारी ने खरीदी, और महज़ 10 मिनट बाद ट्रस्ट ने इसे ₹18.5 करोड़ में खरीदकर सीधे साढ़े 16 करोड़ का चूना लगाया। इसके बाद 2 अप्रैल 2024 को कोट रामचंदर में महंत मुरलीदास की ₹3 करोड़ मूल्य की ज़मीन को ट्रस्ट ने सीधे ₹24 करोड़ के भारी-भरकम दाम में खरीद डाला।

साथ ही अन्य रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि मई 2025 में हैबतपुर में ₹88.7 लाख के सर्कल रेट वाली ज़मीन ₹6.7 करोड़ में खरीदी गई, जो पूरे 7.5 गुना महंगी थी, और हद तो तब हो गई जब नवंबर 2025 में लखनऊ रोड पर ₹1.73 करोड़ की ज़मीन ₹29.67 करोड़ में ली गई, जो सरकारी रेट से 17 गुना अधिक है!

राम मंदिर घोटाले के 4 मुख्य किरदार !

सोमेश आनंद और अनुकल्प मिश्रा की तस्वीर
राम मंदिर घोटाले के 4 मुख्य किरदार !X

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी और भूमि खरीद विवाद में 13 जून 2026 को गठित SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें ट्रस्ट पदाधिकारियों के करीबियों पर गंभीर वित्तीय हेराफेरी के आरोप हैं।

तथ्यों के अनुसार, चंपत राय के भतीजे चंदन राय पर सर्किल रेट से 17 गुना अधिक दाम पर जमीनें खरीदने, और गोपाल राव के भतीजे सोमेश आनंद पर निर्माण सामग्री के भुगतानों में 40% तक कमीशनखोरी का आरोप है।

इसके अलावा, टिन्नू यादव के भतीजे मनीष की निशानदेही पर ₹36 लाख नगद, जबकि डॉ. अनिल मिश्रा के रिश्तेदारों में से अनुकल्प मिश्रा द्वारा ₹65 लाख की बेनामी संपत्ति खरीदने और लवकुश मिश्रा के घर (गोबर के ढेर) से ₹12 लाख की अवैध नकदी बरामद की गई है।

मौजूदा स्थिति यह है कि 23-24 जून 2026 को मुख्यमंत्री को सौंपी गई इस रिपोर्ट में चंपत राय सहित 17 मुख्य लोगों को आरोपी बनाते हुए SIT ने तत्काल FIR दर्ज करने और मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की मजबूत सिफारिश की है, जिस पर अंतिम कानूनी निर्णय लिया जाना बाकी है।

2021 का जमीन विवाद गहराया

18 मार्च 2021 को अयोध्या के बाग बिजैसी क्षेत्र की एक जमीन लगभग ₹2 करोड़ में खरीदी गई और कुछ मिनट बाद वही जमीन राम मंदिर ट्रस्ट को लगभग ₹18.5 करोड़ में बेची गई। इस सौदे को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे। ट्रस्ट ने उस समय सभी आरोपों को खारिज किया था।

राम मंदिर दान विवाद: क्या ट्रस्ट का CAG ऑडिट हो सकता है?

अयोध्या राम मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन को लेकर बहस तेज हो गई है। इस बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा ऑडिट कराया जा सकता है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि यह एक सार्वजनिक धार्मिक ट्रस्ट है और सीधे सरकारी वित्त पोषण पर निर्भर नहीं है, इसलिए सामान्य परिस्थितियों में इसका CAG ऑडिट अनिवार्य नहीं है।

हालांकि, यदि अदालत या सरकार विशेष परिस्थितियों में आदेश दे तो वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र जांच या विशेष ऑडिट कराया जा सकता है। दान राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपों के बाद कई सामाजिक संगठनों और याचिकाकर्ताओं ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए CAG ऑडिट और स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं ट्रस्ट और प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के सामने आने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

2020 की ऑडिट रिपोर्ट में ही उजागर हुई थीं राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय और प्रबंधन संबंधी खामियां

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2020 में तैयार की गई एक ऑडिट रिपोर्ट ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में गंभीर प्रबंधन संबंधी खामियों की ओर संकेत किया था। रिपोर्ट में ट्रस्ट के संचालन और जवाबदेही को बेहतर बनाने के लिए एक व्यवस्थित संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने की सिफारिश की गई थी।

हालांकि, पांच साल बीत जाने के बाद भी इन सिफारिशों को लागू नहीं किया गया। ऐसे में अब जब ट्रस्ट कथित दान गबन के आरोपों को लेकर जांच के दायरे में है, तो मंदिर प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ऑडिट फर्म ने ट्रस्ट के प्रबंधन को "बेहद गैर-पेशेवर" बताया था। ऑडिट में कई अनियमितताओं को उजागर किया गया था, जिनमें व्यवस्थित रिकॉर्ड और वित्तीय लेखांकन का अभाव, लेन-देन की द्वितीय एवं तृतीय स्तर की जांच व्यवस्था न होना, तथा विभिन्न विभागों के बीच कमजोर समन्वय शामिल थे।

ऑडिट रिपोर्ट ने यह भी चेतावनी दी थी कि अनुभवहीन कर्मचारियों और खराब डेटा प्रबंधन के कारण भविष्य में वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ियों की आशंका बढ़ सकती है। पांच साल बाद सामने आए मौजूदा आरोपों ने उस चेतावनी को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

"लूट में बीजेपी नेता शामिल हैं": सपा सांसद राजीव राय

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने राम मंदिर के चंदे में हुई हेराफेरी (चोरी) की जांच में अभी तक एफआईआर (FIR) दर्ज न होने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच (जज द्वारा जांच) कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस खेल में बीजेपी नेता और उनके करीबी लोग शामिल हैं, और वे खुद को बचाने के लिए "छोटे और मासूम लोगों" को बलि का बकरा बना देंगे (यानी उन्हें फंसा देंगे)।

राजीव राय ने मीडिया से कहा कि अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। मैं पहले दिन से कह रहा हूँ कि ये लोग छोटे लोगों को फंसाकर अपना नाम साफ कर लेंगे। अगर आपको राम मंदिर में हुई चोरी की जांच सच में शुरू करनी है, तो इसकी शुरुआत जमीन की खरीद-फरोख्त से कीजिए... भगवान राम के नाम पर जो लूट हुई है, उसमें बीजेपी के तमाम बड़े नेता शामिल हैं।

राम मंदिर चढ़ावा केस में नया मोड़, चांदी के कागभुसुंडि भी गायब

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की तस्वीर
राम मंदिर चढ़ावा केस में नया मोड़, चांदी के कागभुसुंडि भी गायब [X]

राम मंदिर चढ़ावा केस में नया विस्फोट सामने आया है। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा और दान से जुड़े विवाद में अब एक और हैरान करने वाला दावा सामने आया है। आरोप है कि रामलला को दान में दिए गए चांदी के कागभुसुंडि भी गायब हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अनीता भारद्वाज नाम की महिला श्रद्धालु का दावा है कि उन्होंने महासचिव चंपत राय को चांदी के कागभुसुंडि सौंपे थे।

अब इसी पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट भी किया है। उन्होंने X पर लिखा, ''अब दान में दिये गये ‘कागभुसुंडि’ के गायब हो जाने की निंदनीय ख़बर आई है। जिस तरह हर दिन ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी का नया भंडाफोड़ हो रहा है और सनातनी आस्थावानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, उसे देखकर नेपाल और बाक़ी बार्डर बंद कर देने चाहिए, जिससे आरोपी फ़रार न हो सकें।जब अभी खुलासे हो ही रहे हैं तो SIT की जाँच क्या हासिल कर लेगी और ख़ासतौर से तब जब ये ‘जाँच’ से ज़्यादा ‘ढाँक’ के लिए बनी है या फिर ‘बाँट’ के लिए।"

6 साल पहले हुई थी वित्तीय गड़बड़ी की भविष्यवाणी !

नवंबर 2020 में एक निजी ऑडिट फर्म ने 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के वित्तीय प्रबंधन की जांच की थी। रिपोर्ट में साफ चेतावनी दी गई थी कि ट्रस्ट का चंदा प्रबंधन बेहद 'गैर-पेशेवर' है और पैसों व चढ़ावे का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है। ऑडिट ने गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े नियम (SOP) बनाने की सलाह दी थी, जिसे ट्रस्ट ने नजरअंदाज कर दिया। आज 6 साल बाद वही वित्तीय गड़बड़ी सच साबित हो गई है।

रामलला चढ़ावा घोटाला: VHP की महाबैठक स्थगित

अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों के चढ़ावा घोटाले और जमीन हेराफेरी के आरोपों से विश्व हिंदू परिषद में भारी हलचल है। इसी विवाद के कारण विहिप ने अयोध्या की पांच दिवसीय महाबैठक (25 से 29 जून) स्थगित कर दी है। संतों ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के खातों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। इस मामले में एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपकर पारदर्शिता के लिए पूरे ट्रस्ट के पुनर्गठन की बड़ी सिफारिश की है।

सिंधी समुदाय के दान और रसीद पर कैसल्स ग्रुप के एमडी का बड़ा बयान

सिंधी समुदाय के दान और रसीद पर कैसल्स ग्रुप के एमडी का बड़ा बयान
सिंधी समुदाय के दान और रसीद पर कैसल्स ग्रुप के एमडी का बड़ा बयान X

कैसल्स ग्रुप के एमडी डॉ. राजू वी. मनवानी ने अयोध्या राम मंदिर को 2021 में सिंधी समुदाय द्वारा दान की गई 200 चांदी की ईंटों के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि 2 करोड़ रुपये से अधिक की इस खेप की रसीद नहीं मिली थी।

बता दें कि उन्होंने चंपत राय से रसीद और विवरण मांगा है और दोषियों के खिलाफ एसआईटी जांच व सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है। यह मामला दान की गई वस्तुओं की पारदर्शिता और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाता है।

डॉ मुनीश कुमार रायजादा ने की लोगों से अपील

कैमरे के सामने देखकर बोलते डॉ. मुनीश कुमार रायज़ादा, गंभीर मुद्रा में नज़र आ रहे हैं।
डॉ मुनीश कुमार रायजादा ने की लोगों से अपीलX

राम मंदिर के विवाद के बीच राजनीतिक विश्लेषक डॉ मुनीश कुमार रायजादा ने सभी राम भक्तों और अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की। उन्होंने X पर लिखा कि कृपया राम मंदिर को दान देना तब तक रोक दें जब तक दान की चंदा चोरी के आरोपों की पूरी जांच नहीं हो जाती और संबंधित पक्ष (राम मंदिर ट्रस्ट, उत्तर प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा RSS) इस मुद्दे पर दूध का दूध और पानी का पानी नहीं करते।

SIT की जाँच में क्या सामने आया?

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

SIT की रिपोर्ट के अनुसार दानपात्रों से भारी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण गायब किए गए हैं। जांच में सुरक्षा की बड़ी चूक सामने आई है और डोनेशन रूम के पुराने सीसीटीवी फुटेज भी गायब मिले हैं। इस वित्तीय हेरफेर में करीब 20 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिन पर तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करने की सिफारिश की गई है।

शुरुआती अनुमानों के अनुसार, ये गबन ₹200 करोड़ से अधिक का हो सकता है। साथ ही, मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन और पारदर्शी व्यवस्था के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बनाने का सुझाव दिया गया है।

वहीं, SIT हेड ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है, इसलिए रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। इसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया है ताकि सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो।

राम मंदिर दान गणना कक्ष में सख्त नियम

अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे की सुरक्षा के लिए बेहद सख्त नियम लागू किए गए हैं। कैश काउंटिंग रूम में अब मोबाइल, बैग और पर्स ले जाने पर पूरी तरह रोक है। कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले विशेष वस्त्र (यूनिफॉर्म) पहनना अनिवार्य किया गया है। मंदिर ट्रस्ट और एसआईटी ने करोड़ों रुपये की नकदी में कथित हेराफेरी की शिकायत के बाद यह कदम उठाया है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी हो रही है।

मंदिर के 50 कर्मचारियों पर गिरी गाज

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में हुई करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में मंदिर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए गिनती करने वाले 50 कर्मचारियों को उनके पदों से हटा दिया है; साथ ही इस घोटाले की जांच कर रही पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) द्वारा 42 से अधिक संदिग्धों से सघन पूछताछ की जा चुकी है जिसके आधार पर आज ही दो एफआईआर (FIR) दर्ज होने की पूरी संभावना है।

जांच के दौरान ₹18,000-₹20,000 जैसी कम सैलरी पर काम करने वाले एक मुख्य आरोपी कर्मचारी (लवकुश मिश्रा) द्वारा ₹1.5 करोड़ की बेनामी जमीन खरीदने और उसके घर से ₹10 लाख कैश मिलने का खुलासा हुआ है, जबकि एक अन्य कर्मचारी द्वारा भी ₹40 लाख का प्लॉट खरीदा गया है। इस प्रकार मामले में अब तक कुल करीब ₹1.5 करोड़ की अवैध संपत्ति और कैश की बरामदगी की जा चुकी है।

SIT ने गृह विभाग को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट

SIT ने गृह विभाग को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट
SIT ने गृह विभाग को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्टians

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेरी और चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई है। हालांकि, जांच प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट बाद में प्रस्तुत की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग के बाद इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने अयोध्या में छह दिनों तक रहकर मामले की गहन जांच की।

जांच के दौरान एसआईटी ने मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों, ट्रस्ट से संबद्ध लोगों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों सहित पांच दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की। टीम ने चढ़ावे की गणना, उसके रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की।

लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि यह एक गोपनीय जांच है और फिलहाल केवल प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। जांच से जुड़े तथ्यों और निष्कर्षों को रिपोर्ट में शामिल कर शासन को अवगत कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच की कार्यवाही अभी जारी है और कई बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे शासन को सौंपा जाएगा।

अब तक कितने लोगों के नाम सामने आए

अयोध्या राम मंदिर चंदे हेरफेर मामले में एसआईटी जांच के तहत अब तक 150 से अधिक संदिग्ध रडार पर आए हैं, जिनमें से 14 लोगों को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना गया है। इनमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, व्यवस्थापक गोपाल राव और अनिल मिश्रा शामिल हैं। इसके अलावा सीधे संलिप्तता में लवकुश मिश्रा, टिन्नू यादव, सोमेश आनंद और दान गिनने वाले कर्मचारियों सहित कुछ पुजारियों से पूछताछ कर ₹2 करोड़ कैश और सोना बरामद किया गया है।

आज तक रसीद नहीं मिली: डॉ. राजू मनवानी

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं की चल रही जांच के बीच, विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजू मनवानी का 200 किलो चांदी की ईंटों से जुड़ा एक गंभीर दावा सामने आया है। उन्होंने कहा कि 2018 में सिंधी समाज ने राम मंदिर के लिए 200 किलो चांदी की ईंटें चंपत राय को सौंपी थीं, जिनकी रसीद आज तक नहीं मिली। मंदिर में चोरी की खबरों से समाज चिंतित है। हमारा उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि राम भक्तों के दान की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हम इसकी पूरी जांच की मांग करते हैं।

कन्हैया कुमार ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला

कन्हैया कुमार ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला
कन्हैया कुमार ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलाians

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खुद को देश का 'चौकीदार' बताने वाले लोग आज प्रभु श्री राम का चढ़ावा और करोड़ों रुपये का चंदा चुरा रहे हैं। हालिया नीट पेपर लीक और चुनावी अनियमितताओं को जोड़ते हुए उन्होंने नारा दिया, "चंदाचोर-वोटचोर-पेपरचोर, गद्दी छोड़-गद्दी छोड़"।

गोपाल राव को विनय कटियार ने कहा कालिया

गोपाल राव को विनय कटियार ने कहा कालिया
गोपाल राव को विनय कटियार ने कहा कालिया X

राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेता रहे विनय कटियार ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि "चंपत राय को क्लीन चिट देने का सवाल ही नहीं उठता, वो 'कालिया' (गोपाल राव) अभी तो दत्ता जी और सरसंघचालक के पास गया है।" कटियार ने आरोप लगाया कि गोपाल राव ही वहां सबकुछ संभालते थे और मंदिर के चढ़ावे में हुई इस कथित चोरी को देश की सबसे बड़ी डकैती करार दिया।

दीनानाथ वर्मा ने लगाया कमीशन लेने का आरोप

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भ्रष्टाचार और चढ़ावा चोरी से जुड़ी बड़ी अपडेट। पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर निर्माण कार्यों में 40% कमीशन लेने और महासचिव चंपतराय पर मौन रहने का आरोप लगाया है। वहीं, SIT जांच में दानपात्रों से नकदी निकालने में लापरवाही, सीसीटीवी से छेड़छाड़ और कैश गिनने वाले कर्मियों की जांच न होने जैसी गंभीर खामियां मिली हैं।

अयोध्या सांसद ने एसआईटी जांच को बताया बेकार

अयोध्या सांसद ने एसआईटी जांच को बताया बेकार
अयोध्या सांसद ने एसआईटी जांच को बताया बेकारians

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर एसआईटी जांच को बेकार बताते हुए आरोप लगाया कि जिस राम मंदिर के नाम पर भाजपा सत्ता में आई, उसी में घोटाला हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार एक साल के भीतर गिर जाएगी। नीट-यूजी री-एग्जाम से पहले हुई मॉकड्रिल को उन्होंने "ड्रामा" करार देते हुए कहा कि सरकार राम मंदिर विवाद से ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने दस्तावेज नवीसों के कामकाज ठप होने और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश की समस्याओं का समाधान केवल सपा सरकार बनने से ही संभव है।

पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने लिखित शिकायत दर्ज कराई

पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने लिखित शिकायत दर्ज कराई
पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने लिखित शिकायत दर्ज कराईX

पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने चंपत राय सहित चार पदाधिकारियों पर सीधे ₹200 करोड़ की हेराफेरी का आरोप लगाया है। उन्होंने ऐतिहासिक सोने-चांदी की ईंटें गायब करने का दावा करते हुए पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

पद से हटाए जाएंगे चंपत राय

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत रायWikimedia

अयोध्या राम मंदिर दान घोटाले में कल (22 जून) एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ। जांच में जनवरी-फरवरी 2025 के महाकुंभ काल के दान दस्तावेजों में भारी हेराफेरी और सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ पकड़ी गई है। महासचिव चंपत राय सहित 150 संदिग्धों के अयोध्या छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। अब चंपत राय को पद से हटाए जाने की चर्चा तेज है।

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या का राम मंदिर इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर ट्रस्ट के फंड और ज़मीन के लेन-देन से जुड़े उन वास्तविक मामलों पर, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान खींचा है। आज हम बात कर रहे हैं बाग बिजेसी ज़मीन विवाद की, जिसमें प्रॉपर्टी डीलर सुल्तान अंसारी, रवि मोहन तिवारी और स्थानीय नेताओं के नाम सामने आए थे, जहाँ चंद मिनटों में ज़मीन की कीमत ₹2 करोड़ से ₹18.5 करोड़ हो गई थी। इसके साथ ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। आज के इस लाइव में हम इन ज़मीनी सौदों के दस्तावेज़ों, कोर्ट के रुख और ट्रस्ट के ऑडिट की असलियत पर बात करेंगे।

अगर हम इस पूरे मामले के मुख्य किरदारों की बात करें, तो इसमें सबसे पहला नाम आता है हरीश पाठक और कुसुम पाठक का, जो इस विवादित ज़मीन के मूल मालिक थे। इसके बाद एंट्री होती है दो प्रॉपर्टी डीलर्स की, सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी। इन दोनों ने पाठक परिवार से वह ज़मीन महज ₹2 करोड़ में तय की और आश्चर्यजनक रूप से, कुछ ही मिनटों के भीतर उसी ज़मीन को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ₹18.5 करोड़ में बेच दिया। इस ₹16.5 करोड़ के भारी मुनाफे ने सबको चौंका दिया। इस पूरे सौदे में गवाह के तौर पर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और अयोध्या के तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के नाम सामने आए, जिसके कारण यह मामला सीधे जांच के दायरे में आ गया।

7 दिन पहले ही 'चढ़ावा घोटाले' और वित्तीय गड़बड़ी को लेकर एसआईटी की टीम गठित हो गई थी लेकिन अभी तक प्रारंभिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में हम आपको इस लाइव में पल-पल की अपडेट देते रहेंगे। हमारे साथ बने रहें।

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